पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड February 05, 2025, 12:34 IST
सारांश
8th Pay Commission Terms of Reference: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट 2025 के पहले की गई बैठक में ट्रेड यूनियनों ने आयोग के गठन की मांग को दोहराया था।

साल 2016 में बनाए गए 7वें वेतन आयोग की अवधि 2026 में समाप्त हो रही है।
लंबे वक्त से उठ रही 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की मांग को मानते हुए केंद्र सरकार ने बजट 2025 के पहले इसका ऐलान कर दिया था। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को इससे राहत की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट 2025 के पहले की गई बैठक में ट्रेड यूनियनों ने आयोग के गठन की मांग को दोहराया था। भारतीय मजदूर संघ के संगठन सचिव (उत्तरी क्षेत्र) पवन कुमार ने ऐसी ही एक बैठक में आयोग के तत्काल गठन की मांग की थी।
अब नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने केंद्र सरकार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को लेकर सुझाव दिए हैं।
केंद्र सरकार के कर्मचारी: औद्योगिक और गैर-औद्योगिक ऑल इंडिया सर्विसेज के कर्मचारी रक्षा बलों और पैरा-मिलिटरी फोर्सेज के कर्मचारी पोस्टल डिपार्टमेंट के ग्रामीण डाक सेवक केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी और कर्मचारी भारतीय ऑडिट और अकाउंट्स डिपार्टमेंट के अधिकारी और कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी संसद के कानून के तहत बनाई गई रेग्युलेटरी संस्थाओं के सदस्य (भारतीय रिजर्व बैंक को छोड़कर) केंद्र सरकार के स्वायत्त निकायों और संस्थानों के कर्मचारी
1 जनवरी, 2026 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक व्यापक संशोधित वेतन पैकेज तैयार करना। 15वें भारतीय मजदूर अधिवेशन में ‘डीसेंट ऐंड डिग्निफाइड लिविंग वेज’ का सुझाव दिया गया। कमीशन वेतन का ढांचा, बेनिफिट, फसिलटीज, रिटायरमेंट बेनिफिट्स वगैरह तय करेगा ताकि सुझाव के हिसाब से न्यूनतम वेतन तय किया जा सके।
साल 2019 में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने नेशनल मिनिमम वेज पॉलिसी के लिए एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई थी जिसने उपभोग की यूनिट को 3 पारिवारिक इकाइयों से बढ़ाकर 3.6 पारिवारिक इखाई करने का सुझाव दिया था। 8वें वेतन आयोग को स्तर-1 को 2 से और 3 को 4 से और 5 को 6 से मिला देना चाहिए।
MACP स्कीम में कमियों पर विचार करके सर्विस में कम से कम 5 प्रमोशन का सुझाव देना चाहिए।
केंद्रीय कर्मचारियों को ऊपर दिए गए मामलों में अंतरिम राहत के लिए फौरन प्रबंध करना चाहिए।
वेतन और पेंशन के साथ विलय के लिए डियरनेस अलाउएंस/ रिलीफ के अनुपात को तय करना चाहिए।
7वें वेतन आयोग की कमियों को सुधारना चाहिए जिनके बारे में सूचित किया गया है।
मौजूदा पेंशन, डेथ-कम-रिटायरमेंट, ग्रैच्युटी, पारिवारिक पेंशन जैसे बेनिफिट्स में सुधार करना चाहिए। हर 5 साल पर पेंशन बढ़ाने के संसदीय स्टैंडिंग कमिटी के सुझाव को मानना चाहिए।
CCS (Pension Rules) 1972 के तहत पेंशन स्कीम में 1 नवंबर 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए बदलाव किया जाना चाहिए।
CGHS पर संसदीय स्टैंडिंग कमिटी के सुझाव को आगे बढ़ाना चाहिए और कैशलेस मेडिकल सेवाओं को कर्मचारियों, पेंशनधारकों के लिए उपबल्ध कराना चाहिए।
पोस्ट-ग्रैजुएशन स्तन तक बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टेल के लिए अलाउएंस और सब्सिडी का प्रस्ताव देना चाहिए।
मौजूदा स्थिति में जरूरी अडवांस और पुराने अडवांस की समीक्षा और प्रस्ताव।
पेमेंट ऑफ रिस्क ऐंड हार्डशिप अलाउएंस को रेलवे कर्मचारियों की सभी श्रेणियों तक ले जाया जाए ताकि साल के हर दिन काम करने वाले कर्मचारियों को राहत मिल सके।
डिफेंस सिविलियन कर्मचारी जो हथियार, केमिकल, बारूद, ऐसिड बनाने का काम करते हैं, उनके खतरों को समझा जाए और स्पेशल रिस्क अलाउएंस, बीमा कवर, मुआवजा वगैरह दिया जाए।
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