पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड February 10, 2026, 13:02 IST
सारांश
जनवरी 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 14.34 प्रतिशत गिरकर 24,028.59 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, निवेशकों ने सोने (गोल्ड ईटीएफ) और डेट फंड्स में भारी दिलचस्पी दिखाई है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश 106 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है, जिससे इंडस्ट्री की कुल संपत्ति 81 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।

साल 2026 के पहले महीने में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में मिला-जुला रुख देखने को मिला है।
नए साल की शुरुआत के साथ ही म्यूचुअल फंड बाजार में निवेशकों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर बाजार से जुड़े इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। पिछले साल दिसंबर के मुकाबले इस साल जनवरी में इक्विटी फंड्स में होने वाला शुद्ध निवेश 14.34 प्रतिशत घट गया है। दिसंबर में जहां निवेशकों ने इन फंड्स में 28,054.06 करोड़ रुपये लगाए थे, वहीं जनवरी में यह आंकड़ा घटकर 24,028.59 करोड़ रुपये पर आ गया है। यह लगातार दूसरा महीना है जब इक्विटी फंड्स में आने वाले पैसे में कमी देखी गई है, जो निवेशकों के बीच थोड़ी सावधानी का संकेत दे रहा है।
इक्विटी में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन डेट म्यूचुअल फंड्स के लिए जनवरी का महीना राहत भरा साबित हुआ है। पिछले दो महीनों से लगातार बड़ी निकासी का सामना कर रहे डेट फंड्स में इस बार शानदार निवेश आया है। आंकड़ों के अनुसार, नवंबर और दिसंबर के महीनों में डेट फंड्स से काफी पैसा बाहर निकाला गया था, लेकिन जनवरी में इसमें 74,827.13 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है। यह रिकवरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिसंबर के महीने में इस कैटेगरी से करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये की बड़ी निकासी हुई थी। ऐसा लगता है कि निवेशक अब फिक्स्ड इनकम वाले विकल्पों की तरफ दोबारा लौट रहे हैं।
जनवरी महीने की सबसे बड़ी खबर गोल्ड ईटीएफ यानी सोने के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स से जुड़ी है। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है। गोल्ड ईटीएफ में होने वाला निवेश जनवरी में 106.4 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ 24,039.96 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अगर हम दिसंबर से इसकी तुलना करें, तो उस वक्त यह आंकड़ा केवल 11,646.74 करोड़ रुपये था। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ को एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना है। पिछले कुछ महीनों से इस सेगमेंट में निवेश की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए अच्छी बात यह है कि अलग-अलग कैटेगरी में हो रहे निवेश की वजह से कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम में बढ़ोतरी जारी है। पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में जनवरी के दौरान कुल 1,56,458.63 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया है। इसके चलते इंडस्ट्री की कुल संपत्ति लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 81,01,305.58 करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गई है। दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा 80.23 लाख करोड़ रुपये के करीब था। यह पहली बार है जब भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल संपत्ति ने 81 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार किया है।
अगर हम पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इक्विटी फंड्स में उतार-चढ़ाव का दौर साफ नजर आता है। पिछले साल जुलाई में सबसे अधिक 81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 42,702 करोड़ रुपये का निवेश आया था, लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। जनवरी 2025 में यह निवेश 39,687 करोड़ रुपये के लेवल पर था, जो अब घटकर 24,028 करोड़ रुपये पर आ गया है।
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