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  1. LIC म्यूचुअल फंड का बड़ा फैसला, इस स्कीम में लंपसम निवेश और नई SIP पर लगी रोक

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LIC म्यूचुअल फंड का बड़ा फैसला, इस स्कीम में लंपसम निवेश और नई SIP पर लगी रोक

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 16:54 IST

सारांश

एलआईसी म्यूचुअल फंड ने अपनी स्कीम एलआईसी एमएफ मीडियम टू लॉन्ग टर्म फंड में नए निवेश पर अस्थाई रोक लगा दी है। 16 अक्टूबर 2026 से इस फंड में लंपसम निवेश, स्विच-इन और नई एसआईपी रजिस्ट्रेशन पर रोक लग गई है।

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एलआईसी म्यूचुअल फंड ने मीडियम टू लॉन्ग टर्म फंड में लंपसम और नई एसआईपी पर अस्थाई रोक लगाई।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए SIP म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी की तरफ से एक जरूरी अपडेट सामने आया है। फंड हाउस ने अपनी स्कीम एलआईसी एमएफ मीडियम टू लॉन्ग टर्म फंड को लेकर बड़ा फैसला किया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि इस फंड में नए निवेश की प्रक्रिया को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। इसके लिए स्कीम इनफॉरमेशन डॉक्यूमेंट यानी एसआईडी, की इनफॉरमेशन मेमोरेंडम यानी केआईएम और स्टेटमेंट ऑफ एडिशनल इनफॉरमेशन में एडेंडम जारी किया गया है। यह नया नियम 16 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो चुका है, जिसके बाद स्कीम में नया पैसा लगाने पर रोक लग गई है।

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लंपसम और नई एसआईपी पर लगी अस्थाई रोक

एलआईसी म्यूचुअल फंड के इस आधिकारिक नोटिस के मुताबिक LIC NF मीडियम टू लॉन्ग टर्म फंड में एकमुश्त यानी लंपसम निवेश को रोक दिया गया है। इसका मतलब है कि अब कोई भी निवेशक इस स्कीम में सीधे एकमुश्त राशि जमा नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही फंड में स्विच-इन ट्रांजैक्शन की सुविधा भी अस्थाई रूप से बंद कर दी गई है। यानी किसी अन्य स्कीम से पैसा इस स्कीम में ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके अलावा फंड हाउस ने नए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी के नए रजिस्ट्रेशन स्वीकार करने पर भी तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।

पुराने निवेशकों की SIP पर क्या होगा असर?

इस बदलाव के बीच उन निवेशकों के लिए राहत की बात है जो पहले से इस फंड में सिस्टमैटिक तरीके से निवेश कर रहे हैं। फंड हाउस ने साफ किया है कि जिन निवेशकों की एसआईपी या एसटीपी रजिस्ट्रेशन 16 अक्टूबर 2026 से पहले की है, उनका निवेश पहले की तरह ही सामान्य रूप से जारी रहेगा। ऐसे मौजूदा निवेशकों की नियमित किस्तों को लागू एनएवी यानी नेट एसेट वैल्यू के आधार पर प्रोसेस किया जाता रहेगा। यह प्रक्रिया स्कीम के तय नियमों और शर्तों के अनुसार ही होगी। इसलिए जिन लोगों की किस्तें पहले से कट रही हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।

कंपनी ने बताया है कि यह नोटिस सह एडेंडम समय-समय पर संशोधित होने वाले एलआईसी एमएफ मीडियम टू लॉन्ग टर्म फंड के स्कीम इनफॉरमेशन डॉक्यूमेंट और की इनफॉरमेशन मेमोरेंडम का अभिन्न हिस्सा माना जाएगा। यानी इस स्कीम के वैधानिक दस्तावेजों में इस बदलाव को औपचारिक रूप से दर्ज कर दिया गया है। फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि नए निवेश पर रोक के अलावा स्कीम से जुड़े अन्य सभी नियम और शर्तें पूरी तरह से पहले जैसे ही रहेंगे। उनमें कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया है।

म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह रोक केवल अस्थाई तौर पर लगाई गई है। जब भी फंड हाउस इस स्कीम में नए निवेश को दोबारा शुरू करने का फैसला करेगा, तब इसकी जानकारी साझा की जाएगी। तब तक के लिए जो निवेशक इस फंड में नई एसआईपी शुरू करने या एकमुश्त पैसा लगाने की सोच रहे थे, उन्हें इंतजार करना होगा। 16 अक्टूबर 2026 के बाद से फंड हाउस किसी भी नए रजिस्ट्रेशन या लंपसम आवेदन को स्वीकार नहीं कर रहा है। इसलिए निवेशकों को निवेश करते समय इन नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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