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3 min read | अपडेटेड November 25, 2025, 16:37 IST
सारांश
अगर आपका इनकम टैक्स रिफंड अभी तक नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सीबीडीटी चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों और डेटा मिसमैच की वजह से देरी हो रही है।

इनकम टैक्स रिफंड आने में क्यों हो रही है देरी?
इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब देश भर के लाखों टैक्सपेयर्स अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों के खाते में पैसा आ चुका है, लेकिन एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनका रिफंड अभी तक अटका हुआ है। अगर आप भी उन्हीं लोगों में शामिल हैं जो रोज अपना बैंक खाता चेक करते हैं, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। केंद्रीय डायरेक्ट टैक्स बोर्ड यानी सीबीडीटी के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने हाल ही में रिफंड में हो रही देरी को लेकर खुलकर बात की है और इसके पीछे के कारणों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि आखिर क्यों कुछ लोगों का पैसा अटक गया है और यह कब तक मिलने की उम्मीद है।
सीबीडीटी चेयरमैन रवि अग्रवाल के अनुसार, इस साल टैक्स विभाग तकनीक का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके। रिफंड में देरी का सबसे बड़ा कारण सूचनाओं का मिलान न होना है। जब कोई टैक्सपेयर अपना आईटीआर भरता है, तो विभाग उसके द्वारा दी गई जानकारी को एआईएस और टीआईएस डेटा से मिलाता है। अगर आपके दावे और विभाग के पास मौजूद आंकड़ों में अंतर पाया जाता है, तो रिफंड को रोक दिया जाता है। इसके अलावा, कई मामलों में करदाताओं ने अपनी आय को सही तरीके से घोषित नहीं किया है या फिर गलत कटौती का दावा किया है, जिसके कारण सिस्टम ने उनके रिफंड को होल्ड पर डाल दिया है।
रिफंड अटकने का एक और बड़ा कारण बैंक खाते का वैलिड न होना है। चेयरमैन ने बताया कि कई टैक्सपेयर्स ने अपना आईटीआर भरते समय जिस बैंक खाते की जानकारी दी है, वह या तो पहले से बंद हो चुका है या फिर ई-फाइलिंग पोर्टल पर वैलिड नहीं है। नियम के मुताबिक, रिफंड केवल उसी खाते में आता है जो पैन कार्ड से लिंक हो और पोर्टल पर पहले से वैलिडेट हो। अगर आपके बैंक का आईएफएससी कोड बदल गया है या केवाईसी अधूरी है, तो भी पैसा आने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप पोर्टल पर जाकर अपने बैंक खाते की स्थिति जरूर चेक कर लें।
विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी टैक्सपेयर पर पिछले सालों का कोई टैक्स बकाया है, तो उसे इस साल के रिफंड से एडजस्ट किया जा रहा है। कई लोगों को इनकम टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस भेजा गया है, लेकिन उन्होंने उसका जवाब नहीं दिया। ऐसे में विभाग ने उनके रिफंड को रोक लिया है। सीबीडीटी का कहना है कि जैसे ही करदाता इन नोटिस का जवाब देंगे या अपनी पेंडिंग डिमांड को क्लीयर करेंगे, उनका बचा हुआ रिफंड जारी कर दिया जाएगा।
टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए
अगर आपका रिफंड रुका हुआ है, तो सबसे पहले आपको अपना ईमेल चेक करना चाहिए। इनकम टैक्स विभाग किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर ईमेल के जरिए सूचना देता है। इसके अलावा आप ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करके 'नो योर रिफंड स्टेटस' विकल्प के जरिए अपनी स्थिति जान सकते हैं। अगर वहां 'रिफंड फेल' लिखा आ रहा है, तो आपको रिफंड री-इश्यू की रिक्वेस्ट डालनी होगी। चेयरमैन ने आश्वासन दिया है कि जिन लोगों के दस्तावेज सही हैं और कोई मिसमैच नहीं है, उनका पैसा बहुत जल्द जारी कर दिया जाएगा।
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