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ITR Filing Deadline: इस बार आईटीआर फॉर्म से तय होगी रिटर्न भरने की डेडलाइन, यहाँ जानें नया कैलेंडर

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड June 30, 2026, 17:09 IST

सारांश

अगर आप नौकरीपेशा हैं, पेंशन पाते हैं या ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरते हैं, जिसमें सैलरी, ब्याज से होने वाली आय, कैपिटल गेन या एक-दो मकानों से होने वाली आय शामिल होती है, तो आपके लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी।

ITR

ITR दाखिल करने से पहले अपने Form 16, Form 26AS और AIS का आपस में मिलान जरूर करें।

ITR Filing Deadline: अगर आप हर साल जुलाई में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भर देते हैं, तो इस बार थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने अलग-अलग टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की है। यानी अब हर किसी के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख नहीं होगी। आपकी रिटर्न फाइलिंग डेडलाइन इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कौन-सा ITR फॉर्म भरते हैं।
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इन लोगों को 31 जुलाई तक भरना होगा ITR

अगर आप नौकरीपेशा हैं, पेंशन पाते हैं या ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरते हैं, जिसमें सैलरी, ब्याज से होने वाली आय, कैपिटल गेन या एक-दो मकानों से होने वाली आय शामिल होती है, तो आपके लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी।

बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय

जिन लोगों की आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जिनका टैक्स ऑडिट नहीं होता, जैसे फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट, छोटे कारोबारी, पार्टनर या प्रिजम्पटिव टैक्सेशन वाले टैक्सपेयर्स, उन्हें इस बार एक महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा। ITR-3 और ITR-4 भरने वालों की नई अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 होगी। इससे उन्हें अपने खातों का मिलान करने और सही तरीके से रिटर्न भरने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

31 अक्टूबर

जिन मामलों में टैक्स ऑडिट जरूरी होता है, उनके लिए पहले की तरह ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 रहेगी। हालांकि, ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक जमा करनी होगी। वहीं, ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों के लिए अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 ही रहेगी।

रिवाइज्ड रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन

इस साल एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अगर ITR भरने के बाद आपको कोई गलती पता चलती है, जैसे सेक्शन 80C का दावा छूट गया हो, AIS या Form 26AS में कोई अंतर हो या कोई जानकारी गलत भर गई हो, तो अब उसे सुधारने के लिए पहले से ज्यादा समय मिलेगा। पहले रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर होती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है।

बिलेटेड रिटर्न कब तक कर सकेंगे फाइल?

अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं कर पाते हैं, तब भी 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए आयकर कानून की धारा 234F के तहत ₹5000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। यदि आपकी कुल आय ₹5 लाख से कम है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी। इसके अलावा, बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।

देर से ITR भरने का नुकसान सिर्फ लेट फीस तक सीमित नहीं है। अगर आप समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो पुराने टैक्स रिजीम को चुनने का अधिकार भी खो सकते हैं और डिफॉल्ट रूप से नए टैक्स रिजीम में चले जाएंगे। साथ ही, कुछ तरह के नुकसान को अगले साल के लिए आगे ले जाने का फायदा भी नहीं मिलेगा।

ITR दाखिल करने से पहले अपने Form 16, Form 26AS और AIS का आपस में मिलान जरूर करें। साथ ही, पुराने और नए टैक्स रिजीम की तुलना करके ही सही विकल्प चुनें। रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना भी जरूरी है, तभी आपकी ITR प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।

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