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ITR filing 2025: 15 सितंबर तक नहीं भर पाए रिटर्न? समझिए आगे क्या हैं ऑप्शंस

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 15, 2025, 17:40 IST

सारांश

ITR filing 2025: टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) द्वारा आईटीआर पोर्टल में कई गड़बड़ियों की शिकायत की जा रही है। शिकायतों में पोर्टल को बीच-बीच में एक्सेस न कर पाना, एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) या फॉर्म-26AS डाउनलोड न कर पाना शामिल हैं। ऐसे में हो सकता है काफी लोग आज ITR फाइल न कर पाएं।

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ITR: टैक्सपेयर्स आज के बाद भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए जुर्माना देना होगा।

ITR filing 2025: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बिना किसी जुर्माने के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आज 15 सितंबर को लास्ट डेट है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने साफ कर दिया है कि यह डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि, टैक्सपेयर्स आज के बाद भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए जुर्माना देना होगा।
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ITR पोर्टल में गड़बड़ियों की शिकायत

टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) द्वारा आईटीआर पोर्टल में कई गड़बड़ियों की शिकायत की जा रही है। शिकायतों में पोर्टल को बीच-बीच में एक्सेस न कर पाना, एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) या फॉर्म-26AS डाउनलोड न कर पाना शामिल हैं। ऐसे में हो सकता है काफी लोग आज ITR फाइल न कर पाएं।

क्या 15 सितंबर के बाद भी भर सकते हैं ITR?

आयकर रिटर्न फाइल करने की असली आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 थी, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 15 सितम्बर 2025 कर दिया था। अगर आप इस समय सीमा तक रिटर्न नहीं भरते हैं, तो भी आपके पास 31 दिसम्बर 2025 तक बिलेटेड या रिवाइज्ड रिटर्न भरने का मौका रहेगा। इसके बाद आखिरी विकल्प अपडेटेड रिटर्न का है, जिसे 31 मार्च 2030 तक भरा जा सकता है।

कितना देना होगा जुर्माना

यदि आप 15 सितम्बर तक रिटर्न नहीं भरते हैं, तो 31 दिसम्बर तक आप बेलेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। हालांकि, इस स्थिति में आपको जुर्माना और अन्य नुकसान सहने पड़ेंगे। यह जुर्माना सामान्य तौर पर ₹5000 है, लेकिन अगर आपकी सालाना आय ₹5 लाख से कम है तो यह सिर्फ ₹1000 होगा। इसके अलावा, अगर आपने शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचकर कोई नुकसान उठाया है, तो उस कैपिटल लॉस को आप अगले सालों में आगे नहीं ले जा पाएंगे। जो लोग पुरानी टैक्स रिजीम चुनते हैं, उन्हें डिडक्शन और छूट का लाभ भी नहीं मिलेगा।

31 दिसंबर के बाद क्या है ऑप्शन?

अगर आप 31 दिसम्बर तक भी रिटर्न नहीं भरते हैं, तो भी आपके पास एक और विकल्प बचा रहता है जिसे अपडेटेड रिटर्न कहते हैं। यह सुविधा 2022 में शुरू की गई थी और इसके जरिए आप अगले 48 महीनों यानी 4 साल तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर वित्त वर्ष 2024-25 का अपडेटेड रिटर्न 31 मार्च 2030 तक फाइल किया जा सकता है।

हालांकि, अपडेटेड रिटर्न तभी फाइल किया जा सकता है जब आप अपनी आय को बढ़ाकर दिखाना चाहते हों और उस पर अतिरिक्त टैक्स चुकाना चाहते हों। इसका इस्तेमाल आप नुकसान दिखाने, ज्यादा रिफंड पाने या टैक्स कम करने के लिए नहीं कर सकते। साथ ही, एक बार भरने के बाद इस रिटर्न को संशोधित नहीं किया जा सकता।

इस सुविधा का उपयोग करने पर आपको अतिरिक्त टैक्स भी देना पड़ता है। अगर आप आकलन वर्ष खत्म होने के 12 महीने के भीतर अपडेटेड रिटर्न भरते हैं, तो आपको 25% अतिरिक्त टैक्स देना होगा। यह प्रतिशत 24 महीने में 50%, 36 महीने में 60% और 48 महीने में 70% तक बढ़ जाता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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