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4 min read | अपडेटेड April 14, 2026, 13:46 IST
सारांश
इनकम टैक्स का मतलब सिर्फ ITR फाइल करना नहीं है। इसमें पूरे साल टीडीएस, टीसीएस और एडवांस टैक्स की कई अहम तारीखें होती हैं। अगर आप भी मोटा जुर्माना और ब्याज भरने से बचना चाहते हैं, तो वित्त वर्ष 2026-27 के इस पूरे टैक्स कैलेंडर को समझ लें।

इनकम टैक्स विभाग द्वारा निर्धारित की गई जरूरी तारीखों का पूरा ब्योरा।
अक्सर लोग साल भर टैक्स की बातों को नजरअंदाज करते हैं और सिर्फ 31 जुलाई की आखिरी तारीख का इंतजार करते हैं। यहीं सबसे बड़ी गलती होती है क्योंकि इनकम टैक्स का मतलब सिर्फ आईटीआर फाइल करना नहीं है। इसमें टीडीएस, टीसीएस और एडवांस टैक्स जैसे कई जरूरी काम होते हैं जिनकी अलग-अलग डेडलाइन होती है। अगर आपने एक भी तारीख मिस की, तो आपको भारी पेनेल्टी, ब्याज और सरकारी नोटिस तक का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए स्मार्ट टैक्सपेयर बनने के लिए आपको वित्त वर्ष 2026-27 का पूरा कैलेंडर समझना होगा क्योंकि टैक्स प्लानिंग पूरे साल चलने वाला ऑपरेशन है। इसकी शुरुआत अप्रैल से ही हो जाती है और मार्च तक चलती है।
नए वित्त वर्ष की शुरुआत होते ही अप्रैल 2026 में कुछ जरूरी काम निपटाने होते हैं। 14 अप्रैल तक टीडीएस सर्टिफिकेट्स जारी करना जरूरी होता है। इसके बाद 30 अप्रैल तक मार्च महीने का टीडीएस और टीसीएस जमा करने की डेडलाइन होती है। इसी समय फॉर्म 15जी और 15एच भी जमा किए जाते हैं। मई के महीने में भी काम कम नहीं होता। 7 मई तक अप्रैल का टीडीएस जमा करना होता है, जबकि 15 मई तक टीसीएस की तिमाही स्टेटमेंट देनी पड़ती है। 31 मई तक पैन एप्लीकेशन और एसएफटी रिपोर्टिंग जैसे काम पूरे करने होते हैं। अगर इन शुरुआती तारीखों में चूक हुई, तो आगे चलकर आपकी टैक्स कैलकुलेशन बिगड़ सकती है।
जून 2026 टैक्स प्लानिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। 7 जून तक टीडीएस जमा करने के बाद 15 जून की तारीख आती है, जो एडवांस टैक्स की पहली किस्त के लिए होती है। इसी महीने में फॉर्म 16 मिलता है, जिसे अब फॉर्म 130 भी कहा जा रहा है। इसके बाद जुलाई का महीना आता है, जिस पर सबकी नजर रहती है। 31 जुलाई सैलरी वाले लोगों और उन टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख होती है जिनका ऑडिट नहीं होना है। यह पूरे साल की सबसे बड़ी डेडलाइन मानी जाती है। अगर इस दिन तक रिटर्न फाइल नहीं हुआ, तो पेनेल्टी का लगना एकदम तय हो जाता है।
टैक्स के इस पूरे कैलेंडर में एडवांस टैक्स का बहुत बड़ा रोल है। सरकार टैक्स को एक साथ लेने के बजाय चार किस्तों में लेती है। इसकी पहली किस्त 15 जून तक जाती है जिसमें कुल टैक्स का 15 पर्सेंट देना होता है। दूसरी किस्त 15 सितंबर तक जाती है जिसमें 45 पर्सेंट हिस्सा जमा करना पड़ता है। तीसरी किस्त 15 दिसंबर तक होती है जिसमें 75 पर्सेंट भुगतान जरूरी है। आखिरी किस्त 15 मार्च तक देनी होती है जिसमें पूरे 100 पर्सेंट टैक्स का भुगतान करना होता है। अगर कोई टैक्सपेयर इन किस्तों को समय पर नहीं भरता है, तो उसे बकाया राशि पर भारी ब्याज देना पड़ता है। इसलिए एडवांस टैक्स की जागरूकता बहुत जरूरी है।
जिन लोगों का बिजनेस बड़ा है या जिनके खातों का ऑडिट होना जरूरी है, उनके लिए 31 अक्टूबर की तारीख बहुत खास होती है। यह उनके लिए आईटीआर फाइल करने की आखिरी डेडलाइन है। इसके बाद 30 नवंबर तक ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट जमा करनी होती है। साल का अंत यानी 31 दिसंबर उन लोगों के लिए आखिरी मौका होता है जिन्होंने जुलाई या अक्टूबर की डेडलाइन मिस कर दी थी। इसे बिलेटेड या रिवाइज्ड आईटीआर भरने की अंतिम तारीख कहा जाता है। इसके बाद रिटर्न फाइल करने का मौका पूरी तरह खत्म हो जाता है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
जनवरी से मार्च 2027 का समय मुख्य रूप से टैक्स सेविंग और प्लानिंग का होता है। इस दौरान आपको अपने इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने होते हैं। 15 मार्च तक एडवांस टैक्स का आखिरी भुगतान करने के बाद 31 मार्च की तारीख सबसे बड़ी होती है। इस दिन तक आपको पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत छूट पाने के लिए अपना सारा टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट पूरा करना होता है। इस तरह अप्रैल से शुरू होकर मार्च तक चलने वाला यह कैलेंडर आपकी पूरी टैक्स जर्नी को कंट्रोल करता है।
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