पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड December 10, 2025, 14:39 IST
सारांश
अक्सर निवेशक पुराने म्यूचुअल फंड निवेश को भूल जाते हैं या बैंक डिटेल बदलने से पैसा अटक जाता है। इसे अनक्लेम्ड अमाउंट कहते हैं। आप एएमसी की वेबसाइट या एमएफ सेंट्रल पर जाकर इसे चेक कर सकते हैं और फॉर्म भरकर ब्याज समेत पैसा वापस पा सकते हैं।

अनक्लेम्ड डिविडेंड या रिडेम्पशन का पैसा वापस पाने का आसान तरीका
म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बाद कई बार लोग इसे भूल जाते हैं, या फिर पते और बैंक खाते में बदलाव के कारण उनका पैसा उन तक नहीं पहुंच पाता। इसे 'अनक्लेम्ड डिविडेंड' या 'अनक्लेम्ड रिडेम्पशन' कहा जाता है। सेबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास हजारों करोड़ रुपये की ऐसी रकम पड़ी है जिसका कोई दावेदार नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपका या आपके परिवार का कोई पुराना पैसा फंसा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप कुछ आसान सवालों के जवाब के जरिए समझ सकते हैं कि यह पैसा कैसे वापस पाया जा सकता है।
जब कोई म्यूचुअल फंड हाउस आपको डिविडेंड या रिडेम्पशन का चेक भेजता है और वह कैश नहीं हो पाता, तो वह पैसा अनक्लेम्ड माना जाता है। यह तब होता है जब चेक एक्सपायर हो जाए, पता गलत हो या बैंक खाता बंद हो चुका हो। अगर यह पैसा तीन साल से ज्यादा समय तक क्लेम नहीं किया जाता, तो म्यूचुअल फंड कंपनियां इसे अलग फंड में डाल देती हैं, लेकिन इस पर निवेशक का अधिकार बना रहता है।
इसे चेक करने के अब कई ऑनलाइन तरीके मौजूद हैं। सबसे पहले आप संबंधित म्यूचुअल फंड कंपनी (AMC) की वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहां 'अनक्लेम्ड डिविडेंड/रिडेम्पशन' का एक सेक्शन होता है। वहां अपना पैन नंबर, फोलियो नंबर या जन्मतिथि डालकर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा आप एमएफ सेंट्रल (MF Central) की वेबसाइट या रजिस्ट्रार (CAMS/KFintech) की वेबसाइट पर जाकर भी अपने सभी म्यूचुअल फंड्स का स्टेटस एक साथ देख सकते हैं।
अगर आपको अनक्लेम्ड रकम मिल जाती है, तो उसे क्लेम करने के लिए आपको 'अनक्लेम्ड रिडेम्पशन/डिविडेंड क्लेम फॉर्म' भरना होगा। यह फॉर्म एएमसी की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। फॉर्म के साथ आपको अपना पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ और बैंक का सबूत (कैंसिल चेक या पासबुक की कॉपी) जमा करना होगा। अगर आपकी केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं है, तो पहले उसे अपडेट करवाएं। दस्तावेज जमा करने के बाद वेरिफिकेशन होगा और पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगा।
हां, सेबी के नियमों के अनुसार आपको इस पैसे पर ब्याज मिलता है। अगर आपने रिडेम्पशन के तीन साल के भीतर क्लेम किया है, तो आपको उस अनक्लेम्ड रकम पर मिला ब्याज भी दिया जाएगा। यह ब्याज दर लिक्विड फंड्स के रिटर्न के आधार पर तय होती है। हालांकि, तीन साल के बाद के ब्याज का इस्तेमाल निवेशक शिक्षा (Investor Education) के लिए किया जाता है, लेकिन मूल राशि और तीन साल तक का ब्याज आपको जरूर मिलेगा।
अगर मूल निवेशक की मृत्यु हो चुकी है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस इस पैसे को क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए 'ट्रांसमिशन' (Transmission) की प्रक्रिया अपनानी होगी। क्लेम फॉर्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनी का केवाईसी और बैंक डिटेल जमा करनी होगी। अगर नॉमिनी रजिस्टर्ड नहीं है, तो कानूनी वारिस प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ सकती है। एक बार ट्रांसमिशन पूरा होने पर पैसा वारिस के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
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