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  1. Income Tax: सिर्फ ITR भरना काफी नहीं! रिटर्न वैलिड बनाने के लिए ई-वेरिफिकेशन भी है जरूरी

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Income Tax: सिर्फ ITR भरना काफी नहीं! रिटर्न वैलिड बनाने के लिए ई-वेरिफिकेशन भी है जरूरी

Upstox

2 min read | अपडेटेड June 15, 2026, 18:16 IST

सारांश

Income Tax: वेरिफिकेशन सफल होने के बाद आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल एक ट्रांजैक्शन आईडी जारी करता है और स्क्रीन पर पुष्टि संदेश दिखाता है। साथ ही, रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर एक एक्नॉलेजमेंट भी भेजा जाता है।

ITR

ITR को ई-वेरिफाई करने का सबसे आसान तरीका आधार OTP है।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद सिर्फ फाइल करना ही काफी नहीं होता। आपकी ITR तभी वैलिड मानी जाती है, जब उसे ई-वेरिफाई भी किया जाए। अगर आप ई-वेरिफिकेशन नहीं करते हैं, तो आपकी ITR अधूरी मानी जा सकती है, जिससे रिफंड मिलने में देरी हो सकती है और टैक्स नियमों के पालन से जुड़ी समस्याएं भी आ सकती हैं। बता दें कि सैलरी पाने वाले ऐसे करदाताओं को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 जुलाई 2026 तक ITR दाखिल करनी होगी, जब तक सरकार इस समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाती।

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कैसे कर सकते हैं ई-वेरिफाई

ITR को ई-वेरिफाई करने का सबसे आसान तरीका आधार OTP है। इसके लिए आपका PAN और Aadhaar लिंक होना चाहिए और आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा होना चाहिए। आयकर पोर्टल पर लॉग-इन करने के बाद "Verify Using Aadhaar OTP" विकल्प चुनें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिसे दर्ज करते ही वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा।

नेट बैंकिंग से भी कर सकते हैं ई-वेरिफाई

दूसरा तरीका नेट बैंकिंग है। अपने इंटरनेट बैंकिंग अकाउंट में लॉग-इन करें और "e-File Taxes" या "e-Verify Return" विकल्प चुनें। इसके बाद आप सीधे आयकर पोर्टल पर पहुंच जाएंगे, जहां अपनी ITR को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं।

डीमैट अकाउंट भी एक तरीका

टैक्सपेयर्स प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट के जरिए भी ITR वेरिफाई कर सकते हैं। इसके लिए आयकर पोर्टल पर संबंधित विकल्प चुनना होगा। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर OTP भेजा जाएगा, जिसे दर्ज करने के बाद वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा।

ये भी हैं तरीके

कंपनियों, LLPs और ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल अनिवार्य है। डिजिटल सिग्नेचर के जरिए रिटर्न को सुरक्षित तरीके से प्रमाणित किया जाता है। यदि कोई टैक्सपेयर ऑनलाइन वेरिफिकेशन नहीं करना चाहता, तो वह ITR-V फॉर्म का प्रिंट निकालकर उस पर नीली स्याही से हस्ताक्षर कर सकता है और उसे 30 दिनों के भीतर स्पीड पोस्ट से CPC बेंगलुरु भेज सकता है।

वेरिफिकेशन सफल होने के बाद आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल एक ट्रांजैक्शन आईडी जारी करता है और स्क्रीन पर पुष्टि संदेश दिखाता है। साथ ही, रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर एक एक्नॉलेजमेंट भी भेजा जाता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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