पर्सनल फाइनेंस
.png)
8 min read | अपडेटेड October 26, 2024, 00:36 IST
सारांश
म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने का कोई परफेक्ट फॉर्मूला नहीं है, आप अपनी कमाई के हिसाब से म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। आपको अपनी सैलरी का कितना हिस्सा म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहिए, जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके, वो हम इस आर्टिकल में समझेंगे। यहां हम पांच ऐसी स्ट्रैटजी के बारे में बात करेंगे, जिससे आप अपनी सैलरी से म्यूचुअल फंड्स इन्वेस्टमेंट से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।

सैलरी का कितना हिस्सा करें म्यूचुअल फंड में निवेश?
म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने का कोई परफेक्ट फॉर्मूला नहीं है, आप अपनी कमाई के हिसाब से म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। आपको अपनी सैलरी का कितना हिस्सा म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहिए, जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके, वो हम इस आर्टिकल में समझेंगे। यहां हम पांच ऐसी स्ट्रैटजी के बारे में बात करेंगे, जिससे आप अपनी सैलरी से म्यूचुअल फंड्स इन्वेस्टमेंट से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।
जब आप नौकरी शुरू करते हैं और अपनी पहली सैलरी देखते हैं तो आंखों में एक अलग चमक आ जाती है। आपने कई प्लान बनाए होते हैं कि आपको अपनी पहली सैलरी से क्या-क्या करना है, जो भी पैसे आपके अकाउंट में आए हैं, उसको लेकर आप पहले ही काफी सपने देख चुके होते हैं। हम उस दौर में आ चुके हैं, जहां पहली सैलरी के साथ ही हम इन्वेस्टमेंट के बारे में भी सोचना शुरू कर देते हैं। आज से 10 साल पहले ऐसी स्थिति नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे म्यूचुअल फंड को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं और ऐसे में पहली सैलरी से ही इन्वेस्टमेंट को लेकर भी गंभीरता लोगों में नजर आने लगी है। इन्वेस्टमेंट की बात आते ही दिमाग में सबसे पहले म्यूचुअल फंड्स ही आते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि म्यूचुअल फंड में आपको 1,453 से ज्यादा स्कीम मिलती हैं, जहां आप अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं, लेकिन इसके साथ ही जहन में एक सवाल जो हर कमाने वाले शख्स के दिमाग में आता है, वो ये है कि म्यूचुअल फंड में आपको अपनी सैलरी से कितने परसेंट पैसे इन्वेस्ट करने चाहिए? आपको अलग-अलग स्कीम के बारे में रिसर्च करके अपने लिए बेस्ट स्कीम चुनकर इसमें इन्वेस्ट करना शुरू कर देना चाहिए। 10,000 प्रति महीने कमाने वाले से लेकर 10 लाख रुपये हर महीने कमाने वाले हर शख्स के लिए कुछ ना कुछ है और यही बात इसे इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट प्लैटफॉर्म बनाती है। हम आपको यहां कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिससे आपको अपनी सैलरी से कितना पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए? सवाल का सबसे सटीक जवाब मिल सकता है।
फ्यूचर में किसके साथ क्या होगा? इसका जवाब किसी के पास नहीं होता है, लेकिन जब इंसान कमाना शुरू करता है, तो अपने फ्यूचर के लिए पैसे जोड़ना भी शुरू करना चाहता है। हर इंसान चाहता है कि जब भी वो काम करना छोड़े, उसके पास उतने पैसे रहें, जिससे वह अपनी आगे की लाइफ सुकून से बिता सके और इसके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग बहुत अहम होती है। चलिए समझते हैं कि इन्वेस्टमेंट के क्या नियम हैं और किस तरह आप अपनी सैलरी से अपने प्रेजेंट के साथ-साथ फ्यूचर को भी सुरक्षित कर सकते हैं।
अपनी सैलरी का निश्चित हिस्सा इन्वेस्ट करना बहुत सिंपल आइडिया है, लेकिन समय के साथ-साथ आपको इसका ज्यादा से ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। हम बात कर रहे हैं, 15 परसेंट नियम की, आप जितना भी कमाते हैं, उसका 15 परसेंट पैसा इन्वेस्टमेंट के लिए अलग कर दें। अगर आप 40,000 रुपये महीने कमाते हैं, तो ऐसे में आपको 6000 रुपये इन्वेस्ट करने के लिए अलग कर देने चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो जो पैसा आप इन्वेस्ट कर रहे हैं, उससे भी आपकी कमाई हो सकती है। एक साल में आप इस तरह से कुल 72,000 रुपये इन्वेस्ट करेंगे और अगर हम मान लेते हैं कि इस पर आपको करीब 12 परसेंट रेट ऑफ रिटर्न मिलता है, तो एक साल में आपके 72,000 रुपये कुल 76,856 रुपये हो जाएंगे। इन्वेस्टमेंट की सबसे अच्छी बात यही है कि आपको रिटर्न बहुत जल्दी समझ में आने लगता है। 12 परसेंट रेट ऑफ रिटर्न के साथ अगर आप दो साल तक हर महीने 6000 रुपये इन्वेस्ट करेंगे, तो आपके 1,44,000 रुपये 1,63,459 रुपये बन जाएंगे। इस तरह साल दर साल आपका रिटर्न बढ़ता जाएगा और आप देख पाएंगे कि किस तरह से आपका पैसा सही समय पर इन्वेस्ट करने से आपको कहां से कहां पहुंचा देगा। फ्यूचर में आपको घर लेना हो, गाड़ी लेनी हो या कोई और जरूरत हो, उसके लिए आपको 15 परसेंट इन्वेस्टमेंट से काफी सपोर्ट मिल सकता है।
50 फीसदी कहां करें खर्च: 50:30:20 नियम आपकी सैलरी को इस्तेमाल किए जाने का बहुत ही सिंपल सा फॉर्मूला है। इसके तहत आप अपनी सैलरी को तीन हिस्सों में तोड़ सकते हैं, सैलरी का 50 परसेंट पैसा आप अपनी ऐसी जरूरतों के लिए रखें, जो एकदम जरूरी हों, जिनके बिना आपका काम ना चले। इसमें आपका रेंट या घर की ईएमआई, राशन और ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा हो। अपने जरूरी खर्चे के लिए सैलरी का 50 परसेंट अलग करें और कोशिश करें कि इसमें आपकी सैलरी का 50 परसेंट हिस्सा ही जाए।
30 फीसदी कहां करें खर्चः लाइफ में अगर सिर्फ जरूरी खर्चे पर ही हम चलेंगे तो लाइफ काफी बोरिंग हो जाएगी अगर जिंदगी में कुछ मजा नहीं रहेगा, तो एक समय के बाद आपको कमाई करने का भी मन नहीं करेगा। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी कमाई से कुछ मौज-मस्ती भी करें। सैलरी से 30 फीसदी हिस्सा निकालें और उसे अपने एंटरटेनमेंट के लिए रखें, उसमें चाहे आपको मूवी देखनी हो, कोई ट्रिप करनी हो या फिर आपको कभी-कभी बाहर खाने जाना हो। जिस चीज से भी आपको सुकून मिलता है, यह 30 फीसदी हिस्सा उसके लिए है।
बचे हुई 20 परसेंट सैलरी किस लिएः बचे हुए 20 फीसदी पैसे से आप अपने फ्यूचर की तैयारी कर सकते हैं। प्रेजेंट में सबकुछ मैनेज करने के साथ-साथ फ्यूचर की प्लानिंग भी बहुत जरूरी है। सैलरी का 20 फीसदी हिस्सा आप अपने फ्यूचर के नाम पर अलग करें, इसे आप अपनी तरह से इन्वेस्ट करें या फिर इससे बचत करें। सपनों को पूरा करने के लिए 20 फीसदी सैलरी कब किस तरह से आपके काम आएगी? ये आपको भी नहीं पता चलेगा। 15 फीसदी इन्वेस्टमेंट कर पांच परसेंट सैलरी से आप अपना इमरजेंसी फंड भी बनाना शुरू कर सकते हैं।
फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो (FOIR) आपके लिए फाइनेंशियल हेल्थ चेक-अप से कम नहीं है, खासतौर पर तब जब आप क्रेडिट कार्ड के कर्जे या किसी लोन बीच झूल रहे हों। बैंक्स आपका FOIR देखते हैं कि किस तरह से आप अपने क्रेडिट कार्ड की पेमेंट या लोन की पेमेंट सही समय पर कर रहे हैं या नहीं? आपको इस बात का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए कि जो भी पैसा आपका क्रेडिट कार्ड के बिल में या किसी लोन की ईएमआई में जा रहा है, वो कुल मिलाकर 40 से 50 परसेंट से ज्यादा ना हो। इस तरह से आप अपनी सैलरी से इन्वेस्टमेंट और जरूरत की चीजों के लिए पैसा बचा सकते हैं। जैसे कि अगर आप महीने का 60,000 कमाते हैं, तो आपको यह तय करना चाहिए कि आपके क्रेडिट कार्ड के बिल्स या फिर किसी लोन की ईएमआई कुल मिलाकर 24,000 से 30,000 के बीच ही हो, ऐसा करने से आपके जरूरी खर्चों और इन्वेस्टमेंट के लिए पैसा बचाने में आपको मदद मिल सकती है।
**यहां जानें क्या हैं 20 परसेंट और 40 परसेंट इन्वेस्टमेंट नियम **
ज्यादातर लोग करीब 20 परसेंट अपनी सालाना सैलरी को इन्वेस्ट करते हैं, अगर आप सालाना सैलरी का 20 परसेंट इन्वेस्ट करते हैं, तो इससे आपके पैसे तो बढ़ते ही हैं, साथ ही साथ टैक्स में भी छूट मिलती है। अगर आप फाइनेंशियल ईयर शुरुआत में अपनी इन्वेस्टमेंट की जानकारी दे देते हैं, तो ऐसे में आपका महीने का टैक्स भी जो आपकी सैलरी से जाता है, उसमें कुछ छूट मिल जाती है। (डिस्क्लेमरः इनकम टैक्स की न्यू या ओल्ड टैक्स रिजीम का इस पर असर पड़ सकता है।) अब बात करते हैं 40 परसेंट नियम की, जो लोग इन्वेस्टमेंट में एग्रेसिव अप्रोच अपनाना चाहते हैं, यह नियम उनके लिए है। इस नियम के तहत आप अपनी सैलरी का कुल 60 परसेंट जरूरी खर्चों और एंटरटेनमेंट के लिए रखते हैं, जबकि 40 परसेंट इन्वेस्ट करते हैं।
आप कितना कमा रहे हैं, क्या आपके जरूरी खर्चे हैं, आपके ऊपर कितना कर्ज है? इन सभी बातों को ध्यान में रखकर अगर आप सही तरह से रिसर्च कर इन्वेस्ट करते हैं, तो ऐसे में आपको इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सकता है।
**FAQs
म्यूचुअल फंड में सैलरी से कितना हिस्सा निवेश करना चाहिए?**
इसका कोई तय मापदंड नहीं है, लेकिन आपको अपनी सैलरी का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंड में जरूर निवेश करना चाहिए, इससे आप अपना फ्यूचर बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं।
50:30:20 नियम को समझने का सबसे सही तरीका यह है कि आप अपनी सैलरी का 50 फीसदी हिस्सा जरूरी खर्चों के लिए रखें, 30 फीसदी हिस्सा अपने एंटरटेनमेंट के खर्चों के लिए रखें और बचा हुआ 20 फीसदी आप इन्वेस्ट करें।
हां, सैलरी को अगर सही तरह से प्लान किया जाए और महीने के खर्चे को ठीक तरह से प्लान करके किया जाए, तो आप म्यूचुअल फंड में सैलरी से पैसा बचाकर निवेश कर सकते हैं।
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख