पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड March 30, 2026, 13:07 IST
सारांश
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है। अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से बढ़ते ग्लोबल दबाव के बीच तेल कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए यह फैसला लिया गया है। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है।

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर तेल कंपनियों को बड़ी वित्तीय राहत दी है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई को खतरे में डाल दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी का असर भारतीय नागरिकों पर न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और साहसी फैसला लिया है। सरकार ने 26 मार्च को एक गजट नोटिफिकेशन जारी करते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती करने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में 50 पर्सेंट तक का उछाल देखा गया है।
सरकार के इस नए फैसले के तहत पेट्रोल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब केवल 3 रुपये कर दिया गया है। वहीं डीजल के मोर्चे पर सरकार ने और भी बड़ी राहत दी है। डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की ड्यूटी को घटाकर अब 'शून्य' कर दिया गया है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने स्पष्ट किया है कि ये नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं।
भारत में तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) पिछले काफी समय से भारी दबाव में थीं। ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छूने के बाद अब 100 डॉलर के आसपास बना हुआ है, लेकिन देश में रिटेल कीमतें स्थिर थीं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, सरकार ने अपनी रेवेन्यू का नुकसान उठाकर कंपनियों को बचाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कीमतों की वजह से कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 24 रुपये और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा था। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति पर चोट सहकर आम नागरिकों को महंगाई से सुरक्षित रखा है।
पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों में कई तरह के टैक्स शामिल होते हैं। पेट्रोल पर लगने वाली कुल एक्साइज ड्यूटी जो पहले 21.90 रुपये थी, वह अब घटकर 11.90 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस 21.90 रुपये में 1.40 रुपये बेसिक एक्साइज ड्यूटी, 13 रुपये स्पेशल एडिशनल ड्यूटी, 2.50 रुपये कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर सेस और 5 रुपये रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल था। इसी तरह डीजल पर कुल टैक्स का बोझ 17.80 रुपये से घटकर अब 7.80 रुपये प्रति लीटर रह गया है। इसमें 1.80 रुपये बेसिक ड्यूटी, 13 रुपये स्पेशल एडिशनल ड्यूटी, 4 रुपये कृषि सेस और 2 रुपये रोड सेस का हिस्सा था।
केंद्र सरकार की ड्यूटी के अलावा राज्यों का वैट (VAT) भी तेल की कीमतों को प्रभावित करता है। दिल्ली में पेट्रोल पर 15.40 रुपये और डीजल पर 12.3 रुपये प्रति लीटर वैट लगता है। वहीं मुंबई में पेट्रोल पर 25 पर्सेंट और डीजल पर 21 पर्सेंट वैट है। कोलकाता में यह दर क्रमशः 25 और 17 पर्सेंट है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल पर 13 पर्सेंट और डीजल पर 11 पर्सेंट वैट वसूला जाता है। इन अलग-अलग दरों की वजह से ही हर शहर में तेल के दाम अलग होते हैं। शुक्रवार को दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये, चेन्नई में 101.06 रुपये, बेंगलुरु में 102.96 रुपये और हैदराबाद में 107.5 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा।
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