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  1. क्या ग्लोबल स्टॉक्स बेचने पर भी मिलेगी ₹1.25 लाख की टैक्स छूट? जानिए इनकम टैक्स का बड़ा नियम

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क्या ग्लोबल स्टॉक्स बेचने पर भी मिलेगी ₹1.25 लाख की टैक्स छूट? जानिए इनकम टैक्स का बड़ा नियम

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 13, 2026, 19:39 IST

सारांश

इक्विटी पर मिलने वाली 1.25 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का फायदा ग्लोबल स्टॉक्स बेचने पर नहीं मिलता है। इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक यह छूट सिर्फ एसटीटी चुकाने वाले लिस्टेड शेयरों और 65% से ज्यादा इक्विटी वाली स्कीम्स पर ही मिलती है।

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ग्लोबल स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के इनकम टैक्स नियम।

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों के मन में टैक्स नियमों को लेकर कई सवाल रहते हैं। कई निवेशक यह मानते हैं कि इक्विटी से जुड़े किसी भी निवेश को बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में 1.25 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिल जाती है। घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड शेयरों और इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स पर एक साल में 1.25 लाख रुपये तक के मुनाफे पर टैक्स नहीं देना होता है। लेकिन जब बात ग्लोबल स्टॉक्स यानी विदेशी शेयरों या अन्य म्यूचुअल फंड्स की आती है, तो टैक्स के नियम पूरी तरह बदल जाते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि क्या विदेशी शेयर और खास फंड्स बेचने पर भी यह टैक्स छूट मिलती है।

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लिस्टेड इक्विटी और म्यूचुअल फंड्स के लिए नियम

इनकम टैक्स कानूनों में लिस्टेड इक्विटी शेयरों और दूसरे कैपिटल एसेट्स के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 112A, जिसकी जगह अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 198 ने ले ली है, के तहत लिस्टेड शेयरों और इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स से होने वाले लॉन्ग टर्म मुनाफे पर खास राहत मिलती है। इसके लिए शर्त यह है कि उन सिक्योरिटीज पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT चुकाया गया हो। ऐसे मामलों में कुल 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर जीरो रेट से टैक्स लगता है। इस सीमा से ज्यादा मुनाफा होने पर 12.50% की दर से टैक्स लगता है।

ग्लोबल स्टॉक्स पर नहीं मिलती 1.25 लाख की छूट

क्या 2 साल के होल्डिंग पीरियड के बाद ग्लोबल स्टॉक्स और ऐसे म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर भी यह छूट ली जा सकती है, जहां 2 साल बाद टैक्स की दर 12.50% होती है। इस सवाल के जवाब में टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन कहते हैं कि ऐसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 का सेक्शन 112, जिसे अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 में सेक्शन 197 कर दिया गया है, उन सभी कैपिटल एसेट्स पर लागू होता है जो लिस्टेड शेयरों और इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स से अलग हैं। इसमें ग्लोबल स्टॉक्स और ऐसे म्यूचुअल फंड्स आते हैं जिनमें इक्विटी या डेट का निवेश 65% से ज्यादा नहीं होता है।

फ्लैट 12.50% की दर से लगता है टैक्स

सेक्शन 112 और नए सेक्शन 197 के तहत आने वाले एसेट्स के लिए टैक्स का ढांचा अलग है। यह सेक्शन साफ प्रावधान करता है कि ऐसे सभी कैपिटल एसेट्स पर होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर सीधे 12.50% की फ्लैट दर से टैक्स लगेगा। इस नियम में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के लिए जीरो रेट या कम दर वाली कोई अलग सीमा नहीं दी गई है। इसका मतलब यह है कि ग्लोबल स्टॉक्स बेचने पर पूरे मुनाफे पर 12.50% की दर से टैक्स चुकाना होगा।

किन निवेशकों को मिलता है जीरो टैक्स रेट का लाभ?

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर जीरो रेट यानी 1.25 लाख रुपये की टैक्स छूट का फायदा बहुत सीमित है। यह फायदा सिर्फ उन्हीं लिस्टेड शेयरों और इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स के लिए उपलब्ध है जिनमें 65% से ज्यादा निवेश इक्विटी में हो और जिन पर STT चुकाया गया हो। किसी भी अन्य सिक्योरिटी या कैपिटल एसेट से होने वाले मुनाफे पर यह राहत नहीं दी जाती है। इसलिए विदेशी शेयर रखने वाले निवेशकों को पूरे लॉन्ग टर्म मुनाफे पर 12.50% की फ्लैट दर से ही टैक्स देना होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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