पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड February 26, 2025, 08:22 IST
सारांश
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने EPFO सब्सक्राइबर्स की बढ़ती संख्या के लिए संगठन की नीतियों को श्रेय दिया है। मंत्रालय का कहना है कि युवा और महिला सदस्यों की संख्या में इजाफा बेहतर संगठित रोजगार और समावेशी वर्कफोर्स की ओर इशारा करता है।

नवंबर 2024 और पिछले साल, दिसंबर 2023, दोनों की तुलना में सदस्यों की संख्या में इजाफा देखा गया है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation, EPFO) के पेरोल में दिसंबर, 2024 में नेट 16.05 लाख नए सदस्य जुड़े हैं जो नवंबर, 2024 और दिसंबर 2023, दोनों की तुलना में ज्यादा है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
मंत्रालय का कहना है कि सदस्यों की बढ़ती हुई संख्या दिखाती है कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं और कर्मचारियों की अपने बेनिफिट्स के बारे में समझ भी बेहतर विकसित हुई है। वहीं, महिलाओं की बढ़ती संख्या को वर्कफोर्स के समावेशी होने का संकेत माना गया है।
संगठन ने प्रविजनल पेरोल डेटा जारी किया है जिसमें देखा जा सकता है कि नवंबर, 2024 में EPFO से जुड़ने वालों की संख्या (net payroll addition) की तुलना में दिसंबर में 9.69% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, अगर साल 2023 से तुलना करें तो इस महीने 2.74% ज्यादा लोग EPFO में शामिल हुए हैं। केंद्रीय मंत्रालय ने इस बढ़त के लिए EPFO की अलग-अलग पहलों को श्रेय दिया है।
EPFO में दिसंबर 2024 के दौरान 8.47 लाख नए सब्सक्राइबर्स एनरोल हुए हैं जो पिछले साल से 0.73% ज्यादा है। इसमें से 4.85 लाख नए सब्सक्राइबर्स 18-25 साल की उम्र के हैं। यह दिसंबर, 2024 में जोड़े गए नए सब्सक्राइबर्स का 57.29% है। वहीं, नवंबर 2024 की तुलना में इस उम्र के 0.91% ज्यादा लोगों ने सब्सक्राइब किया है और पिछले साल दिसंबर 2023 की तुलना में यह 0.92% ज्यादा है।
नेट पेरोल एडिशन की बात करें तो 18-25 साल की उम्र के 6.85 लाख लोग दिसंबर, 2024 में जुड़े जो पिछले महीने, नवंबर 2024 की तुलना में 16.91% ज्यादा है। इससे संकेत मिलते हैं कि ज्यादातर लोग जो संगठित वर्कफोर्स से जुड़ रहे हैं वे युवा हैं और पहली बार नौकरी कर रहे हैं।
इस प्रविजनल पेरोल डेटा में पता चलता है कि नए सब्सक्राइबर्स में से करीब 2.22 लाख महिलाएं हैं। यह पिछले साल, दिसंबर 2023 की तुलना में 6.34% ज्यादा है। नेट पेरोल एडिशन में 3.03 लाख महिलाएं रहीं जो पिछले साल 2023 की तुलना में 4.77% ज्यादा है। इससे संकेत मिलता है कि वर्कफोर्स का दायरा बढ़ रहा है और यह धीरे-धीरे समावेशी हो रही है।
पेरोल डेटा में यह भी पाया गया है कि करीब 15.12 लाख सदस्य EPFO को एक बार छोड़ने के बाद वापस लौटकर आए हैं। यह संख्या नवंबर, 2024 की तुलना में 5.10% ज्यादा है जबकि पिछले साल, दिसंबर 2023 की तुलना में 25.76% ज्यादा है। ये उन लोगों की संख्या है जिन्होंने पहले नौकरी छोड़ दी थी और फिर नई जगह पर जॉइन करने के बाद EPFO में शामिल हुए। इन लोगों ने अपने प्रॉविडेंट फंड का फाइनल सेटलमेंट करने की जगह इसे ट्रांसफर कराया।
ताजा डेटा में पाया गया है कि टॉप 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 59.84% नेट पेरोल एडिशन देखा गया है। यहां 9.60 लाख नए पेरोल जुड़े हैं। सबसे ज्यादा महाराष्ट्रस कर्नाटक, गुजरात, हरियाणा, नई दिलली, तमिल नाडू, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में जुड़े हैं। वहीं, एक्सपर्ट सर्विसेज, निर्माणक्षेण, ट्रेडिंग और वित्तीय संस्थानों से सबसे ज्यादा लोग आए हैं।
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