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  1. दिवाली और छठ पर नहीं कटेगी जेब? हवाई टिकटों की मनमानी पर सरकार का नया नियम

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दिवाली और छठ पर नहीं कटेगी जेब? हवाई टिकटों की मनमानी पर सरकार का नया नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड November 02, 2026, 13:20 IST

सारांश

दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर हवाई किराए की मनमानी पर अब लगाम लगेगी। सरकार ने भारतीय वायुयान नियम 2026 के नियम 192 के तहत नए प्रावधान बनाए हैं। इसके तहत असाधारण स्थितियों में सरकार किराए में दखल दे सकेगी।

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महंगे फ्लाइट टिकटों से राहत दिलाने के लिए सरकार ने नए नियम बनाए हैं।

दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर घर जाने वाले यात्रियों को हर साल महंगे हवाई किराए का झटका लगता है। त्योहारों में एयरलाइन कंपनियां मनमाना किराया वसूलती हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने हवाई टिकटों की इस मनमानी पर रोक लगाने की तैयारी कर ली है। भारतीय वायुयान नियम 2026 के नियम 192 के तहत सरकार ने नए नियम अधिसूचित किए हैं। इसके तहत सरकार ने असाधारण स्थितियों में एयरलाइन कंपनियों के किराए में सीधे दखल देने की शक्ति अपने हाथ में ले ली है। सामान्य दिनों में किराया बाजार आधारित रहेगा, लेकिन त्योहारों और आपात स्थिति में सरकार कीमतों पर नियंत्रण कर सकेगी। यह नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होगा।

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दिवाली और छठ पर लूट से मिलेगी बड़ी राहत

हर साल दिवाली और छठ के समय दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों से बिहार और यूपी के लिए फ्लाइट टिकटों के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं। नए नियमों के सब-रूल 6 के तहत अगर सरकार को लगता है कि कोई असाधारण स्थिति पैदा हो गई है और किराए बहुत अधिक बढ़ाए जा रहे हैं, तो वह जनहित में लिखित निर्देश जारी कर सकती है। सरकार का यह कदम परिस्थितियों के अनुपात में होगा और तय समय तक ही प्रभावी रहेगा। इससे त्योहारों या संकट के समय यात्रियों को महंगे किराए से बड़ी राहत मिलेगी।

वेबसाइट पर दिखाना होगा किराए का पूरा हिसाब

नए नियमों के अनुसार हर एयरलाइन कंपनी को अपने ऑपरेशनल कॉस्ट के आधार पर टैरिफ तय करना होगा। इसके बाद कंपनियों को यह टैरिफ स्ट्रक्चर डीजीसीए के पास तय फॉर्मेट में जमा कराना अनिवार्य होगा। पूरी पारदर्शिता के लिए एयरलाइंस को अपने तय किराए को अपनी आधिकारिक वेबसाइट या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक करना होगा। इससे यात्रियों को पता रहेगा कि कंपनी का मूल किराया क्या है। डीजीसीए इन सभी टैरिफ पर लगातार नजर रखेगा ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

टिकट पर बेस फेयर और टैक्स की पूरी जानकारी

हवाई टिकट बुक करते समय यात्रियों को अक्सर किराए की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। नए नियमों में पैसेंजर डिस्क्लोजर पर कड़ा जोर दिया गया है। अब बुकिंग वेबसाइट और जारी टिकट पर कुल किराए के साथ-साथ उसका पूरा ब्रेक-अप अलग दिखाना होगा। इसमें बेस फेयर, टैक्स, फीस, कैंसिलेशन चार्ज, रिफंड की शर्तें और अतिरिक्त चार्ज साफ दर्ज होने चाहिए। नियम में यह भी साफ किया गया है कि पैसेंजर को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए सर्विस प्रोवाइडर का पैसा 'फीस' होगा, जबकि सरकार का हिस्सा 'टैक्स' कहलाएगा।

1 जनवरी 2027 से लागू होंगे ये नए नियम

नागरिक उड्डयन क्षेत्र में यह नया नियम 1 जनवरी 2027 से पूरी तरह लागू होने जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सामान्य दिनों में एविएशन सेक्टर को खुला और बाजार आधारित रखना है, ताकि कंपनियां अपनी लागत के हिसाब से काम कर सकें। लेकिन जब भी कोई असाधारण स्थिति बनेगी या त्योहारों पर लूट मचेगी, तो सरकार यात्रियों के हित में बीच में कदम उठाएगी। इस नियम के आने से एविएशन कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगेगी और यात्रियों को टिकट की पूरी लागत का सही हिसाब मिल सकेगा।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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