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  1. 3 साल बाद पहली बार घटा क्रेडिट कार्ड से खर्च, जानिए क्यों सितंबर में कम स्वाइप हुआ कार्ड

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3 साल बाद पहली बार घटा क्रेडिट कार्ड से खर्च, जानिए क्यों सितंबर में कम स्वाइप हुआ कार्ड

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 30, 2026, 17:12 IST

सारांश

सितंबर में क्रेडिट कार्ड से खर्च 5.9% घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपये रह गया है। फरवरी 2021 के बाद पहली बार सालाना खर्च में यह गिरावट आई है। पिछले साल जीएसटी दरों में कटौती से बना ऊंचा आधार और इस साल त्योहारी सेल में देरी इसकी मुख्य वजह रही है।

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सितंबर में क्रेडिट कार्ड से कुल खर्च 5.9% गिरकर 2.04 लाख करोड़ रुपये रह गया।

क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं के खर्च में सितंबर के महीने में अचानक गिरावट देखने को मिली है। पिछले साल के ऊंचे आधार की वजह से इस साल सितंबर में क्रेडिट कार्ड से कुल खर्च सालाना आधार पर 5.9% घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपये रह गया है। फरवरी 2021 के बाद यह पहला मौका है जब क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना आधार पर कोई गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों के अनुसार पिछले साल सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती और त्योहारों की जल्दी शुरुआत के चलते कार्ड से रिकॉर्ड खर्च हुआ था, जबकि इस साल त्योहारी सेल अक्टूबर में शुरू हो रही है। यही वजह है कि सितंबर के आंकड़ों में सुस्ती नजर आ रही है।

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फरवरी 2021 के बाद पहली बार सालाना गिरावट

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में 5.9% की सालाना गिरावट दर्ज की गई है। इसका सबसे बड़ा कारण पिछले साल का हाई बेस है। पिछले साल सितंबर 2025 में जीएसटी काउंसिल द्वारा कई सेक्टर्स में दरों के रेशनलाइजेशन के बाद अगस्त के मुकाबले खर्च में 13.3% का जोरदार उछाल आया था। उस समय मासिक क्रेडिट कार्ड खर्च 2.17 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जो सितंबर 2024 के मुकाबले लगभग 23% ज्यादा था। लेकिन इस साल त्योहारी सीजन अक्टूबर में शुरू हुआ है, जिसके चलते सितंबर के आंकड़ों में यह गिरावट देखने को मिली है।

ऑनलाइन खर्च में सुस्ती पर पीओएस पर दिखा उछाल

सितंबर महीने के आंकड़ों को गहराई से देखें तो ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी में बड़ा फर्क देखने को मिला है। इस साल सितंबर में ऑनलाइन कार्ड से होने वाला खर्च सालाना आधार पर 12.5% घटकर 1.26 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 1.44 लाख करोड़ रुपये था। इसके ठीक उलट, दुकानों और मॉल में पॉइंट ऑफ सेल यानी पीओएस मशीनों पर कार्ड स्वाइप करके होने वाला खर्च 7.18% बढ़ गया। दुकानों पर पीओएस के जरिए होने वाला खर्च पिछले साल के 72,543.89 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल सितंबर में 77,751.47 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

एचडीएफसी बैंक आगे, एसबीआई और आईसीआईसीआई में गिरावट

बैंकों के प्रदर्शन की बात करें तो देश के सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता एचडीएफसी बैंक ने बढ़त दर्ज की है। बैंक के कार्ड से होने वाले खर्च में सालाना आधार पर 7.52% और मासिक आधार पर 6.22% की बढ़ोतरी हुई और यह 65,139.72 करोड़ रुपये रहा। वहीं सबसे बड़े स्टैंडअलोन कार्ड जारीकर्ता SBI कार्ड के जरिए खर्च सालाना आधार पर 14.09% और मासिक आधार पर करीब 1.2% गिरकर 34,895 करोड़ रुपये रह गया। ICICI बैंक के कार्ड खर्च में सालाना 26.26% और मासिक 4.4% की गिरावट आई और यह 30,911.48 करोड़ रुपये रहा। एक्सिस बैंक का खर्च सालाना आधार पर 11% घटा, लेकिन मासिक आधार पर 1.95% बढ़कर 23,148.67 करोड़ रुपये पहुंच गया।

त्योहारी सीजन में अक्टूबर और नवंबर से बंधी उम्मीदें

एनालिस्ट्स का मानना है कि अक्टूबर और नवंबर में त्योहारी सीजन के रफ्तार पकड़ने से क्रेडिट कार्ड खर्च में दोबारा तेज उछाल आएगा। आईडीबीआई कैपिटल के अनुसार, नए कार्ड्स जुड़ने और कुल एक्टिव कार्ड्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी से कार्ड की पहुंच बढ़ रही है। सितंबर में देश में कुल एक्टिव क्रेडिट कार्ड्स की संख्या बढ़कर 12.53 करोड़ पर पहुंच गई। इस दौरान नए कार्ड जोड़ने की रफ्तार सालाना आधार पर 10.5% बढ़ी, जो नवंबर 2024 के बाद सबसे तेज है। केयरएज के डायरेक्टर सौरभ भालेराव के अनुसार, अक्टूबर में त्योहारी खरीदारी से खर्च बढ़कर 2.28 से 2.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है और दिवाली के चलते नवंबर में भी मजबूती बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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