पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड December 18, 2025, 18:04 IST
सारांश
2025 में दो बार DA/DR बढ़ाया गया। पहली बढ़ोतरी जनवरी 2025 से 2% की हुई, जिससे DA/DR 53% से बढ़कर 55% हो गया। दूसरी बढ़ोतरी जुलाई 2025 से 3% की हुई, जिससे यह 55% से बढ़कर 58% हो गया। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में सीधा फायदा हुआ।

सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी नोटिफाई कर दिए गए हैं।
साल 2025 कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा और इसके साथ ही नया साल 2026 शुरू होगा। कहा जा सकता है कि यह साल केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अच्छा रहा। दरअसल, इस दौरान 8वें वेतन आयोग से लेकर DA हाइक तक से जुड़ी पॉलिसी में कई अहम बदलाव किए गए। पेंशन सुधारों से लेकर टैक्स अपडेट और नई डिजिटल सुविधाओं तक, 2025 कई अहम अपडेट लेकर आया है। यहां हम समझेंगे कि 2025 केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैसा रहा।
सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी नोटिफाई कर दिए गए हैं। पेंशनर्स को यह चिंता थी कि कहीं पेंशन को इसके दायरे से बाहर न कर दिया जाए, लेकिन वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि पेंशन पूरी तरह 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल रहेगी। आयोग वेतन, भत्ते और पेंशन तीनों पर सिफारिशें देगा।
2025 में दो बार DA/DR बढ़ाया गया। पहली बढ़ोतरी जनवरी 2025 से 2% की हुई, जिससे DA/DR 53% से बढ़कर 55% हो गया। दूसरी बढ़ोतरी जुलाई 2025 से 3% की हुई, जिससे यह 55% से बढ़कर 58% हो गया। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में सीधा फायदा हुआ।
1 अप्रैल 2025 से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू हुई। यह स्कीम निश्चित और भरोसेमंद पेंशन देती है, जो आखिरी सैलरी के औसत पर आधारित होती है। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान होता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय सुनिश्चित होती है।
2025 में सरकार ने NPS चुन चुके कर्मचारियों को एक बार और केवल एक दिशा में UPS में शिफ्ट होने का विकल्प दिया। कुछ शर्तों के साथ यह सुविधा दी गई है, जिससे कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग खुद बेहतर तरीके से तय कर सकें।
अब लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना और भी आसान हो गया है। 2025 के सुधारों के तहत फेस ऑथेंटिकेशन को प्राथमिकता दी गई है। पेंशनर्स सिर्फ आधार से जुड़े स्मार्टफोन से घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं।
जो पेंशनर्स विदेश में रहते हैं, उन्हें अब भारत आने की जरूरत नहीं है। सरकार ने नए नियम जारी किए हैं, जिनके तहत विदेश से ही आसान तरीके से लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया जा सकता है।
अब फैमिली पेंशन के मामले में दोनों माता-पिता को लाइफ सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा। पहले यह नियम साफ नहीं था, जिससे कभी-कभी एक अभिभावक के निधन के बाद भी ज्यादा पेंशन जारी रहती थी। नया नियम सही भुगतान सुनिश्चित करता है।
सरकार ने NPS और UPS दोनों में लाइफ साइकिल और बैलेंस्ड लाइफ साइकिल जैसे निवेश विकल्पों को और बढ़ाया है। इससे कर्मचारियों को अपने रिटायरमेंट फंड को अपनी उम्र और जोखिम के हिसाब से निवेश करने की ज्यादा आजादी मिलती है।
PFRDA ने दो नए ऑटो निवेश विकल्प शुरू किए हैं- Life Cycle 75 (High) और Life Cycle Aggressive। इसके तहत अब कर्मचारी अपने पेंशन फंड का 75% तक शेयर बाजार (इक्विटी) में निवेश कर सकते हैं, जिससे लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न की संभावना बढ़ती है।
नए टैक्स रिजीम के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को ₹12 लाख तक की कुल आय पर टैक्स से छूट मिलती है। इसमें पेंशन और ब्याज से होने वाली आय दोनों शामिल हैं, जिससे टैक्स का बोझ काफी कम होता है।
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