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3 min read | अपडेटेड February 16, 2026, 12:15 IST
सारांश
Digital Food Coupon: सरकार ने बताया कि यह पायलट अभी गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, वलसाड और सूरत जिलों में शुरू किया गया है। आगे चलकर इसे Chandigarh, Puducherry और Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu में भी लागू किया जाएगा।

Digital Food Coupon: इस पायलट प्रोजेक्ट उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया।
इस कार्यक्रम में बोलते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि CBDC को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में शामिल करना भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और ऐतिहासिक सुधार है। इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी, तेज और लाभार्थियों को सशक्त बनाने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत का PDS दुनिया का सबसे बड़ा फूड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम है, जो 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को राशन देता है, और अब यह तकनीक के जरिए और बेहतर बन रहा है।
प्रह्लाद जोशी ने इस योजना का नारा दिया- हर दाना, हर रुपया, हर अधिकार। उन्होंने बताया कि इस पहल से लोगों को अपने राशन अधिकारों की बेहतर जानकारी मिलेगी, राशन लेना आसान होगा और पूरे सिस्टम में जवाबदेही बढ़ेगी।
मंत्री ने बताया कि इस नए सिस्टम में Reserve Bank of India (RBI) के जरिए डिजिटल कूपन बनाए जाएंगे। ये कूपन सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में डिजिटल रुपया (e₹) के रूप में भेजे जाएंगे। लाभार्थी इन कूपन या वाउचर कोड का इस्तेमाल करके फेयर प्राइस शॉप (FPS) से अपना तय राशन ले सकेंगे।
इस नए सिस्टम से बार-बार बायोमेट्रिक फेल होने औ e-POS मशीन में तकनीकी खराबी जैसी कई पुरानी दिक्कतें खत्म होंगी। साथ ही हर लेनदेन सुरक्षित होगा, पूरी तरह ट्रैक किया जा सकेगा और रियल-टाइम में रिकॉर्ड होगा।
सरकार ने बताया कि यह पायलट अभी गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, वलसाड और सूरत जिलों में शुरू किया गया है। आगे चलकर इसे Chandigarh, Puducherry और Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu में भी लागू किया जाएगा।
इस योजना को भारत सरकार ने RBI और गुजरात सरकार के साथ मिलकर लागू किया है। आने वाले चरणों में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस डिजिटल सिस्टम का फायदा उठा सकें।
CBDC आधारित इस सिस्टम में लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में प्रोग्रामेबल डिजिटल रुपया होगा। इससे वे QR कोड या कूपन कोड के जरिए FPS दुकान से राशन ले सकेंगे। इसमें बार-बार अंगूठा लगाने की जरूरत नहीं होगी, लेनदेन तेज होगा और पूरा डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा। इससे फेयर प्राइस शॉप डीलरों को भी फायदा होगा, क्योंकि उन्हें अपना मार्जिन रियल-टाइम में मिलेगा। यानी यह सिस्टम लाभार्थियों और दुकानदारों दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पायलट डिजिटल इंडिया विजन को PDS तक ले जाने का एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के करीब 50% डिजिटल ट्रांजैक्शन करता है, और CBDC इस डिजिटल ताकत को और मजबूत करेगा। इससे सिस्टम भ्रष्टाचार-मुक्त, लीक-प्रूफ और पारदर्शी बनेगा।
अमित शाह ने यह भी कहा कि CBDC सरकार के “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” के विजन को आगे बढ़ाता है। इससे लाभार्थियों को न सिर्फ सही समय पर राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों की भी पूरी जानकारी होगी। उन्होंने दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी PDS में CBDC अपनाने की अपील की।
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