पर्सनल फाइनेंस

3 min read | अपडेटेड October 28, 2025, 10:12 IST
सारांश
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने हाल ही में ईपीएफ मेंबर्स की लाइफ पहले से आसान बनाने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किए और कुछ नए नियम भी बनाए। नए नियमों के मुताबिक ईपीएफ मेंबर्स बिना कोई कारण बताए खास परिस्थितियों में 100% तक पीएफ फंड निकाल सकते हैं।

क्या ईपीएफ का 100% विड्रॉ किया जा सकता है?
Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) यानी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने हाल ही में ईपीएफ मेंबर्स की लाइफ पहले से आसान बनाने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किए और कुछ नए नियम भी बनाए। नए नियमों के मुताबिक ईपीएफ मेंबर्स बिना कोई कारण बताए खास परिस्थितियों में 100% तक पीएफ फंड निकाल सकते हैं। कौन सी ऐसी परिस्थितियां हैं और नया नियम कैसे आपकी लाइफ को सिंपल बना सकता है, चलिए समझने की कोशिश करते हैं। नए नियमों को समझने से पहले जरूरी है कि हम जान लें कि पुराने नियम के हिसाब से क्या होता था, प्राकृतिक आपदा, महामारी, लॉकआउट, बेरोजगारी आदि जैसी खास परिस्थितियों के कारण विड्रॉल के समय, ईपीएफ मेंबर्स को साफ तौर से कारण बताना जरूरी था। इतना ही नहीं, उन्हें ‘विशेष परिस्थितियों’ का प्रूफ भी सबमिट करना जरूरी था, और अक्सर ईपीएफओ की अप्रूव्ड लिस्ट में कारण का उल्लेख न होने पर क्लेम रिजेक्ट कर दिए जाते थे।
प्रतिष्ठान में 15 दिनों से अधिक समय तक लॉकआउट/बंद रहने और कर्मचारी बिना किसी मुआवजे के बेरोजगार रहने या कर्मचारी को 2 महीने से अधिक समय से सैलरी न मिलने (हड़ताल को छोड़कर) के लिए नियोक्ता से सर्टिफिकेट फॉर्म A और B में सर्टिफिकेट, जैसा लागू हो
कोर्ट में चुनौती दिए गए मेंबर की बर्खास्तगी/बर्खास्तगी/छंटनी के लिए कोर्ट में दायर याचिका की कॉपी और मेंबर से सर्टिफिकेट जिसमें मामला लंबित होने की बात कही गई हो
प्रतिष्ठान में 6 महीने से अधिक समय तक तालाबंदी और कर्मचारी बिना किसी मुआवजे के बेरोजगार रहने के लिए नियोक्ता से सर्टिफिकेट फॉर्म A और B में सर्टिफिकेट, जैसा लागू हो
सदस्य के खुद के इलाज के लिए नियोक्ता और डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट C
परिवार के उपचार के लिए नियोक्ता और डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट C
ईपीएफओ ने जिन फैसलों का ऐलान किया है, उसके मुताबिक, ईपीएफ सदस्यों को अब उपर्युक्त ‘खास परिस्थितियों’ में बिना कोई कारण बताए विड्रॉल की अनुमति होगी। इसका मतलब है कि अब आपके पास अपने पैसे पर अधिक कंट्रोल होगा और आपको विड्रॉल का कारण बताने या खास परिस्थितियों में भविष्य निधि निकाय की दया पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। ईपीएफओ ने 13 अक्टूबर, 2025 को जारी एक रिलीज में कहा, ‘पहले, 'खास परिस्थितियों' के तहत, सदस्य को पार्शियल विड्रॉल के कारणों को साफ करना होता था, जैसे प्राकृतिक आपदा, प्रतिष्ठानों का लॉकआउट/बंद होना, लगातार बेरोजगारी, महामारी का प्रकोप आदि। इससे अक्सर क्लेम को रिजेक्ट कर दिया जाता था और परिणामस्वरूप शिकायतें होती थीं। अब, सदस्य इस कैटेगरी के तहत बिना कोई कारण बताए आवेदन कर सकते हैं।’
इसके अलावा, कास परिस्थितियों में, सदस्यों को अपने ईपीएफ खातों से 100% निकासी करने की भी अनुमति होगी। सामान्य परिस्थितियों में, सदस्यों को अपने ईपीएफ शेष का केवल 75% ही निकालने की अनुमति होगी। ईपीएफओ ने 15 अक्टूबर, 2025 को जारी एक अन्य रिलीज में कहा, ‘अब पात्र राशि का 75% बिना किसी डॉक्यूमेंट के किसी भी समय निकाला जा सकता है, खास परिस्थितियों में पूरी राशि निकालने की भी अनुमति है।’
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