पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड January 15, 2026, 12:27 IST
सारांश
लार्ज और मिड कैप म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना लंबी अवधि में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। आंकड़ों के मुताबिक, अगर किसी ने 10 साल पहले 10 हजार रुपये की एसआईपी शुरू की होती, तो आज उसका फंड 31 लाख रुपये तक पहुंच गया होता।

लार्ज और मिड कैप फंड में क्या होता है अंतर?
म्यूचुअल फंड की दुनिया में लार्ज और मिड कैप फंड्स निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। यह एक तरह के इक्विटी म्यूचुअल फंड होते हैं जो मुख्य रूप से बड़ी और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाते हैं। बाजार नियामक सेबी के नियमों के अनुसार इन फंड्स को अपने कुल निवेश का कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा बड़ी कंपनियों में और 35 प्रतिशत हिस्सा मध्यम कंपनियों में रखना अनिवार्य होता है। भारत में SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए निवेश करना संपत्ति बनाने का एक बहुत ही असरदार तरीका बनकर उभरा है। पिछले दस सालों के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि कैसे नियमित रूप से की गई छोटी सी बचत ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है और उनकी पूंजी को कई गुना बढ़ा दिया है।
प्रदर्शन के मामले में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज और मिड कैप फंड ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस स्कीम ने पिछले एक साल में 15.38 प्रतिशत और पांच साल में 21.33 प्रतिशत का बेहतरीन रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने इसमें 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी शुरू की होती, तो दस साल में उसका 12 लाख रुपये का कुल निवेश बढ़कर लगभग 30.83 लाख रुपये हो गया होता। इस फंड ने ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और रिटेल जैसे सेक्टरों में निवेश करके बेंचमार्क से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। यह फंड उन लोगों के लिए अच्छा रहा है जिन्होंने लंबे समय तक निवेश को बनाए रखा।
एचडीएफसी लार्ज और मिड कैप फंड भी निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प साबित हुआ है। इसकी शुरुआत फरवरी 1994 में हुई थी और इसने पांच साल की अवधि में 20.01 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। इस फंड में 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी करने पर 10 साल में निवेशक को करीब 29.43 लाख रुपये का फंड मिला है। बैंकिंग, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर में इसके मजबूत निवेश ने इसे अच्छी बढ़त दिलाने में मदद की है। यह फंड उन निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद नाम रहा है जो स्थिरता के साथ अच्छी बढ़त की तलाश में रहते हैं।
कोटक और एसबीआई के लार्ज और मिड कैप फंड्स ने भी निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिया है। कोटक लार्ज और मिड कैप फंड ने 10 साल की अवधि में 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी को बढ़ाकर 28.55 लाख रुपये कर दिया है। यह फंड बैंकिंग, आईटी और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टर्स में निवेश पर ध्यान देता है। वहीं दूसरी ओर एसबीआई लार्ज और मिड कैप फंड इस कैटेगरी की सबसे पुरानी स्कीमों में से एक है। फरवरी 1993 में यह फंड शुरू हुआ था। इस फंड ने 10 साल में 12 लाख रुपये के कुल निवेश को करीब 26.91 लाख रुपये बना दिया है। यह फंड अपनी पुरानी साख और बेहतर पोर्टफोलियो प्रबंधन के लिए जाना जाता है।
इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि म्यूचुअल फंड में लंबे समय तक बने रहना ही मुनाफे की असली चाबी है। हालांकि छोटे समय में एसआईपी का रिटर्न बहुत ज्यादा नहीं दिखता, लेकिन तीन से पांच साल की अवधि में यह फंड 15 से 21 प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न दे सकते हैं। दस साल की अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत की वजह से निवेश की गई रकम कई गुना बढ़ जाती है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद नियमित निवेश और धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए लार्ज और मिड कैप फंड भविष्य में बड़ी पूंजी खड़ी करने का एक बेहतरीन जरिया साबित हो सकते हैं। नियमितता और अनुशासन ही निवेश में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।
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