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4 min read | अपडेटेड June 10, 2025, 11:28 IST
सारांश
ICICI Bank ने अपनी FD की ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट्स तक की कटौती की है। नई दरें 10 जून 2025 से लागू हो गई हैं। यह बदलाव ₹3 करोड़ से कम की जमाराशियों पर लागू होंगे। हालांकि, टेन्योर और कस्टमर टाइप के हिसाब से यह अलग-अलग हो सकती हैं।

RBI ने फरवरी और अप्रैल 2025 में दो बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती की है।
ICICI Bank ने अपनी FD की ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट्स तक की कटौती की है। नई दरें 10 जून 2025 से लागू हो गई हैं। यह बदलाव ₹3 करोड़ से कम की जमाराशियों पर लागू होंगे। हालांकि, टेन्योर और कस्टमर टाइप के हिसाब से यह अलग-अलग हो सकती हैं।
RBI ने फरवरी और अप्रैल 2025 में दो बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती की है। इस बीच बैंकों ने FD ब्याज दरों में आक्रामक रूप से कमी की। एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, "फरवरी 2025 से FD की दरों में 30-70 बेसिस प्वॉइंट्स की रेंज में कमी की गई है।"
FD के अलावा बैंक सेविंग बैंक अकाउंट्स पर ब्याज दरों में भी कमी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंकों ने बचत खातों पर ब्याज दरों को पहले ही 2.70 फीसदी की फ्लोर रेट तक घटा दिया है।
अगर आप ऐसे समय में निवेश के नए विकल्पों क तलाश कर रहे हैं तो यहां आपके लिए जरूरी जानकारी दी गई है। यहां 5 ऐसी सरकारी स्कीम के बारे में बताया गया है, जो कि ना सिर्फ भरोसेमंद हैं, बल्कि आपको FD से ज्यादा रिटर्न देंगे।
NSC एक निश्चित आय वाली योजना है, जो मध्यम और निम्न आय वाले निवेशकों को टैक्स बचत के साथ निवेश के लिए प्रोत्साहित करती है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 5 साल होती है और ब्याज दर समय-समय पर बदलती रहती है। जून 2025 में इसकी ब्याज दर 7.7 परसेंट है। हालांकि, हर 3 महीने में सरकार इसकी समीक्षा करती है।
यह उन निवेशकों के लिए है जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है। इसकी ब्याज दर 8.2 फीसदी है। इसमें कम से कम 1000 रुपये और अधिकतम 30 लाख डिपॉजिट किए जा सकते हैं। सरकार हर तिमाही में SCSS की समीक्षा करती है और अगर जरूरी हो तो दरों में बदलाव करती है। जमाराशि की अवधि पांच वर्ष है, जिसे अतिरिक्त तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का विकल्प है।
NPS एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है जिसे भारत सरकार ने शुरू किया है। यह एक मार्केट-लिंक्ड, कम लागत वाली, और पेंशन फोकस्ड इन्वेस्टमेंट स्कीम है। एनपीएस अकाउंट होल्डर अपनी पूरी नौकरी अवधि के दौरान अपने पेंशन अकाउंट में नियमित कंट्रीब्यूशन कर सकते हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FDs) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसे ट्रेडिशनल फिक्स्ड-इनकम निवेशों की तुलना में, NPS लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देता है। इसमें 10 से 12 परसेंट के रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। इसके लिए लॉक-इन पीरियड 60 साल की उम्र तक है।
यह योजना सिर्फ बेटियों के लिए है। इस योजना के तहत माता-पिता 10 साल से कम उम्र की लड़की के नाम पर खाता खोल सकते हैं। यह खाता खोलने के बाद 21 साल में मैच्योर होता है, या यदि लड़की की शादी 18 साल की उम्र के बाद होती है तो उससे पहले भी बंद किया जा सकता है।
साल 2025 में इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कंपाउंड होता है यानी ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। इसमें हर साल कम से कम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक की जमा की जा सकती है। इसके साथ-साथ, इस योजना में किए गए निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
PPF लॉन्ग टर्म के लिए निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा समर्थित किया गया है। इसमें अभी 7.1% का ब्याज मिलता है, जो हर तीन महीने में बदला जा सकता है। इस स्कीम में जमा किया गया पैसा टैक्स से छूट प्राप्त करता है (धारा 80C के तहत), और इस पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स फ्री होता है। इसकी लॉक-इन अवधि 15 साल होती है, इसलिए यह लंबी अवधि के लक्ष्यों जैसे उच्च शिक्षा के लिए उपयुक्त है।
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