return to news
  1. बाजार के उतार-चढ़ाव में म्यूचुअल फंड्स का हाल देखा आपने? इस फंड में आया ₹38,300 करोड़ से ज्यादा का निवेश

पर्सनल फाइनेंस

बाजार के उतार-चढ़ाव में म्यूचुअल फंड्स का हाल देखा आपने? इस फंड में आया ₹38,300 करोड़ से ज्यादा का निवेश

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड October 13, 2026, 14:07 IST

सारांश

शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सितंबर में नेट इक्विटी इनफ्लो बढ़कर 38,306.55 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। घरेलू और रिटेल निवेशकों ने म्यूचुअल फंड्स पर मजबूत भरोसा दिखाया है। स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा 9,038 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि लार्जकैप और डिविडेंड फंड्स में भी बिकवाली के बाद जोरदार वापसी दर्ज की गई।

amfi-september-equity-inflow-surge-smallcap

बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सितंबर में म्यूचुअल फंड्स के नेट इक्विटी इनफ्लो में जोरदार उछाल देखने को मिला।

शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और उठापटक के बावजूद घरेलू और रिटेल निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स पर पूरी मजबूती से बना हुआ है। बाजार के बदलते मिजाज के बीच निवेशक घबराने के बजाय हर महीने लगातार पैसा लगा रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI (AMFI) की तरफ से जारी किए गए सितंबर महीने के आंकड़े इस बात का साफ प्रमाण दे रहे हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में नेट इक्विटी इनफ्लो में महीने दर महीने के आधार पर एक बहुत बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। निवेशक बाजार के हर माहौल में खरीदारी के मौके तलाश रहे हैं और अलग-अलग फंड कैटेगिरीज में जमकर अपनी पूंजी लगा रहे हैं।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

नेट इक्विटी इनफ्लो में जोरदार उछाल

AMFI के नए आंकड़ों पर गौर करें तो सितंबर के महीने में नेट इक्विटी इनफ्लो बढ़कर 38,306.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इससे ठीक पहले यानी अगस्त के महीने में यह आंकड़ा 29,328.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इसका मतलब यह है कि केवल एक महीने के भीतर ही नेट इक्विटी इनफ्लो में काफी बेहतरीन बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, अगर ओवरऑल इक्विटी एयूएम इनफ्लो की बात की जाए, तो सितंबर में यह 37.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले महीने यानी अगस्त में 39.21 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था। इस मामूली बदलाव के बावजूद इनफ्लो के मजबूत आंकड़े यह साफ दर्शाते हैं कि घरेलू निवेशक म्यूचुअल फंड्स के जरिए लगातार खरीदारी कर रहे हैं।

स्मॉलकैप फंड्स बने निवेशकों की पहली पसंद

निवेशकों ने जिस कैटेगिरी में सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया है, वह स्मॉलकैप फंड्स हैं। सितंबर के दौरान स्मॉलकैप कैटेगिरी में सबसे ज्यादा 9,038.57 करोड़ रुपये का नया इनफ्लो दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा अगस्त महीने के 7,973.33 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। स्मॉलकैप कंपनियों के फ्यूचर पोटेंशियल को देखते हुए निवेशक इनमें लगातार बड़ा दांव लगा रहे हैं। निवेशकों को लगता है कि आने वाले समय में छोटी कंपनियां बड़ा रिटर्न देने का दम रखती हैं, यही वजह है कि इस कैटेगिरी में सबसे ज्यादा पूंजी आ रही है।

लार्जकैप और डिविडेंड फंड्स में हुई जोरदार वापसी

सितंबर के आंकड़ों में सबसे बड़ी राहत लार्जकैप फंड्स के मोर्चे पर देखने को मिली है। अगस्त के महीने में जहां लार्जकैप फंड्स से 1,147.36 करोड़ रुपये का आउटफ्लो यानी बिकवाली देखी गई थी, वहीं सितंबर में स्थिति पूरी तरह बदल गई। इस महीने लार्जकैप फंड्स में 859.47 करोड़ रुपये का पॉजिटिव इनफ्लो दर्ज किया गया है। इससे साफ है कि निवेशक अब बड़ी और स्थिर कंपनियों में भी पैसा लगाने लगे हैं। कुछ ऐसा ही सुधार डिविडेंड फंड कैटेगिरी में भी देखने को मिला है। अगस्त में डिविडेंड फंड्स से 133.57 करोड़ रुपये बाहर निकले थे, लेकिन सितंबर में इसमें 179.31 करोड़ रुपये का नया इनफ्लो दर्ज किया गया है।

मिडकैप और फ्लेक्सीकैप में भी लगा बंपर पैसा

स्मॉलकैप और लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और फ्लेक्सीकैप फंड्स में भी निवेशकों ने दिल खोलकर पैसा लगाया है। आंकड़ों के अनुसार, मिडकैप फंड्स में सितंबर के दौरान 7,834.84 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया है, जो अगस्त के 6,989.4 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी मजबूत है। दूसरी तरफ फ्लेक्सीकैप फंड्स में भी इनफ्लो बढ़कर 6,701.80 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले महीने 5,059.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख