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  1. 8th Pay Commission: लखनऊ के बाद भुवनेश्वर और कोलकाता में भी बैठकें, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

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8th Pay Commission: लखनऊ के बाद भुवनेश्वर और कोलकाता में भी बैठकें, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 23, 2026, 13:21 IST

सारांश

8th Pay Commission: आयोग दिल्ली, हैदराबाद, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भी परामर्श बैठकें पहले ही कर चुका है। अब लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता की बैठकें आयोग की अंतिम सिफारिशों को आकार देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

8th pay commission

8th pay commission: बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर होने की संभावना है।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में आयोग जून और जुलाई 2026 में लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता में तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रीय परामर्श बैठकें आयोजित कर रहा है। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों, महासंघों और सरकारी विभागों से वेतन, भत्तों, पेंशन और रिटायरमेंट लाभों पर सुझाव लिए जाएंगे। बता दें कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था।
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आयोग दिल्ली, हैदराबाद, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भी परामर्श बैठकें पहले ही कर चुका है। अब लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता की बैठकें आयोग की अंतिम सिफारिशों को आकार देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

कब होने वाली है बैठकें

आठवें वेतन आयोग द्वारा लखनऊ में दो दिवसीय बैठक 22 और 23 जून 2026 को आयोजित की जा रही है। इसके अलावा भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोग की टीम 6 और 7 जुलाई 2026 को बैठक करेगी। कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में बैठकों का आयोजन 9 और 10 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

फिटमेंट फैक्टर एक अहम मुद्दा

इन बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर होने की संभावना है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इसी के आधार पर नए वेतन का निर्धारण होता है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में जोड़ने की मांग भी उठ रही है। हालांकि सरकार ने फिलहाल साफ किया है कि DA को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है।

पेंशन

पेंशन से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। विभिन्न संगठनों ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने, पेंशन कम्यूटेशन (Pension Commutation) के नियमों को आसान बनाने और रिटायरमेंट लाभों में सुधार की मांग की है। एक अहम प्रस्ताव यह भी है कि न्यूनतम पेंशन को कर्मचारी के अंतिम वेतन के 67% के बराबर किया जाए। साथ ही उम्र बढ़ने के साथ इसमें क्रमिक वृद्धि हो, ताकि 90 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर पेंशन अंतिम वेतन के 100% के बराबर हो सके।

वहीं, रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसायटी (RSCWS) ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर वार्षिक वेतन वृद्धि की दर 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग की है। संगठन ने पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि को 15 साल से घटाकर 10-12 साल करने और 1 जनवरी 2026 के मूल्य सूचकांक (Price Index) के आधार पर न्यूनतम वेतन तय करने का सुझाव भी दिया है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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