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  1. 20 साल बाद आज के एक करोड़ को कितना खा जाएगी महंगाई? आंकड़ें देख बदल जाएगा आपके निवेश का नजरिया

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20 साल बाद आज के एक करोड़ को कितना खा जाएगी महंगाई? आंकड़ें देख बदल जाएगा आपके निवेश का नजरिया

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 28, 2026, 17:09 IST

सारांश

1 करोड़ रुपये का कॉर्पस आज बहुत बड़ा लगता है और कई लोगों का फाइनेंशियल गोल होता है। हालांकि समय के साथ महंगाई इसकी वैल्यू कम कर देती है। 6% सालाना महंगाई के हिसाब से 20 साल बाद आज के 1 करोड़ रुपये की खरीदारी क्षमता घटकर एक तिहाई से भी कम रह जाएगी।

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महंगाई के कारण 20 साल बाद 1 करोड़ रुपये की खरीदारी क्षमता काफी कम हो जाएगी।

1 करोड़ रुपये का कॉर्पस आज हर किसी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल गोल लगता है। जब लोग अपने फ्यूचर की प्लानिंग करते हैं, तो अक्सर 1 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखते हैं। लेकिन वक्त के साथ पैसा अपनी वैल्यू धीरे-धीरे खो देता है। साल दर साल महंगाई की वजह से पैसों की खरीदारी क्षमता पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। आज जो 1 करोड़ रुपये आपको एक बड़ी रकम लग रहे हैं, फ्यूचर में उनकी ताकत वैसी नहीं रहेगी। इसलिए लंबे समय के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय सिर्फ 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूना ही काफी नहीं होता है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि उस समय उस पैसे से आप क्या खरीद पाएंगे।

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महंगाई का गणित और पैसों की घटती ताकत

महंगाई आपके पैसों की वैल्यू को किस तरह कम करती है, इसे एक सीधे गणित से समझा जा सकता है। अगर सालाना महंगाई दर औसतन 6% मानी जाए, तो 20 साल बाद आपके 1 करोड़ रुपये के कॉर्पस की असली वैल्यू घटकर पुरानी वैल्यू के एक तिहाई से भी कम रह जाएगी। बैंक में या कागजों पर तो वह रकम 1 करोड़ रुपये ही दिखेगी, लेकिन बाजार में उसकी खरीदारी क्षमता बहुत कम हो चुकी होगी। यानी आपका पैसा बैंक में कम नहीं होगा, लेकिन उससे मिलने वाली सहूलियत और सामान की मात्रा घट जाएगी।

20 साल बाद कितने पैसों की होगी जरूरत

अगर आज आपकी किसी जरूरत या गोल की कीमत 1 करोड़ रुपये है, तो 6% सालाना महंगाई दर के हिसाब से 20 साल बाद उसी जरूरत को पूरा करने के लिए आपको 3.20 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। इस तरह केवल महंगाई की वजह से ही उस गोल की कीमत में 2.20 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप 20 साल बाद के किसी गोल के लिए आज केवल 1 करोड़ रुपये जुटाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आप अपने असली लक्ष्य से दोगुने से भी ज्यादा पीछे रह जाएंगे।

फाइनेंशियल प्लानिंग में इन बातों का रखें ध्यान

यही वजह है कि लंबे समय के फाइनेंशियल गोल्स तय करते समय महंगाई के असर को गिनना बेहद जरूरी है। इसके अलावा आपकी सेविंग्स पर टैक्स का बोझ भी एक अतिरिक्त भार की तरह काम करता है। अगर आप आज अपनी प्लानिंग में महंगाई और टैक्स दोनों के असर को शामिल नहीं करते हैं, तो फ्यूचर में आपको पैसों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। सही और सटीक प्लानिंग वही है, जो आज की महंगाई दर को ध्यान में रखकर फ्यूचर की सही लागत का अंदाजा लगाए। इससे आपको आज सही मात्रा में बचत करने का सही आइडिया मिलेगा और जब आपका गोल पूरा होने का वक्त आएगा, तब आपका पैसा आपकी जरूरतों को आराम से पूरा कर सकेगा।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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