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  1. Wipro Share: निवेशकों को रास नहीं आया रिजल्ट, मजबूत मुनाफे के बावजूद इन 3 वजहों से 6% टूट गए शेयर

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Wipro Share: निवेशकों को रास नहीं आया रिजल्ट, मजबूत मुनाफे के बावजूद इन 3 वजहों से 6% टूट गए शेयर

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 17, 2025, 10:28 IST

सारांश

Wipro Share: जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 26 फीसदी का उछाल आया है। कंपनी ने इस अवधि में 3570 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 2834.6 करोड़ रुपये था। फिर भी आज इसके शेयरों में बिकवाली हो रही है।

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Wipro Share: FY25 की मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शेयर पर निवेशकों का भरोसा घटा है।

Wipro Share: FY25 की मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शेयर पर निवेशकों का भरोसा घटा है।

Wipro Share: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो के शेयरों में आज 17 अप्रैल को बिकवाली हो रही है। आज इंट्राडे में कंपनी के शेयर करीब 6 फीसदी टूटकर 232.20 रुपये के भाव पर आ गए। FY25 की मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शेयर पर निवेशकों का भरोसा घटा है। आज की गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप घटकर 2.44 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। यहां गिरावट के तीन कारण बताए गए हैं।
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1. Wipro के रेवेन्यू पर दबाव

दरअसल, एक्सपर्ट्स का मानना है कि Wipro के लिए मांग में नरमी के बीच ग्रोथ की संभावनाएं अनिश्चित दिख रही थीं। कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही में फ्लैट रहा और यह 1 फीसदी से अधिक बढ़कर 22504.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 22,208.30 करोड़ रुपये था।

इसके प्रमुख आईटी सर्विस सेगमेंट, जो कंपनी के कारोबार का बड़ा हिस्सा है, में गिरावट दर्ज की गई। इस सेगमेंट का रेवेन्यू $2596.5 मिलियन रहा, जो तिमाही आधार पर 1.2% और सालाना आधार पर 2.3% कम है। कॉस्टेंट करेंसी में रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 0.8% और सालाना 1.2% की गिरावट आई। आईटी सर्विस सेगमेंट के लिए विप्रो का ऑपरेटिंग मार्जिन सालाना आधार पर 1.1 फीसदी अंक बढ़कर 17.5% हो गया, हालांकि यह क्रमिक आधार पर स्थिर रहा।

हालांकि, जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 26 फीसदी का उछाल आया है। कंपनी ने इस अवधि में 3570 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 2834.6 करोड़ रुपये था।

2. Q1FY26 में घट सकता है रेवेन्यू

Wipro का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आईटी सर्विस कारोबार का रेवेन्यू 250.5 करोड़ डॉलर से 255.7 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान है। यह पिछली तिमाही की तुलना में 3.5% से 1.5% की गिरावट है।

3. Wipro पर टैरिफ हाइक का भी असर

विप्रो ने कहा कि टैरिफ के कारण पैदा हुई आर्थिक अनिश्चितता का असर कंज्यूमर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मांग पर पड़ा है। इसकी वजह से कुछ बड़े बदलावों वाले प्रोजेक्ट रुक गए हैं और क्लाइंट्स की डिस्क्रीशनरी डिमांड से होने वाला खर्च भी कम हुआ है।

हालांकि, मैनेजमेंट ने कमजोर गाइडेंस की वजह यह बताई कि ग्राहक खर्च टाल रहे हैं क्योंकि आर्थिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही (H2FY26) में विकास की रफ्तार पकड़ में आ जाएगी, क्योंकि उस समय कुछ बड़े सौदे आगे बढ़ेंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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