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  1. Stock Market: नए रिकॉर्ड लो पर फिसला रुपया, आज इन फैक्टर्स ने फिर बढ़ाई बाजार में बिकवाली

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Stock Market: नए रिकॉर्ड लो पर फिसला रुपया, आज इन फैक्टर्स ने फिर बढ़ाई बाजार में बिकवाली

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड May 20, 2026, 10:57 IST

सारांश

Stock Market: डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज रुपये ने 96.86 का अपना अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया। रुपये में लगातार हो रही गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

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Stock Market: जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमत ऊपर बनी हुई है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 20 मई को बिकवाली का दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 670 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 74,529.41 के स्तर तक लुढ़क गया। इसके अलावा Nifty 50 में भी करीब 220 अंकों की कमजोरी रही और यह 23397.30 के लेवल पर आ गया। आज डॉलर के मुकाबले रुपया एक बार फिर नए निचले स्तर पर चला गया। इसके अलावा कई अन्य फैक्टर्स भी रहे, जिन्होंने बाजार पर दबाव बनाया है।
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रुपया नए रिकॉर्ड लो पर

डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज रुपये ने 96.86 का अपना अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया। रुपये में लगातार हो रही गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि आज बाजार ने एक बार फिर गोता लगाया है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमत ऊपर बनी हुई है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 110.74 डॉलर प्रति बैरल पर है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिका-ईरान तनाव

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा है कि वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई का फैसला लेने के करीब थे, जिससे दुनियाभर के निवेशकों में डर बढ़ गया। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव ने सीजफायर टूटने का डर भी बढ़ा दिया है। इन वजहों से निवेशक सतर्क हो गए हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशक (FII) फिर से भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने करीब 2,457 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। जब विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली करते हैं, तो बाजार पर दबाव बढ़ता है और सेंटीमेंट कमजोर हो जाता है।

इसके अलावा, अमेरिका के सरकारी बॉन्ड की यील्ड भी बढ़ रही है। जब वहां बॉन्ड पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, तो निवेशक उभरते बाजारों जैसे भारत से पैसा निकालकर अमेरिका में लगाना पसंद करते हैं। इससे भारतीय शेयर बाजार और रुपये दोनों पर दबाव बढ़ जाता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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