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  1. भारतीय रेलवे कंपनी का विदेश में जलवा, मिला ₹4000 करोड़ से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट, अब अगले 15 साल तक आता रहेगा पैसा

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भारतीय रेलवे कंपनी का विदेश में जलवा, मिला ₹4000 करोड़ से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट, अब अगले 15 साल तक आता रहेगा पैसा

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड May 13, 2026, 10:08 IST

सारांश

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग को दक्षिण अफ्रीका से 4,045 करोड़ रुपये का बड़ा इंटरनेशनल ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी 2,235 मालगाड़ी के डिब्बे और 30 डीजल इंजन की सप्लाई करेगी। साथ ही, 15 साल तक इनके मेंटेनेंस का जिम्मा भी कंपनी का होगा।

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कल कंपनी को ऑर्डर मिला और आज स्टॉक रॉकेट हो गया। | Image: Shutterstock

भारतीय रेल इंजीनियरिंग का डंका अब सात समंदर पार भी बजने लगा है। रेलवे सेक्टर की बड़ी कंपनी टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी को दक्षिण अफ्रीका से 4,045 करोड़ रुपये से ज्यादा का एक मेगा इंटरनेशनल ऑर्डर मिला है। मंगलवार 12 मई को कंपनी ने खुद इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी है। इस खबर के आते ही शेयर बाजार में टेक्समैको रेल के शेयरों की मांग बढ़ गई और निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इस ऑर्डर को कंपनी के इंटरनेशनल सफर में एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

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क्या है इस बड़े ऑर्डर की खासियत?

कंपनी को यह ऑर्डर दक्षिण अफ्रीका की एक बड़ी ट्रेन ऑपरेटिंग कंपनी की ओर से मिला है। इस पूरे प्रोजेक्ट की वैल्यू 4,045 करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत टेक्समैको रेल को 2,235 से ज्यादा मालगाड़ी के डिब्बे यानी फ्रेट वैगन सप्लाई करने हैं। ये डिब्बे अलग-अलग तरह के होंगे ताकि वहां की जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही कंपनी 30 डीजल रेल इंजन यानी लोकोमोटिव की भी सप्लाई करेगी। यह कंपनी के लिए अब तक के सबसे बड़े विदेशी ऑर्डर्स में से एक है जो उसके ग्लोबल विस्तार की योजना के लिए बहुत अहम है।

15 साल तक मेंटेनेंस का जिम्मा

इस डील की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ सामान की सप्लाई तक ही सीमित नहीं है। इसमें 15 साल के लिए मेंटेनेंस की पार्टनरशिप भी शामिल है। इसका मतलब है कि अगले डेढ़ दशक तक कंपनी को वहां से बिजनेस मिलता रहेगा और उसे काम की कमी नहीं होगी। इससे कंपनी के रेवेन्यू में लंबे समय तक मजबूती बनी रहेगी। यह प्रोजेक्ट दक्षिण अफ्रीका के रेल सेक्टर में हो रहे सुधारों और वहां के नए फ्रेट रेल फ्रेमवर्क का हिस्सा है। वहां की सरकार माल ढुलाई और रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने पर काफी जोर दे रही है और भारतीय कंपनी इसका फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अफ्रीका में बढ़ेगी कंपनी की पकड़

टेक्समैको रेल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुदीप्त मुखर्जी ने इस जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण मार्केट है और वहां लंबे समय के लिए काफी संभावनाएं हैं। यह ऑर्डर भारतीय रेल इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग की ताकत को दुनिया के सामने पेश करता है। इस सफलता से भविष्य में अफ्रीका के दूसरे देशों में भी कंपनी के लिए नए रास्ते खुलेंगे। कंपनी वहां वैगन सप्लाई के अलावा रेल इंजन के आधुनिकीकरण और मरम्मत जैसे कामों में भी अपनी पैठ बना सकती है। इससे आने वाले सालों में कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

शेयर बाजार में दिखा जबरदस्त एक्शन

जैसे ही इस मेगा ऑर्डर की खबर बाजार में फैली, टेक्समैको रेल के शेयरों में रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर कंपनी का शेयर करीब 12.72 पर्सेंट की बढ़त के साथ 119.16 रुपये पर बंद हुआ। एक ही दिन में शेयर की कीमत में 13 रुपये से ज्यादा का उछाल आया। निवेशकों को लग रहा है कि इतने बड़े ऑर्डर से कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत होगी और फ्यूचर में मुनाफा बढ़ेगा। रेलवे स्टॉक्स में पहले से ही काफी हलचल है और इस तरह के बड़े विदेशी ऑर्डर ने सोने पर सुहागा का काम किया है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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