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4 min read | अपडेटेड May 13, 2026, 08:38 IST
सारांश
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। दिल्ली में सोने की कीमत 1,500 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं चांदी भी 4 पर्सेंट से ज्यादा महंगी होकर 2.77 लाख रुपये प्रति किलो हो गई है।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के हालातों से सोने और चांदी की कीमतों में आया भारी उछाल।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब सीधे आपकी जेब पर पड़ रहा है। दुनिया भर के बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। भारत के सर्राफा बाजार में भी इसका बड़ा असर दिखा है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक हर बड़े शहर में सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। मंगलवार को दिल्ली में सोना 1,500 रुपये महंगा होकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी में भी आग लगी हुई है। चांदी 4 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी के साथ 2.77 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। इस महंगाई के पीछे डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया और ग्लोबल मार्केट में पैदा हुआ डर सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
अगर अलग-अलग शहरों की बात करें तो कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव 15,414 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं 22 कैरेट सोने के लिए 14,131 रुपये और 18 कैरेट के लिए 11,565 रुपये प्रति ग्राम चुकाने होंगे। मुंबई और कोलकाता में कीमतें लगभग एक जैसी बनी हुई हैं, जहां 24 कैरेट सोना 15,399 रुपये प्रति ग्राम पर मिल रहा है। दक्षिण भारत के चेन्नई में सोने के दाम सबसे ज्यादा नजर आ रहे हैं, वहां 24 कैरेट सोना 15,634 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया है। घरेलू मार्केट में लोग सुरक्षा के लिहाज से सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं, जिससे कीमतों को और सपोर्ट मिल रहा है।
विदेशी खरीदारी को कम करने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाने के लिए केंद्र सरकार ने एक कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6 पर्सेंट से बढ़ाकर सीधा 15 पर्सेंट कर दिया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को जारी सरकारी आदेशों में इसकी जानकारी दी गई है। सरकार का मुख्य मकसद बाहर से आने वाली धातुओं की सप्लाई को कंट्रोल करना है ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में और भी उछाल देखने को मिल सकता है। बैंक भी अब 3 पर्सेंट की लेवी देने को तैयार हो गए हैं, जिससे सोने का इंपोर्ट फिर से शुरू हो गया है।
ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों पर इस वक्त दोहरी मार पड़ रही है। ईरान के साथ शांति समझौते की उम्मीदें लगभग खत्म होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 3 पर्सेंट से ज्यादा का उछाल आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ सीजफायर की कोशिशें अब पूरी तरह से नाकाम होने की कगार पर हैं। तेल महंगा होने से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। जानकारों का कहना है कि अगर तेल इसी तरह महंगा होता रहा तो अमेरिका का सेंट्रल बैंक महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि सोना महंगाई के खिलाफ बचाव का रास्ता माना जाता है, लेकिन ब्याज दरें बढ़ने से इस पर दबाव भी रहता है।
भले ही मौजूदा समय में कीमतें बहुत ज्यादा हैं, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स अभी भी सोने को लेकर काफी उम्मीद में हैं। यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक का मानना है कि सोने की कीमतों में रिकवरी आएगी और यह इस साल नए रिकॉर्ड बना सकता है। सोने के साथ-साथ चांदी की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की सप्लाई में कमी आ सकती है क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सोलर पैनल में इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ ज्यादा भाग रहे हैं, जिससे चांदी की डिमांड को फ्यूचर में और मजबूती मिलेगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका के पीपीआई डेटा और ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली मीटिंग पर टिकी हैं।
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