मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड September 01, 2026, 10:49 IST
सारांश
सिम्बायोटेक फार्माकेम के 1,757 करोड़ रुपये के आईपीओ को 75.08 गुना सबस्क्रिप्शन मिला था, लेकिन आज बाजार में इसकी लिस्टिंग सुस्त रही। 988 रुपये के इश्यू प्राइस पर लिस्ट होने के बाद शेयर में 2% से ज्यादा की गिरावट आई।

लिस्टिंग के बाद फिसला भाव।
प्राइमरी मार्केट में बंपर सबस्क्रिप्शन हासिल करने के बाद फार्मा सेक्टर की कंपनी सिम्बायोटेक फार्माकेम लिमिटेड का शेयर आज यानी 1 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया है। हालांकि दमदार सबस्क्रिप्शन के बावजूद निवेशकों को लिस्टिंग गेन के मोर्चे पर निराशा हाथ लगी है। कंपनी का शेयर अपने 988 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड के बराबर यानी बिल्कुल फ्लैट भाव पर लिस्ट हुआ है। लिस्टिंग के ठीक बाद बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे शेयर में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसे लगाए थे या जो अब इसमें नए निवेश का विचार कर रहे हैं, उनके लिए कंपनी के सबस्क्रिप्शन डेटा, इसके बिजनेस मॉडल और रिस्क फैक्टर्स के बारे में जानना बहुत जरूरी है।
सिम्बायोटेक फार्माकेम के 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को बिडिंग के आखिरी दिन 27 अगस्त 2026 तक निवेशकों की तरफ से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। कुल मिलाकर यह आईपीओ 75.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कैटेगरी वाइज आंकड़ों पर नजर डालें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB (एंकर को छोड़कर) हिस्से में सबसे ज्यादा 181.20 गुना बोलियां मिली थीं। वहीं नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में यह इश्यू 77.56 गुना भरा था। इसके अलावा रिटेल निवेशकों के हिस्से में 13.69 गुना सबस्क्रिप्शन दर्ज किया गया था। भारी सबस्क्रिप्शन के बावजूद आज हुई फ्लैट लिस्टिंग ने बाजार के जानकारों को भी थोड़ा चौंकाया है।
सिम्बायोटेक फार्माकेम लिमिटेड एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स यानी एपीआई (API) के निर्माण से जुड़ी एक अग्रणी कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से स्टेरॉयडल हार्मोन्स और कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स एपीआई बनाने के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर मानी जाती है। कंपनी के पास मध्य प्रदेश के इंदौर में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और तीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी आरएंडडी सेंटर्स मौजूद हैं। कंपनी के पास इन-हाउस की-स्टार्टिंग मटीरियल्स बनाने की क्षमता है, जिससे इसकी बाहरी सप्लायर्स पर निर्भरता कम रहती है। इसके अलावा कंपनी बायोटेक्नोलॉजी, फर्मेंटेशन और कॉम्प्लेक्स इंजेक्टेबल्स जैसे नए सेक्टर्स में भी अपना विस्तार कर रही है।
कंपनी का फाइनेंशियल रिकॉर्ड काफी मजबूत बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान सिम्बायोटेक फार्माकेम का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 872.26 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 755.98 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी के मुनाफे की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में इसका नेट प्रॉफिट 109.90 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 96.79 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का ईबिटडा बढ़कर 231.97 करोड़ रुपये हो गया और ईबिटडा मार्जिन 26.6% के मजबूत लेवल पर रहा। कंपनी का लगभग 67% रेवेन्यू एक्सपोर्ट मार्केट यानी अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है।
सिम्बायोटेक फार्माकेम के बिजनेस में कुछ बड़े रिस्क फैक्टर्स भी शामिल हैं जिन्हें समझना जरूरी है। कंपनी का सबसे बड़ा रिस्क एपीआई सेगमेंट पर इसकी अत्यधिक निर्भरता है, जिससे कंपनी को 96% रेवेन्यू मिलता है। इसमें भी टॉप 5 API प्रॉडक्ट्स से 62% से ज्यादा रेवेन्यू आता है। दूसरा बड़ा रिस्क इसका कस्टमर कंसंट्रेशन है, जहां टॉप 10 ग्राहकों से 57% से अधिक रेवेन्यू मिलता है। इसके अलावा कंपनी के रेवेन्यू का 67% हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों और टैरिफ बदलावों का खतरा रहता है। साथ ही 1,757 करोड़ रुपये के आईपीओ में 1,607 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा ऑफर फॉर सेल यानी OFS का था, जिससे नया फंड सीधे प्रमोटर्स के पास गया है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख