मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 12:21 IST
सारांश
फूड डिलीवरी दिग्गज स्विगी के लिए तीसरी तिमाही के नतीजे भारी पड़े हैं। कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर 1,065 करोड़ रुपये हो गया है, जिसके चलते शुक्रवार को इसके शेयरों में करीब 8% की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 54% बढ़ा है, लेकिन बढ़ता घाटा निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।

स्विगी के शेयरों में आई भारी गिरावट से निवेशकों को लगा बड़ा झटका।
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में शुक्रवार को बड़ी बिकवाली देखने को मिली है। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने के बाद निवेशकों ने जमकर शेयरों की बिक्री की, जिससे शेयर के दाम करीब 8% तक टूट गए। कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गया है, जिसकी वजह से बाजार में निराशा का माहौल बना हुआ है। हालांकि कंपनी ने अपने रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दिखाई है, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर विफलता ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है। फिलहाल शेयर अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे उन लोगों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने हाल ही में इसमें निवेश किया था।
स्विगी के शेयर शुक्रवार 30 जनवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 7.78% तक गिरकर 302.15 रुपये के निचले स्तर पर आ गए। सुबह के कारोबार के दौरान ही शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। पिछले एक हफ्ते में कंपनी के शेयर लगभग 2% और पिछले एक महीने में 22% से ज्यादा टूट चुके हैं। साल 2025 में सितंबर के दौरान कंपनी का शेयर 474 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन अब यह अपने सालाना निचले स्तर के करीब पहुंचता दिख रहा है। बाजार की इस गिरावट ने कंपनी के कुल मार्केट कैप को भी प्रभावित किया है, जो अब घटकर 85,542.12 करोड़ रुपये के करीब रह गया है।
कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा बढ़कर 1,065 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 799 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हालांकि, ऑपरेशनल रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है और यह सालाना आधार पर करीब 54% बढ़कर 6,148 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। फूड डिलीवरी सेगमेंट से मिलने वाले रेवेन्यू में 24.67% की बढ़त हुई है, जबकि क्विक कॉमर्स और सप्लाई चेन सेगमेंट में 76% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी का कारोबार तो बढ़ रहा है, लेकिन बढ़ते खर्चे मुनाफे की राह में बाधा बन रहे हैं।
स्विगी के सीईओ श्रीहर्षा मजेटी का मानना है कि कंपनी यूजर ग्रोथ और फूड डिलीवरी सेगमेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने भविष्य को लेकर भरोसा जताया है कि हाल ही में मिली पूंजी कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूती देगी और इसे विकास की ओर ले जाएगी। दूसरी ओर, मार्केट एक्सपर्ट्स थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का कहना है कि स्विगी को ग्रोथ और मुनाफे के बीच संतुलन बनाने में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सीएलएसए ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी के क्विक कॉमर्स सेगमेंट का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा है और रेवेन्यू के आंकड़े अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं।
अलग-अलग सेगमेंट में कंपनी का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा है। एक तरफ जहां जहां क्विक कॉमर्स सेगमेंट से 1,016 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला, वहीं आउट-ऑफ-होम कंजम्पशन से 103 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। कंपनी का इबिडा (EBITDA) घाटा भी 782 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 725 करोड़ रुपये था। प्लेटफॉर्म इनोवेशन सेगमेंट में रेवेन्यू में 59% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो केवल 9 करोड़ रुपये रह गया है। जानकारों का मानना है कि जब तक स्विगी अपने क्विक कॉमर्स सेगमेंट में घाटे को कम नहीं करती, तब तक शेयरों में बड़ी तेजी की संभावना कम है। आने वाले दिनों में प्रतिस्पर्धा और बढ़ने वाली है, जिससे कंपनी पर दबाव बना रहेगा।
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