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4 min read | अपडेटेड April 21, 2026, 11:09 IST
सारांश
सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में आज जबरदस्त एक्शन देखने को मिल रहा है। कंपनी ने कोरियन फर्म के साथ एक अहम समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिससे करीब 300 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
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सुजलॉन एनर्जी अब दक्षिण कोरियाई कंपनी जीएस ईएंडसी के साथ मिलकर भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार करेगी।
सुजलॉन एनर्जी के निवेशकों के लिए मंगलवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। भारत की दिग्गज रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन कंपनी सुजलॉन ने दक्षिण कोरिया की बड़ी कंपनी जीएस ईएंडसी के साथ एक बड़ा समझौता किया है। यह पार्टनरशिप भारत में रिन्यूएबल एनर्जी के बिजनेस को बढ़ाने और नए सॉल्यूशन को बेहतर बनाने के लिए की गई है। इस समझौते पर इंडिया-कोरिया बिजनेस फोरम के दौरान दस्तखत किए गए। इस मौके पर भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कोरिया के मंत्री येओ हान-कू भी मौजूद रहे। इस खबर के बाहर आते ही बाजार में सुजलॉन के शेयरों को लेकर हलचल काफी बढ़ गई है और निवेशक इसे कंपनी की बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रहे हैं।
सुजलॉन और जीएस ईएंडसी मिलकर भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को डेवलप करने पर काम करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का कुल साइज करीब 80 अरब कोरियन वॉन होने का अनुमान है। हालांकि निवेश की सटीक रकम आने वाले समय में तय की जाएगी। जीएस ईएंडसी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र की एक बहुत बड़ी और नामी कंपनी है। इस नए प्रोजेक्ट से भारत में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस पार्टनरशिप की वजह से करीब 300 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां पैदा होंगी। यह समझौता न केवल सुजलॉन के लिए बल्कि भारत के ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिर्फ अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप ही नहीं बल्कि घरेलू स्तर पर भी सुजलॉन ने अपनी पकड़ बहुत मजबूत कर ली है। मार्च 2026 में सुजलॉन ग्रुप ने सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गेल यानी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ एक बड़ी डील पूरी की है। कंपनी को गेल से करीब 100 मेगावाट का विंड एनर्जी प्रोजेक्ट मिला है। गेल के साथ सुजलॉन का यह छठा बड़ा प्रोजेक्ट है। खास बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2026 में सुजलॉन को मिला यह चौथा बड़ा सरकारी ऑर्डर है। सरकारी कंपनियों से लगातार मिल रहे इन ऑर्डर्स ने कंपनी के रेवेन्यू और फ्यूचर को लेकर निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा दिया है। इससे कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार दिखने की पूरी उम्मीद है।
ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल यानी जीडब्ल्यूईसी की 2026 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, विंड एनर्जी सेक्टर में पूरी दुनिया में बड़ा बदलाव आ रहा है। साल 2025 में दुनिया भर में रिकॉर्ड 165 गीगावाट की नई क्षमता जोड़ी गई है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 40 पर्सेंट ज्यादा है। साल 2025 के अंत तक दुनिया की कुल विंड एनर्जी क्षमता 1,299 गीगावाट तक पहुंच गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 138 देश अब विंड पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं। एशियाई देशों में भारत और चीन सबसे टॉप पर बने हुए हैं। इन दोनों देशों ने मिलकर 131 गीगावाट की नई क्षमता कमीशन की है जो पूरी दुनिया की कुल क्षमता का 80 पर्सेंट है।
अगर सुजलॉन एनर्जी के शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें पिछले कुछ समय से लगातार मजबूती देखी जा रही है। आज बाजार में यह शेयर करीब 1.30 पर्सेंट की बढ़त के साथ 53.18 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। पिछले पांच दिनों में इस शेयर ने करीब 12 पर्सेंट और पिछले एक महीने में 33 पर्सेंट से ज्यादा का रिटर्न दिया है। कंपनी के बेहतर ऑपरेशन और नए प्रोजेक्ट्स के इंप्लिमेंटेशन की वजह से इसके शेयरों में खरीदारी काफी बढ़ गई है।
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