मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड February 01, 2026, 16:11 IST
सारांश
आज रविवार को बजट के दिन शेयर बाजार में कोहराम मच गया। वित्त मंत्री द्वारा फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT बढ़ाने के फैसले से ट्रेडर्स में नाराजगी दिखी। डिफेंस और मेटल स्टॉक्स 10 से 15 प्रतिशत तक टूट गए। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर में कुछ खरीदारी देखी गई।

बजट के दिन बाजार में भारी गिरावट
देश के आम बजट 2026 के दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए रविवार का स्पेशल ट्रेडिंग सेशन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बजट की शुरुआत में बाजार में जो थोड़ी बहुत उम्मीद दिख रही थी, वह वित्त मंत्री के भाषण के खत्म होते-होते गहरे डर में बदल गई। शाम को जब बाजार बंद हुआ, तो चारों तरफ लाल निशान का कब्जा था। बीएसई सेंसेक्स 1,547 अंक यानी 1.88% की भारी गिरावट के साथ 80,723 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 495 अंक यानी 1.96% टूटकर 24,825 के लेवल पर आ गया। इस गिरावट ने बाजार की पिछली कई हफ्तों की बढ़त को एक ही दिन में साफ कर दिया।
बाजार के इस तरह धड़ाम होने के पीछे सबसे बड़ा कारण फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% करने का प्रस्ताव रखा, ट्रेडर्स के बीच भगदड़ मच गई। सट्टेबाजी रोकने के नाम पर की गई इस बढ़ोतरी से एक्टिव ट्रेडर्स की लागत काफी बढ़ गई है। बाजार को डर है कि इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ी कमी आएगी, जिसका सीधा असर ब्रोकरेज हाउस और मार्केट लिक्विडिटी पर पड़ेगा।
आज के सेशन में बैंकिंग सेक्टर की सबसे ज्यादा पिटाई हुई है। निफ्टी बैंक 1,193.24 अंक यानी पूरे 2.00% की गिरावट के साथ 58,417.20 के लेवल पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का मुख्य कारण यह रहा कि बजट में इस सेक्टर के लिए कोई बहुत बड़े प्रोत्साहन की बात नहीं की गई। साथ ही, मेटल और अन्य बड़े सेक्टर में आई गिरावट ने भी बैंकों के लोन पोर्टफोलियो को लेकर निवेशकों को थोड़ा डरा दिया। एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे बड़े दिग्गज शेयरों में भी आज बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।
बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए फंड तो बढ़ाया गया, लेकिन किसी नई डिफेंस पॉलिसी का ऐलान न होने से निवेशक नाराज दिखे। गार्डन रीच, एचएएल और मझगांव डॉक जैसे शेयरों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं मेटल सेक्टर में तो आज हाहाकार मचा रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे और जिंक की कीमतों में आई गिरावट और बजट में किसी खास राहत के न मिलने से हिंदुस्तान कॉपर और हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयर 21% से भी ज्यादा टूट गए। निफ्टी मेटल इंडेक्स आज के सेशन में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा।
बाजार के इस भारी कोहराम के बीच केवल आईटी और फार्मा सेक्टर ही ऐसे रहे जहां थोड़ी बहुत हरियाली नजर आई। सरकार ने आईटी सेक्टर के लिए नियमों को थोड़ा आसान किया है, जिससे कुछ प्रमुख शेयरों को सहारा मिला। बायोफार्मा सेक्टर में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के ऐलान से दवा कंपनियों के शेयरों में भी मामूली खरीदारी देखी गई। हालांकि, इन चंद सेक्टर की बढ़त पूरे बाजार को गिरावट से बचाने के लिए काफी नहीं थी। अंत में बिकवाली इतनी हावी थी कि लगभग हर दो शेयर गिरने पर केवल एक शेयर ही बढ़त बना पा रहा था।
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