मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड November 06, 2026, 13:38 IST
सारांश
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में भारती एयरटेल और जियो प्लेटफॉर्म्स के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली है। एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 30.8% बढ़कर 8,888 करोड़ रुपये रहा, वहीं जियो का मुनाफा 13.7% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये रहा।
शेयर सूची

भारतीय टेलीकॉम बाजार में जियो और एयरटेल सबसे बड़ी कंपनियां हैं।
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दो प्रमुख दिग्गज कंपनियों भारती एयरटेल और शेयर बाजार में हाल ही में लिस्ट हुई जियो प्लेटफॉर्म्स ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। देश के टेलीकॉम बाजार में दोनों का दबदबा कायम है और दोनों ने अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है। दूसरी तिमाही के आंकड़ों की तुलना से साफ है कि दोनों कंपनियों की अपनी अलग खूबियां हैं। जहां एयरटेल ज्यादा रेवेन्यू और ऊंचे ARPU यानी प्रति यूजर औसत कमाई में आगे है, वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स कुल ग्राहकों की संख्या और ब्रॉडबैंड विस्तार में सबसे आगे है।
दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार भारती एयरटेल का कंसोलिडेटेड ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना 16.7% बढ़कर 60,878 करोड़ रुपये रहा, जिसमें अफ्रीका का कारोबार भी शामिल है। वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू 11.4% बढ़कर 40,475 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे की बात करें तो एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 30.8% उछलकर 8,888 करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जबकि जियो का नेट प्रॉफिट 13.7% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये रहा। हालांकि नेट प्रॉफिट मार्जिन में जियो 20.7% के साथ आगे है, जबकि एयरटेल का मार्जिन 14.8% रहा। एयरटेल का EBITDA 35,240 करोड़ रुपये और मार्जिन 57.9% रहा, वहीं जियो का EBITDA 21,879 करोड़ रुपये और मार्जिन 54.1% दर्ज किया गया।
दोनों कंपनियों की ग्रोथ में ARPU की अहम भूमिका रही है। एयरटेल का भारत में मोबाइल ARPU सालाना 5.9% बढ़कर 271 रुपये पर पहुंच गया, जिससे उसके मोबाइल रेवेन्यू में 10.1% की तेजी आई। इस तिमाही में एयरटेल ने 12 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक और 29 लाख स्मार्टफोन डेटा ग्राहक जोड़े हैं। दूसरी तरफ जियो प्लेटफॉर्म्स का मासिक ARPU 3.5% बढ़कर 218.8 रुपये रहा, जो पिछले साल 211.4 रुपये था। एयरटेल का ARPU जियो से करीब 24% अधिक है। यह साफ दर्शाता है कि कम भारतीय ग्राहकों के बावजूद एयरटेल प्रीमियम प्लान्स और पोस्टपेड ग्राहकों के दम पर हर यूजर से ज्यादा कमाई कर रही है।
ग्राहकों की कुल संख्या के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स का पलड़ा भारी है। भारत में जियो का कनेक्टिविटी ग्राहक आधार 54.2 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें इस तिमाही में 91 लाख नए यूजर जुड़े हैं। वहीं एयरटेल के भारत में कुल ग्राहकों की संख्या 49.8 करोड़ है। इस तरह जियो के पास घरेलू स्तर पर एयरटेल से करीब 4.4 करोड़ अधिक ग्राहक हैं। हालांकि 15 देशों में फैले एयरटेल के कुल ग्लोबल ग्राहकों की संख्या 69.3 करोड़ है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी जियो आगे है। जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 3 करोड़ पर पहुंच गई है, जो एयरटेल के 1.53 करोड़ होम कस्टमर्स से लगभग दोगुनी है।
कर्ज की स्थिति देखें तो एयरटेल पर कुल नेट कर्ज 1,66,580.5 करोड़ रुपये है, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट कर्ज घटकर केवल 8,822 करोड़ रुपये रह गया है। जियो ने अपने आईपीओ से मिली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम का पुराना कर्ज समय से पहले चुकाने में किया है। इससे जियो की फ्यूचर की ब्याज लागत घटेगी और मुनाफे को सहारा मिलेगा। कुल मिलाकर एयरटेल का वित्तीय विकास मजबूत है, जिसे अफ्रीका कारोबार से सपोर्ट मिल रहा है। वहीं जियो के पास 5G नेटवर्क, बड़े यूजर बेस और ब्रॉडबैंड विस्तार की ताकत है, जिससे दोनों कंपनियों का मुकाबला काफी रोमांचक बना हुआ है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख