मार्केट न्यूज़
.png)
4 min read | अपडेटेड November 01, 2026, 12:33 IST
सारांश
बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी 2% उछलकर 23,053 और सेंसेक्स 1.8% चढ़कर 74,459 पर पहुंच गया। फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में 7% तक की जोरदार तेजी रही।

अगले हफ्ते बाजार में दिख सकती है हलचल | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार ने भारी उतार-चढ़ाव भरे हफ्ते का अंत शानदार बढ़त के साथ किया है। शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और फार्मा तथा आईटी शेयरों में आई लिवाली ने बाजार के मूड को मजबूत किया। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व के तनाव ने बढ़त पर कुछ हद तक लगाम लगाने का काम किया। बीते हफ्ते निफ्टी 50 दो% चढ़कर 23,053 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.8% की छलांग लगाकर 74,459 पर पहुंच गया। बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी अच्छी तेजी रही।
बीते कारोबारी हफ्ते में सेक्टर के स्तर पर सबसे जोरदार प्रदर्शन फार्मा और हेल्थकेयर में देखने को मिला। फार्मा सेक्टर 7.0% और हेल्थकेयर सेक्टर 6.9% की भारी बढ़त के साथ सबसे आगे रहे। इसके अलावा मीडिया में 4.4%, कैपिटल मार्केट्स में 4.0% और रियल्टी सेक्टर में 3.7% की शानदार तेजी आई, जिन्होंने निफ्टी को भी पीछे छोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर ऑयल एंड गैस इकलौता ऐसा बड़ा सेक्टर रहा, जिसमें 0.7% की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा बैंक 0.7%, फाइनेंशियल सर्विसेज 1.2% और आईटी 1.9% चढ़कर बंद हुए। आईटी सेक्टर में विप्रो 4.4% और इंफोसिस 2.7% चढ़ा, जबकि टीसीएस में एक% की गिरावट देखने को मिली।
शेयर बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की चाल एकदम विपरीत देखने को मिली। विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई ने अक्टूबर के महीने में 45,161 करोड़ रुपये के शेयरों की भारी बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने इस बिकवाली के सामने ढाल बनकर काम किया। DII ने पूरे महीने में 62,220 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू निवेशकों की यह शुद्ध खरीदारी विदेशी निवेशकों की बिकवाली से 17,059 करोड़ रुपये ज्यादा रही। डीआईआई की इस मजबूत खरीदारी ने विदेशी पैसों की निकासी के असर को सोख लिया और बाजार को निचले स्तरों से बाहर निकालने में बड़ी मदद की।
घरेलू मजबूती के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक हालात चिंता का विषय बने हुए हैं। मध्य पूर्व में सप्लाई के बढ़ते जोखिमों के चलते ब्रेंट क्रूड 1.5% बढ़कर 113.43 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमले और सऊदी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के दावों ने क्रूड के दाम बढ़ा दिए हैं। भारत के लिए 110 डॉलर से ऊपर का कच्चा तेल इंपोर्ट बिल बढ़ाता है और रुपये तथा महंगाई पर दबाव डालता है। इसका सीधा असर पेंट, एविएशन और केमिकल जैसे सेक्टर्स पर पड़ सकता है। इसके साथ ही शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में नैस्डैक 2.8% और एसएंडपी 1.8% टूटा है, जिसका असर अगले हफ्ते घरेलू बाजार पर देखने को मिल सकता है।
आने वाला हफ्ता बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। ऑटो कंपनियों के अक्टूबर महीने के बिक्री आंकड़े और मैन्युफैक्चरिंग तथा सर्विसेज पीएमआई के आंकड़े जारी होने वाले हैं। इसके अलावा तिमाही नतीजों का सिलसिला भी तेज रहेगा। भारत में आईटीसी, मैरिको, पेट्रोनेट एलएनजी, अपोलो हॉस्पिटल्स, बीएसई, डाबर, एलआईसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हिंडाल्को जैसी दिग्गज कंपनियां अपने दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। वहीं अमेरिका में मिडटर्म चुनाव, रोजगार के आंकड़े और एप्पल तथा एएमडी जैसी बड़ी कंपनियों के परिणाम आने हैं। टेक्निकल स्तर पर निफ्टी के लिए 23,150 से 23,160 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस है, जिसके पार जाने पर 23,500 तक की तेजी संभव है, जबकि नीचे 22,845 अहम सपोर्ट रहेगा।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख