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4 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 15:47 IST
सारांश
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी शेयरों में मची तबाही के कारण सेंसेक्स 607 अंक टूटकर 76,802.90 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 154 अंक गिरकर 24,013.10 पर आ गया। एक्सेंटूर के कमजोर गाइडेंस और वैश्विक तनाव को बाजार के गिरने की मुख्य वजह माना जा रहा है।

Stock Market: आज IT शेयरों में भी बिकवाली का दबाव दिखा।
भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन बेहद निराशाजनक रहा। 19 जून 2026 को बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते मुख्य सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी सेक्टर में आई जोरदार गिरावट ने आज बाजार की कमर तोड़ दी। पूरे दिन बाजार पर मंदी हावी रही और खरीदारों की कमी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी अपने पिछले बंद स्तरों को छूने में नाकाम रहे। इस गिरावट की वजह से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
आज के कारोबारी सेशन के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 0.78 पर्सेंट यानी 607.08 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 76,802.90 के स्तर पर बंद हुआ। आज सुबह सेंसेक्स 76,852.86 पर खुला था, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 77,409.98 का था। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी आज 0.64 पर्सेंट या 154.88 अंक टूटकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी की शुरुआत सुबह 23,991.20 पर हुई थी, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 24,168.00 था। आज निफ्टी 24,000 के बेहद करीब आकर रुकने में कामयाब रहा, लेकिन पूरे दिन बाजार का सेंटिमेंट बेहद कमजोर बना रहा।
बाजार में आज मची इस तबाही के पीछे सबसे प्रमुख और बड़ा कारण आईटी सेक्टर के शेयरों में देखी गई भारी बिकवाली रही। ग्लोबल कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी सर्विसेज सेक्टर की बड़ी कंपनी एक्सेंटूर ने उम्मीद से कमजोर रेवेन्यू गाइडेंस जारी कर दिया है। इस फैसले ने भारतीय आईटी कंपनियों के फ्यूचर आउटलुक को लेकर निवेशकों के मन में बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं। एक्सेंटूर द्वारा मौजूदा तिमाही के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में की गई इस कटौती से निवेशक निराश हो गए, भले ही कंपनी ने अच्छी प्रॉफिटेबिलिटी की रिपोर्ट पेश की थी। इस खराब खबर का सीधा और नकारात्मक असर भारत की दिग्गज आईटी कंपनियों के फ्रंटलाइन शेयरों पर दिखाई दिया। दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस का शेयर सबसे ज्यादा 8.01 पर्सेंट तक नीचे गिर गया। इसके अलावा एम्फिसिस में 6.10 पर्सेंट, टीसीएस में 5.84 पर्सेंट, टेक महिंद्रा में 5.44 पर्सेंट और HCL टेक्नोलॉजीज में 5.01 पर्सेंट की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरा आईटी पैक बुरी तरह हिल गया।
बाजार के इस तरह धराशायी होने का दूसरा बड़ा कारण इंटरनेशनल मार्केट से मिलने वाले मजबूत संकेतों की कमी रहा, अमेरिकी और चीनी शेयर बाजार बंद होने की वजह से ग्लोबल स्तर पर ट्रेडिंग एक्टिविटी बहुत ही सुस्त बनी रही। इसका नतीजा यह हुआ कि बड़े एसेट क्लासेज में दुनिया भर के निवेशकों की भागीदारी काफी कम रही, जिसने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर भी बुरा असर डाला। इसके अलावा, बाजार गिरने की तीसरी बड़ी वजह मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व से आ रही लगातार तनाव की खबरें हैं। हालांकि वहां अभी कोई बहुत बड़ा युद्ध नहीं छिड़ा है, लेकिन छोटी मिलिट्री झड़पें लगातार जारी हैं, जिसकी वजह से ट्रेडर्स और बड़े निवेशक काफी सतर्क नजर आ रहे हैं और बाजार में पैसा लगाने से बच रहे हैं।
बाजार में जारी इस गिरावट के बीच लेबनान में सीजफायर यानी युद्धविराम टूटने की खबरों ने भी आग में घी डालने का काम किया और निवेशकों को डरा दिया। सामने आ रही खबरों के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के मायफादौन शहर में इजरायली ड्रोन हमलों ने दो गाड़ियों को अपना निशाना बनाया, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही पास के शौकिन इलाके में भी एक और हमले की खबर मिली है। यह चिंताजनक हमले उस समय हुए हैं जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव को शांत करने के लिए सीजफायर समझौता लागू हुआ था। इन ताजा हमलों ने इस शांति समझौते के लंबे समय तक टिके रहने पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दोबारा से बड़ी दुश्मनी और हिंसा बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है।
इस भू-राजनीतिक तनाव और आईटी सेक्टर की कमजोरी के बीच आज ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां एक तरफ भारी बिकवाली के बीच भी निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स 0.17 पर्सेंट की बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा, वहीं दूसरी तरफ निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में करीब 0.26 पर्सेंट की गिरावट देखी गई। कुल मिलाकर आज के पूरे कारोबारी दिन में मंदड़ियों का पलड़ा भारी रहा और बाजार गिरावट के लाल निशान के साथ बंद हुआ।
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