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5 min read | अपडेटेड May 08, 2026, 17:59 IST
सारांश
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का सालाना कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 83,298.78 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बैंक ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए प्रति शेयर 17.35 रुपये के डिविडेंड का एलान किया है।
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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया है। | Image: Shutterstock
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों का एलान कर दिया है। बैंक के लिए यह साल ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंसोलिडेटेड आधार पर बैंक का सालाना नेट प्रॉफिट बढ़कर 83,298.78 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 77,561.34 करोड़ रुपये था। चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 के दौरान बैंक ने 19,642.87 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया है।
बैंक के बेहतर कामकाज और लोन की बढ़ती मांग की वजह से मुनाफे के आंकड़ों में यह मजबूती देखी गई है। लेकिन फिर भी रिजल्ट पेश करने के थोड़ी देर बाद ही शेयर में बिकवाली देखी गई और यह गिरावट पिछले 6 साल के एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट में शामिल हो गया। चलिए इस लिहाज से इस तिमाही नतीजों को समझते हैं, जो सवाल निवेशक के दिमाग में खड़ा हो रहा है, जिससे वह बिकवाली कर रहे हैं।
बैंक की कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे साल के दौरान बैंक का कुल रेवेन्यू यानी टोटल इनकम 7,09,616.96 करोड़ रुपये रही है। पिछले साल यह आंकड़ा 6,63,343.32 करोड़ रुपये था। बैंक की मुख्य कमाई यानी ब्याज से होने वाला रेवेन्यू भी 5.14 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है। अगर सिर्फ चौथी तिमाही की बात करें तो बैंक का टोटल रेवेन्यू 1.81 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। बैंक के अलग-अलग वर्टिकल जैसे रिटेल बैंकिंग और कॉर्पोरेट बैंकिंग ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है। रिटेल बैंकिंग ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू साल भर में 2.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।
बैंक ने अपने शेयरहोल्डर्स को बड़ी खुशखबरी देते हुए भारी डिविडेंड का एलान किया है। बोर्ड ने 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 17.35 रुपये का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। पर्सेंटेज के हिसाब से देखें तो यह 1735 पर्सेंट का बंपर डिविडेंड है। बैंक ने इस डिविडेंड के लिए 16 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक बैंक के शेयर होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। बैंक ने यह भी साफ किया है कि इस डिविडेंड का पेमेंट 4 जून 2026 को किया जाएगा।
बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि उसके फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए में भारी कमी आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए गिरकर 1.49 पर्सेंट पर आ गया है, जो पिछले साल 1.82 पर्सेंट था। वहीं नेट एनपीए की स्थिति और भी बेहतर हुई है और यह अब केवल 0.39 पर्सेंट रह गया है। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो यानी पीसीआर भी 74.36 पर्सेंट के मजबूत स्तर पर है।
निवेशकों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह चौथी तिमाही का नेट प्रॉफिट है। साल 2025 की मार्च तिमाही (Q4FY25) में बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21,317.11 करोड़ रुपये था, जो साल 2026 की इसी तिमाही (Q4FY26) में गिरकर 19,642.87 करोड़ रुपये रह गया है । सालाना आधार पर तिमाही मुनाफे में आई यह करीब 7.8 पर्सेंट की कमी बाजार को रास नहीं आई। बैंक के रेवेन्यू में बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन मुनाफे का गिरना यह संकेत देता है कि बैंक के लिए अब अपनी कमाई को बढ़ाना महंगा होता जा रहा है।
इतना ही नहीं, बैंक के कामकाज यानी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को देखें तो वहां भी कमजोरी साफ नजर आती है। चौथी तिमाही के दौरान बैंक का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट गिरकर 29,736.90 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 34,366.34 करोड़ रुपये था। इसी वजह से स्टॉक में पिछले 6 साल की सबसे बड़ी सिंगल डे गिरावट देखी गई है।
बैंक के सालाना आंकड़े जो बहुत अच्छे दिख रहे हैं, उनके पीछे एक बड़ा कारण 'एक्सेप्शनल आइटम' यानी एकमुश्त फायदा है। बैंक ने इस वित्त वर्ष के दौरान यस बैंक में अपनी 13.18 पर्सेंट की हिस्सेदारी बेची है, जिससे उसे 3,026.57 करोड़ रुपये का बड़ा मुनाफा हुआ है। इस वन-टाइम प्रॉफिट की वजह से बैंक का सालाना नेट प्रॉफिट 83,298.78 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है।
Bank of Baroda ने आज 8 मई को बताया कि वित्त वर्ष 26 की जनवरी से मार्च तिमाही में उसके स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 11.3% की वृद्धि हुई है, जो ₹5616 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹5,048 करोड़ था।
PSU बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 9% बढ़कर ₹12494 करोड़ हो गई, जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में यह ₹11,954 करोड़ थी। बैंक का ग्रॉस NPA 1.89% है, जबकि पिछली तिमाही में यह 2.04% था। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में नेट NPA 0.45% रहा, जबकि तिमाही आधार पर यह 0.57% था।
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