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4 min read | अपडेटेड November 03, 2025, 12:50 IST
सारांश
SBI Q2 Results: सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने के SBI बैंक निवेशकों और एनालिस्ट्स के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल भी करेगा। इस बैठक का उद्देश्य बैंक के प्रदर्शन, प्रमुख फाइनेंशियल हाईलाइट्स और आने वाली तिमाहियों के लिए बिजनेस आउटलुक पर चर्चा करना है।
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SBI ने बताया है कि बैंक की ट्रेडिंग विंडो 1 अक्टूबर से बंद कर दी गई है।
सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने के SBI बैंक निवेशकों और एनालिस्ट्स के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल भी करेगा। इस बैठक का उद्देश्य बैंक के प्रदर्शन, प्रमुख फाइनेंशियल हाईलाइट्स और आने वाली तिमाहियों के लिए बिजनेस आउटलुक पर चर्चा करना है।
SBI ने बताया है कि बैंक की ट्रेडिंग विंडो 1 अक्टूबर से बंद कर दी गई है। इसका मतलब है कि बैंक के Designated Persons यानी चुनिंदा अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य या आश्रित बैंक के शेयरों में कोई खरीद-फरोख्त नहीं कर सकते। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक बैंक अपने दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजों की घोषणा नहीं कर देता और उसके 48 घंटे बाद तक का समय पूरा नहीं हो जाता।
SBI ने कहा कि यह कदम उसके ‘Code of Conduct for Prohibition of Insider Trading’ के तहत उठाया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अंदरूनी जानकारी का गलत फायदा न उठा सके और निवेशकों के हितों की सुरक्षा बनी रहे।
SBI के दूसरे तिमाही (Q2) नतीजे आने वाले हैं। इसमें निवेशक नेट प्रॉफिट, क्रेडिट ग्रोथ, एसेट क्वालिटी, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जैसे प्रमुख आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, बैंक प्रबंधन का लोन डिमांड, खुदरा ऋण वृद्धि और आगे की गाइडेंस पर क्या कहना है, यह भी निवेशकों के लिए अहम रहेगा।
पहली तिमाही यानी Q1 FY26 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹41,072 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹41,125 करोड़ से 0.13% कम थी। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी घटकर 3.22% से 2.90% रह गया, जिससे ब्याज से होने वाली आय पर थोड़ा असर पड़ा।
हालांकि, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹26,449 करोड़ से बढ़कर ₹30,544 करोड़ हो गया, जो 15.49% की वृद्धि है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट ₹17,035 करोड़ से बढ़कर ₹19,160 करोड़ हो गया, यानी 12.48% की बढ़त। बैंक की एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई। नेट NPA 10 बेसिस पॉइंट घटकर 0.47% रह गया। वहीं, ग्रॉस एडवांसेस ₹38.12 लाख करोड़ से बढ़कर ₹42.54 लाख करोड़ हो गए, जो 11.61% की वृद्धि है।
SBI के शेयरों में पिछले कुछ महीनों में शानदार तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, SBI का शेयर पिछले 30 दिनों में 9%, 6 महीनों में लगभग 20%, और 2025 की शुरुआत से अब तक 19% बढ़ चुका है। पिछले एक साल में बैंक के शेयरों में करीब 14% की बढ़त हुई है। इसके मुकाबले निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स ने एक महीने में करीब 10%, छह महीने में 27%, और पिछले 12 महीनों में 23% की बढ़त दर्ज की है।
हाल ही में सरकारी बैंकों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली है। इसकी वजह हैं वो खबरें, जिनमें कहा गया है कि भारत सरकार बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधार करने की योजना बना रही है, जिसमें विदेशी निवेशकों को अधिक हिस्सेदारी की अनुमति देना और स्वामित्व सीमा बढ़ाना शामिल है। सरकार राज्य संचालित बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मौजूदा सीमा से दोगुना यानी 49% तक करने की योजना बना रही है, जबकि सरकार कम से कम 51% हिस्सेदारी अपने पास रखेगी।
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