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9 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 16:49 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना जनरल मीटिंग (AGM) आज वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शुरू हो गई है। इस बैठक में मुकेश अंबानी जियो और रिलायंस रिटेल के आईपीओ, न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी रणनीतियों पर बड़े एलान कर सकते हैं, जिस पर निवेशकों की नजर है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM में आज मुकेश अंबानी ने कई ऐलान किए हैं। | Image: Shutterstock
आकाश अंबानी ने बताया कि जियोहॉटस्टार 1 बिलियन डाउनलोड का आंकड़ा पार करने वाला भारत का पहला पेड ओटीटी प्लेटफॉर्म बन गया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में जियोस्टार का कुल रेवेन्यू 34,917 करोड़ रुपये, एबिटडा 5,842 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 3,434 करोड़ रुपये रहा है। इसके अलावा जियोहॉटस्टार के माइक्रो-कंटेंट हब 'तड़का' ने भी बड़ा कमाल करते हुए अपने लॉन्च के 2 महीने से भी कम समय में 100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स को अपने साथ जोड़ लिया है।
रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सोवरेन एआई बैकबोन बना रही है, जो पूरी तरह से रिलायंस के अपने सोलर जनरेशन से मिलने वाली क्लीन एनर्जी पर चलेगा। उन्होंने बताया कि साल 2026 के आखिर तक इसका पहला 120 मेगावाट चालू कर दिया जाएगा, जिसकी नेक्स्ट-जेन कंप्यूटर कैपेसिटी 2 लाख से ज्यादा H100 GPU के बराबर होगी।
आकाश अंबानी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि जियो भारत के लिए खुद का सोवरेन लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क डेवलप करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। इसके लिए कंपनी दुनिया के लीडिंग सैटेलाइट प्रोवाइडर्स के साथ भी पार्टनरशिप कर रही है। इसके अलावा जियो भारत में अपना खुद का ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर रहा है, जिससे स्पेस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता और ज्यादा मजबूत होगी।
मुकेश अंबानी ने जियो के 5 बड़े संकल्पों का ऐलान किया है। पहले संकल्प के तहत 2030 तक सभी ग्राहकों को 5G पर शिफ्ट करने और 6G में भारत को लीडर बनाने का टारगेट है। दूसरा, जियो एयरफाइबर के जरिए हर घर तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाना है, जिसके तहत रोजाना 60000 नए कनेक्शन जुड़ रहे हैं। तीसरा, देश के छोटे और मंझोले बिजनेस को डिजिटल तकनीक से जोड़ना है। चौथा, हर किसी के लिए एआई को आसान और सुलभ बनाना है और पांचवां, भारत की अपनी 5G और एआई जैसी एडवांस तकनीक को अब विदेशी पार्टनर्स के साथ मिलकर पूरी दुनिया में पहुंचाना है।
मुकेश अंबानी ने कहा कि उनका पक्का मानना है कि भारत को सिर्फ दूसरी जगहों पर बनी AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं बने रहना चाहिए, बल्कि इसे AI के सेक्टर में क्रिएटर, अपनाने वाला और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए। इसीलिए पिछले साल नए ग्रोथ इंजन के तौर पर 'रिलायंस इंटेलिजेंस' का ऐलान किया गया था। उन्होंने बताया कि Jio क्रांति असल में हजारों युवा भारतीय इंजीनियरों की हिम्मत, क्रिएटिविटी और कमिटमेंट का ही नतीजा है। Jio से पहले लोग मानते थे कि भारत दुनिया से सिर्फ टेक्नोलॉजी इम्पोर्ट कर सकता है, लेकिन हमारे इंजीनियरों ने इस बात को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है और आज Jio सिर्फ टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट नहीं कर रहा, बल्कि खुद ओरिजिनल टेक्नोलॉजी बना रहा है।
मुकेश अंबानी ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने डीआरएचपी को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही सेबी के पास फाइल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उनके खुद के लिए, पूरे रिलायंस परिवार और करोड़ों शेयरधारकों के लिए 1 बेहद इमोशनल पल है। रिलायंस का अपने शेयरधारकों के साथ रिश्ता बेहद गहरा और पवित्र है, जिसकी नींव गर्व, भरोसे, सम्मान और साथ मिलकर तरक्की करने पर टिकी है।
मुकेश अंबानी ने मीटिंग में बताया कि जियो ने सफलता के 10 साल और रिलायंस रिटेल ने 20 साल पूरे कर लिए हैं, और दोनों ही बिजनेस में कंपनी नंबर 1 पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब कोई कंपनी लगभग 1.5 अरब भारतीयों की उम्मीदों को पूरा करती है, तो उसकी उपलब्धियों की कोई सीमा नहीं होती। इसके साथ ही रिलायंस ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू, मुनाफा और एबिटडा दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 9.8% बढ़कर 11,75,919 करोड़ रुपये यानी 124 बिलियन डॉलर रहा। वहीं नेट प्रॉफिट 17.8% की बढ़ोतरी के साथ 95,754 करोड़ रुपये यानी 10.1 बिलियन डॉलर और एबिटडा 2,07,911 करोड़ रुपये यानी 21.9 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है।
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि मुश्किल वक्त कभी टिकता नहीं है, बल्कि मजबूत देश टिके रहते हैं और भारत दुनिया के सबसे मजबूत देशों में से एक है। उन्होंने आगे कहा कि भारत दुनिया में एक बैलेंसर, शांति को बढ़ावा देने वाले और सबका दोस्त बनने की भूमिका निभाएगा। अंबानी ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ उनकी कोई उम्मीद नहीं है, बल्कि उनका पक्का भरोसा और दृढ़ विश्वास है।
मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक यानी एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित कर रहे हैं। इस मीटिंग में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से जियो के आईपीओ, न्यू एनर्जी बिजनेस से जुड़े अपडेट्स और एआई से जुड़ी पहलों को लेकर होने वाले बड़े ऐलानों पर टिकी हुई है।
आज रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मामूली बढ़त के साथ बिल्कुल सपाट कारोबार कर रहे हैं। दोपहर 1:41 बजे यह 0.02% की तेजी के साथ 1,328.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप 17,97,391.79 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस शेयर ने 5 जनवरी 2026 को 1,611.80 रुपये का अपना 52-हफ्ते का सबसे हाई लेवल छुआ था, जबकि 11 जून 2026 को यह 1,253.20 रुपये के अपने 52-हफ्ते के सबसे लो लेवल पर आ गया था। पिछले 1 हफ्ते में इस स्टॉक में 2.71% और 1 महीने में 0.41% की बढ़त देखने को मिली है, हालांकि इस साल की शुरुआत से अब तक इसमें 15.71% की गिरावट आ चुकी है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से हाल ही में कुछ बड़े अनाउंसमेंट किए गए हैं। सबसे पहले तो जियो प्लेटफॉर्म्स ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए डब्ल्यूआईपीओ पेटेंट रैंकिंग में दुनिया के टॉप 20 में जगह बना ली है। इसके साथ ही, रिलायंस और मेटा मिलकर गुजरात के जामनगर में एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर डेवलप करने जा रहे हैं। वहीं खेल के मोर्चे पर भी बड़ी खबर है, भारत में बेसबॉल के खेल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मेजर लीग बेसबॉल ने रिलायंस की 100% मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कंपनी राइज के साथ हाथ मिलाया है।
मार्केट में चर्चा है कि जियो की लिस्टिंग साल 2026-27 के बीच हो सकती है। ऐसे में AGM के दौरान मैनेजमेंट इसकी टाइमलाइन, लिस्टिंग स्ट्रक्चर और वैल्यूएशन फ्रेमवर्क को लेकर स्थिति साफ कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड शुक्रवार को होने वाली इस बैठक से पहले ही अपने ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करने की तैयारी में है। आपको बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस की 66.43 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और गूगल जैसी ग्लोबल कंपनियों के पास बची हुई 33.57 पर्सेंट हिस्सेदारी में से 17.71 पर्सेंट हिस्सा है।
ग्लोबल मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते चलन के बीच रिलायंस भी पीछे नहीं रहना चाहता है। कंपनी एंटरप्राइज और कंज्यूमर्स के लिए जनरेटिव एआई लाने की दिशा में ग्लोबल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रही है। AGM में डेटा सेंटर के निर्माण और एआई आधारित सर्विसेज से रेवेन्यू जुटाने की रणनीति पर ठोस बात होने की उम्मीद है। चूंकि अडानी ग्रुप ने भी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम शुरू किया है, इसलिए रिलायंस खुद को आगे रखने के लिए इस पर बड़ा रोडमैप पेश कर सकता है। सीएलएसए के विश्लेषकों का कहना है कि रिलायंस के पास एआई, डेटा सेंटर और मीडिया विस्तार के महत्वाकांक्षी प्लान हैं, लेकिन शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉकिंग पर और ज्यादा स्पष्टता की जरूरत है। इसके साथ ही कंपनी कैपेक्स ग्रोथ, कर्ज की स्थिति और डिविडेंड पॉलिसी पर भी मैनेजमेंट का रुख साफ करेगी।
रिलायंस इस बैठक में अपने शेयरहोल्डर्स के सामने न्यू एनर्जी प्लान को लेकर भी अपनी बात रख सकता है। कंपनी ने बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन बिजनेस के लिए बड़े कैपेक्स निवेश की योजना बनाई है। बैठक में जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के काम की प्रगति पर नई जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा, इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को देखते हुए रिलायंस के ऑयल टू केमिकल्स (ओटूसी) बिजनेस के आउटलुक पर भी सबकी नजर रहेगी। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का मानना है कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी नीतियों के चलते रिलायंस का ओटूसी बिजनेस मजबूत स्थिति में रहेगा और अमेरिकी इथेन के इस्तेमाल से कंपनी की अर्निंग में 6 से 8 पर्सेंट की बढत हो सकती है।
शेयर मार्केट के निवेशकों का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि चेयरमैन मुकेश अंबानी भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी जियो की पब्लिक लिस्टिंग को लेकर क्या घोषणा करते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही मार्केट रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट पेपर (DRHP) फाइल कर सकती है और AGM में इसके संकेत मिल सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जियो और एनएसई के मेगा आईपीओ आस पास ही मार्केट में दस्तक दे सकते हैं।
जियो आईपीओ के साथ ही निवेशकों की नजर कंपनी के सबसे तेजी से बढ़ते बिजनेस रिलायंस रिटेल की लिस्टिंग पर भी रहेगी। एक्सपर्ट्स यह जानना चाहते हैं कि रिटेल बिजनेस की लिस्टिंग जियो से पहले होगी या बाद में, क्योंकि इसका असर कंपनी के समूचे वैल्यूएशन पर पड़ेगा। वित्तीय बयानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (क्यू4) में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 11 पर्सेंट से ज्यादा बढ़कर 87,344 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था, जबकि इसका नेट प्रॉफिट 0.5 पर्सेंट की बढत के साथ 3,563 करोड़ रुपये रहा था। मुकेश अंबानी इस वर्टिकल के फ्यूचर प्लान और टाइमलाइन पर अहम टिप्पणी कर सकते हैं।
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