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4 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 10:57 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना जनरल मीटिंग (AGM) आज वीडियो कांफ्रेंस के जरिए दोपहर 2 बजे आयोजित होगी। इस बैठक में मुकेश अंबानी जियो और रिलायंस रिटेल के आईपीओ, न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी रणनीतियों पर बड़े एलान कर सकते हैं, जिस पर निवेशकों की नजर है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM में आज मुकेश अंबानी कई बड़े एलान कर सकते हैं।
ग्लोबल मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते चलन के बीच रिलायंस भी पीछे नहीं रहना चाहता है। कंपनी एंटरप्राइज और कंज्यूमर्स के लिए जनरेटिव एआई लाने की दिशा में ग्लोबल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रही है। AGM में डेटा सेंटर के निर्माण और एआई आधारित सर्विसेज से रेवेन्यू जुटाने की रणनीति पर ठोस बात होने की उम्मीद है। चूंकि अडानी ग्रुप ने भी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम शुरू किया है, इसलिए रिलायंस खुद को आगे रखने के लिए इस पर बड़ा रोडमैप पेश कर सकता है। सीएलएसए के विश्लेषकों का कहना है कि रिलायंस के पास एआई, डेटा सेंटर और मीडिया विस्तार के महत्वाकांक्षी प्लान हैं, लेकिन शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉकिंग पर और ज्यादा स्पष्टता की जरूरत है। इसके साथ ही कंपनी कैपेक्स ग्रोथ, कर्ज की स्थिति और डिविडेंड पॉलिसी पर भी मैनेजमेंट का रुख साफ करेगी।
रिलायंस इस बैठक में अपने शेयरहोल्डर्स के सामने न्यू एनर्जी प्लान को लेकर भी अपनी बात रख सकता है। कंपनी ने बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन बिजनेस के लिए बड़े कैपेक्स निवेश की योजना बनाई है। बैठक में जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के काम की प्रगति पर नई जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा, इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को देखते हुए रिलायंस के ऑयल टू केमिकल्स (ओटूसी) बिजनेस के आउटलुक पर भी सबकी नजर रहेगी। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का मानना है कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी नीतियों के चलते रिलायंस का ओटूसी बिजनेस मजबूत स्थिति में रहेगा और अमेरिकी इथेन के इस्तेमाल से कंपनी की अर्निंग में 6 से 8 पर्सेंट की बढत हो सकती है।
शेयर मार्केट के निवेशकों का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि चेयरमैन मुकेश अंबानी भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी जियो की पब्लिक लिस्टिंग को लेकर क्या घोषणा करते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही मार्केट रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट पेपर (DRHP) फाइल कर सकती है और AGM में इसके संकेत मिल सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जियो और एनएसई के मेगा आईपीओ आस पास ही मार्केट में दस्तक दे सकते हैं। मार्केट में चर्चा है कि जियो की लिस्टिंग साल 2026-27 के बीच हो सकती है। ऐसे में AGM के दौरान मैनेजमेंट इसकी टाइमलाइन, लिस्टिंग स्ट्रक्चर और वैल्यूएशन फ्रेमवर्क को लेकर स्थिति साफ कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड शुक्रवार को होने वाली इस बैठक से पहले ही अपने ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करने की तैयारी में है। आपको बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस की 66.43 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और गूगल जैसी ग्लोबल कंपनियों के पास बची हुई 33.57 पर्सेंट हिस्सेदारी में से 17.71 पर्सेंट हिस्सा है।
जियो आईपीओ के साथ ही निवेशकों की नजर कंपनी के सबसे तेजी से बढ़ते बिजनेस रिलायंस रिटेल की लिस्टिंग पर भी रहेगी। एक्सपर्ट्स यह जानना चाहते हैं कि रिटेल बिजनेस की लिस्टिंग जियो से पहले होगी या बाद में, क्योंकि इसका असर कंपनी के समूचे वैल्यूएशन पर पड़ेगा। वित्तीय बयानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (क्यू4) में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 11 पर्सेंट से ज्यादा बढ़कर 87,344 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था, जबकि इसका नेट प्रॉफिट 0.5 पर्सेंट की बढत के साथ 3,563 करोड़ रुपये रहा था। मुकेश अंबानी इस वर्टिकल के फ्यूचर प्लान और टाइमलाइन पर अहम टिप्पणी कर सकते हैं।
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