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  1. REC और PFC के महामर्जर को राष्ट्रपति से मिली हरी झंडी, अब शेयर में दिख सकती है हलचल

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REC और PFC के महामर्जर को राष्ट्रपति से मिली हरी झंडी, अब शेयर में दिख सकती है हलचल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड June 10, 2026, 19:34 IST

सारांश

REC लिमिटेड और PFC के मर्जर को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब दोनों बड़ी सरकारी कंपनियों के एक होने का रास्ता साफ हो गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट के जरिए ईरान को दी कड़ी चेतावनी। (Photo: Shutterstock)

भारतीय पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के मर्जर को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। महारत्न कंपनी REC लिमिटेड ने घोषणा की है कि उसे पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी PFC के साथ प्रस्तावित मर्जर के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। बिजली मंत्रालय ने 10 जून 2026 को एक आधिकारिक पत्र के जरिए कंपनी को इस मंजूरी की जानकारी दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद दोनों बड़ी कंपनियों के एक होने की प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा कदम आगे बढ़ा है। इस खबर के आने के बाद शेयर बाजार में भी कंपनी के स्टॉक में अच्छी हलचल देखी जा रही है और पिछले पांच दिनों में REC लिमिटेड का शेयर 5.22 पर्सेंट यानी 17.30 रुपये की बढ़त के साथ 348.45 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

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बोर्ड मीटिंग में लिया गया था बड़ा फैसला

REC लिमिटेड ने इससे पहले 16 मई 2026 को बाजार को इस बारे में सूचित किया था। उस समय कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया था कि इस बड़े मर्जर के प्रस्ताव को भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। बोर्ड के उसी फैसले के बाद प्रस्ताव को राष्ट्रपति के पास भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल चुकी है। यह मर्जर देश के पावर फाइनेंस सेक्टर में काम करने वाले दो सबसे बड़े प्लेयर्स के ऑपरेशन्स को एक साथ मिलाने और उन्हें मजबूत करने के लिए एक बेहद रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

पावर सेक्टर को मिलेगी नई मजबूती

REC लिमिटेड भारत के पावर सेक्टर में एक प्रमुख पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी है, जिसे सरकार की तरफ से महारत्न का दर्जा मिला हुआ है। इस सेक्टर की एक और बड़ी कंपनी PFC के साथ इसका मर्जर होने से एक बहुत बड़ी और मजबूत इकाई तैयार होगी। यह नई इकाई देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा और पावर से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम होगी। इस मर्जर का मुख्य उद्देश्य दोनों कंपनियों के ऑपरेशन्स को बेहतर बनाना, उनके काम को आसान करना और एक दूसरे की ताकतों का सही इस्तेमाल करना है।

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिलेगा सपोर्ट

REC और PFC दोनों ही कंपनियां पूरे भारत में बड़े बड़े पावर प्रोजेक्ट्स को फंड देने और उनका फाइनेंस संभालने में सबसे आगे रही हैं। जानकारों का मानना है कि इस मर्जर के पूरा होने के बाद दोनों कंपनियों की वित्तीय क्षमता बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। इससे वे देश में बड़े पैमाने पर चलने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को और भी बेहतर तरीके से सपोर्ट कर सकेंगी। यह कदम देश के पावर सेक्टर के इंप्लीमेंटेशन को नई दिशा देगा और इससे दोनों कंपनियों की काम करने की क्षमता भी मजबूत होगी।

राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब इस मर्जर के अगले स्टेप्स की शुरुआत होगी। इसके तहत अब कंपनी को अलग अलग रेगुलेटरी अप्रूवल्स यानी नियामक मंजूरियां लेनी होंगी। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के ऑपरेशन्स और उनके बिजनेस को एक साथ जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। बाजार के तमाम बड़े निवेशक और स्टेकहोल्डर्स इस मर्जर के हर एक घटनाक्रम पर बहुत बारीक नजर रख रहे हैं, क्योंकि इस बड़े कंसोलिडेटेड कदम का असर आने वाले समय में यानी फ्यूचर में पूरे पावर सेक्टर पर देखने को मिलेगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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