बिजनेस न्यूज़
.png)
4 min read | अपडेटेड June 10, 2026, 19:14 IST
सारांश
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सिर्फ बातें करने वाला देश बताया है। वहीं ईरान ने अमेरिकी हमलों के बाद वॉशिंगटन के साथ बातचीत के फ्यूचर पर दोबारा विचार करने का एलान किया है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और राजनयिक गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट के जरिए ईरान को दी कड़ी चेतावनी। Image: Shutterstock
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे तीखा और बड़ा हमला बोला है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की मिलिट्री पूरी तरह से तबाह हो चुकी है और उसे बुरी तरह हराया जा चुका है। इसके साथ ही उन्होंने ईरानी लीडरशिप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ एक बेहतरीन डील करने का मौका गंवाने के लिए अब ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में पहले से ही जारी भू राजनैतिक संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान की सैन्य ताकत का मजाक उड़ाते हुए उसे पूरी तरह से नाकाम बताया है। ट्रंप ने लिखा कि ईरान की मिलिट्री पूरी तरह से कबाड़ हो चुकी है। उसकी नेवी और एयर फोर्स जैसी बड़ी सैन्य शाखाओं का अब कोई वजूद ही नहीं बचा है क्योंकि उन्हें पूरी तरह से शिकस्त दी जा चुकी है। ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे लिखा कि ईरान सिर्फ बड़ी बड़ी बातें करता है लेकिन एक्शन के मामले में वह बिल्कुल नाकाम है। मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा बुली यानी डराने वाला अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। ट्रंप ने इसके लिए ईरान की ढुलमुल नीति को जिम्मेदार ठहराया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पूरे सैन्य और राजनैतिक संकट को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच रुकी हुई बातचीत से भी जोड़ा है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के नेताओं ने अमेरिका के साथ समझौता करने में बहुत लंबा समय लगा दिया। अगर वे समय पर बातचीत कर लेते तो यह उनके देश के लिए एक बहुत ही शानदार डील साबित हो सकती थी। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है और समझौता करने का बेहतरीन मौका ईरान के हाथ से निकल गया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बातचीत में इतनी बड़ी देरी करने की वजह से अब ईरान को इसका बहुत बड़ा अंजाम भुगतना होगा।
ट्रंप के इस जोरदार हमले से ठीक पहले ईरान की तरफ से भी एक बड़ा बयान सामने आया था। ईरान ने एलान किया है कि वह हाल ही में ईरानी ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद वॉशिंगटन के साथ होने वाली बातचीत के फ्यूचर की दोबारा समीक्षा कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिका पर डिप्लोमेसी यानी कूटनीति को कमजोर करने का सीधा आरोप लगाया है। बाघेई ने कहा कि अमेरिका एक तरफ तो बातचीत की बात करता है और दूसरी तरफ लगातार हमले कर रहा है। अमेरिका का यह दोहरा रुख और सीजफायर यानी युद्धविराम के समझौतों का बार बार उल्लंघन करना बातचीत के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट है।
दोनों देशों के बीच यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान ने कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिका के एक अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिकी मिलिट्री ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के एयर डिफेंस और निगरानी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे। अमेरिका के इन हमलों से भड़के ईरान ने भी पलटवार किया और जॉर्डन व बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि ट्रंप पिछले कई हफ्तों से दावा कर रहे थे कि दोनों देशों के बीच एक बड़ा समझौता होने वाला है, लेकिन जमीनी हकीकत में दोनों देशों के बीच जंग और गतिरोध लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख