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4 min read | अपडेटेड April 15, 2026, 10:12 IST
सारांश
Propshare Celestia का IPO 16 अप्रैल को बंद होने जा रहा है। पहले दिन इस इश्यू को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है, जहां NII कैटेगरी में जबरदस्त उत्साह दिखा। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल नई प्रॉपर्टी खरीदने और बिजनेस को बढ़ाने में करेगी। रियल एस्टेट में निवेश करने वालों के लिए यह एक अच्छा मौका है।

रियल एस्टेट मार्केट में निवेश के लिए तैयार Propshare Celestia का नया आईपीओ।
भारतीय शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुल रहे हैं और इसी कड़ी में Propshare Celestia का IPO निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अगर आप भी प्रॉपर्टी में पैसा लगाकर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो आपके पास 16 तारीख तक का समय है। यह आईपीओ पहले ही दिन निवेशकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहा है, खासकर बड़े निवेशकों के बीच इसका काफी क्रेज देखा जा रहा है। बाजार में इस तरह के निवेश के विकल्पों को लेकर काफी सकारात्मक माहौल बना हुआ है, क्योंकि यह सीधे तौर पर रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ से जुड़ने का मौका देता है।
Property Share Investment Trust दरअसल एक रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट है जिसे SM REIT के तौर पर जाना जाता है। आसान भाषा में कहें तो यह कंपनी बड़ी-बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टीज, जैसे शानदार ऑफिस स्पेस और बड़े टेक पार्क में निवेश करती है। आम तौर पर एक आम आदमी के लिए करोड़ों की कीमत वाली ऑफिस बिल्डिंग खरीदना मुमकिन नहीं होता, लेकिन इस कंपनी के जरिए आप बहुत छोटे अमाउंट से भी ऐसी बड़ी प्रॉपर्टी में हिस्सेदार बन सकते हैं। Propshare Celestia का फोकस खास तौर पर उन प्रॉपर्टीज पर है जो पहले से किराए पर चढ़ी हुई हैं, ताकि निवेशकों को शुरू से ही रेंटल इनकम का फायदा मिल सके। यह मॉडल उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो हर महीने बिना किसी झंझट के कमाई करना चाहते हैं।
आईपीओ के पहले दिन यानी 13 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे तक के आंकड़ों को देखें तो इसे कुल मिलाकर 0.79 गुना सब्सक्राइब किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा उत्साह NII यानी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में दिखा, जहां यह हिस्सा 2.66 गुना भर चुका है। वहीं QIB कैटेगरी में अभी तक 0.17 गुना सब्सक्रिप्शन देखने को मिला है। रिटेल निवेशकों ने भी इसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई है और उम्मीद है कि आने वाले दो दिनों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा। बड़े निवेशकों का भरोसा यह बताता है कि आने वाले समय में इस सेक्टर में काफी पोटेंशियल है। जैसे-जैसे क्लोजिंग डेट करीब आएगी, इसमें निवेश की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
किसी भी कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि वह इस फंड का क्या करेगी। कंपनी ने साफ किया है कि वह इस आईपीओ से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल नई प्रॉपर्टीज को खरीदने में करेगी। इसके अलावा कंपनी अपने ऑपरेशनल खर्चे और बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए इस फंड का उपयोग करेगी। इससे कंपनी का फ्यूचर पोर्टफोलियो मजबूत होगा और ऑपरेशन से रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य है कि वह अपने निवेशकों को लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न और रेगुलर इनकम दे सके। इससे कंपनी की ओवरऑल वैल्यू बढ़ेगी और निवेशकों को भी इसका सीधा फायदा होगा।
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी की बात करें तो पिछले 17 दिनों के ट्रेंड के मुताबिक इसमें कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक लिस्टिंग नहीं हो जाती, तब तक जीएमपी इसी तरह के स्थिर ट्रेंड को फॉलो कर सकता है। हालांकि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर इस पर पड़ सकता है, लेकिन कंपनी की मजबूत बैकग्राउंड और रियल एस्टेट सेक्टर की डिमांड को देखते हुए इसे एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है।
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