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  1. Cement से लेकर Steel और फर्टिलाइजर तक... इन 13 कंपनियों में प्रमोटर ने मार्च तिमाही में बढ़ाई है हिस्सेदारी

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Cement से लेकर Steel और फर्टिलाइजर तक... इन 13 कंपनियों में प्रमोटर ने मार्च तिमाही में बढ़ाई है हिस्सेदारी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड May 06, 2026, 14:17 IST

सारांश

शेयर बाजार में प्रमोटर्स की बढ़ती हिस्सेदारी को हमेशा एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है। मार्च 2026 की तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडस टावर्स और गोदरेज एग्रोवेट समेत 13 दिग्गज कंपनियों के प्रमोटर्स ने अपने ही शेयरों में निवेश बढ़ाया है।

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शेयर बाजार में प्रमोटर्स द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाने से निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

शेयर बाजार में जब किसी कंपनी के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे एक बहुत ही पॉजिटिव संकेत माना जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी के मालिकों को अपने बिजनेस के फ्यूचर पर पूरा भरोसा है और उन्हें लगता है कि उनके शेयर की कीमत अभी कम है या भविष्य में बड़ी बढ़त आने वाली है। मार्च 2026 की तिमाही के जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें 13 ऐसी कंपनियां हैं जहां प्रमोटर्स ने अपने ही स्टॉक्स में निवेश बढ़ाया है। इन कंपनियों में सीमेंट, स्टील, फर्टिलाइजर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग सेक्टर के बड़े नाम शामिल हैं।

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लिस्ट में ये कंपनियां हैं शामिल

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़ना अक्सर यह इशारा करता है कि कंपनी के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है और आने वाले दिनों में ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बेहतर हो सकती है। इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट का है। यहां प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 59.29 पर्सेंट से बढ़कर 59.33 पर्सेंट हो गई है। अल्ट्राटेक सीमेंट भारत की सबसे बड़ी सीमेंट बनाने वाली कंपनी है और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इसकी पकड़ बहुत मजबूत है। कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे भी काफी शानदार रहे हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट का मार्च तिमाही में कुल रेवेन्यू 11.86 पर्सेंट बढ़कर 25,799 करोड़ रुपये रहा है। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 21 पर्सेंट के उछाल के साथ 3,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।

लिस्ट में दूसरा बड़ा नाम टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी इंडस टावर्स का है। यहां प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी 51.03 पर्सेंट से बढ़ाकर 51.26 पर्सेंट कर ली है। इंडस टावर्स मुख्य रूप से मोबाइल टावर लगाने और उनके मेंटेनेंस का काम करती है और इसके पास देश का सबसे बड़ा टावर नेटवर्क है। अगर इसके नतीजों पर नजर डालें तो चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 4.83 पर्सेंट बढ़कर 8,101 करोड़ रुपये रहा है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,792.9 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

गोदरेज एग्रोवेट और केपीआई ग्रीन का कमाल

एग्रो और फूड सेक्टर की दिग्गज कंपनी गोदरेज एग्रोवेट में भी प्रमोटर्स ने अपना भरोसा जताया है और अपनी हिस्सेदारी 67.65 पर्सेंट से बढ़ाकर 67.74 पर्सेंट कर दी है। यह कंपनी पशु आहार, डेयरी, पोल्ट्री और फसल सुरक्षा जैसे कई बिजनेस से जुड़ी हुई है। चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2,332 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.33 पर्सेंट ज्यादा है। हालांकि सबसे बड़ी बात कंपनी का नेट प्रॉफिट है, जिसमें 48.14 पर्सेंट की भारी बढ़त देखी गई है और यह 104.85 करोड़ रुपये रहा है। इसी तरह रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी केपीआई ग्रीन एनर्जी में भी प्रमोटर्स का हिस्सा 49.25 पर्सेंट से बढ़कर 49.49 पर्सेंट हो गया है। कंपनी ने इस तिमाही में 662.86 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 125.80 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी से आगे बढ़ रही है।

अलग-अलग सेक्टर की दिग्गज कंपनियां भी शामिल

लिस्ट में कल्पतरु प्रोजेक्ट्स का भी नाम है जो इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर ट्रांसमिशन के काम में माहिर है। स्टील सेक्टर की दिग्गज कंपनी गैलेंट इस्पात और महाराष्ट्र सीमलेस में भी प्रमोटर्स ने निवेश बढ़ाया है। महाराष्ट्र सीमलेस मुख्य रूप से तेल और गैस पाइप बनाने का काम करती है और इसका बिजनेस मॉडल काफी मजबूत माना जाता है। फर्टिलाइजर सेक्टर की बात करें तो चंबल फर्टिलाइजर्स और पारादीप फॉस्फेट्स में भी प्रमोटर्स का हिस्सा बढ़ा है। चंबल फर्टिलाइजर्स मुख्य रूप से यूरिया और अन्य खाद बनाती है, जिसकी डिमांड खेती के सीजन में काफी ज्यादा रहती है।

लिस्ट में जेएम फाइनेंशियल और हेल्थकेयर ग्लोबल जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। जेएम फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के बिजनेस में है, जबकि हेल्थकेयर ग्लोबल कैंसर केयर अस्पतालों की एक बड़ी चैन चलाती है। इनके अलावा एफएमसीजी सेक्टर की कंपनी क्यूपिड लिमिटेड, जो कंडोम और मेडिकल डायग्नोस्टिक किट बनाती है, वहां भी प्रमोटर्स ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वहीं ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स बनाने वाली एचईजी लिमिटेड में भी हिस्सेदारी बढ़ाई गई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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