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  1. 60 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुके हैं आज बंद होने वाले दोनों आईपीओ, निवेश से पहले देख लें डीटेल

मार्केट न्यूज़

60 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुके हैं आज बंद होने वाले दोनों आईपीओ, निवेश से पहले देख लें डीटेल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड September 01, 2026, 14:28 IST

सारांश

प्राइमरी मार्केट में आज 1 सितंबर को दो बड़े आईपीओ प्रायरिटी जेवल्स और ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन दांव लगाने के लिए बंद हो रहे हैं। आखिरी दिन दोनों आईपीओ में निवेशकों की तरफ से बंपर सबस्क्रिप्शन देखने को मिला है। प्रायरिटी जेवल्स 70 गुना से ज्यादा और ईएसडीएस सॉफ्टवेयर 67 गुना भर चुका है।

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प्राइमरी मार्केट में आज 1 सितंबर 2026 को प्रायरिटी जेवल्स और ईएसडीएस सॉफ्टवेयर के आईपीओ में दांव लगाने का आखिरी दिन है। | Image: Shutterstock

प्राइमरी मार्केट में आज 1 सितंबर 2026 को दो बड़े मेनबोर्ड आईपीओ में दांव लगाने का आखिरी दिन है। इनमें पहला आईपीओ जेम एंड ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी प्रायरिटी जेवल्स लिमिटेड का है, जबकि दूसरा आईपीओ क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन लिमिटेड का है। तीन दिनों की बिडिंग में आखिरी दिन दोनों ही आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। प्रायरिटी जेवल्स का आईपीओ कुल 70.55 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जबकि ESDS सॉफ्टवेयर का आईपीओ 67.01 गुना भरा है। अगर आप भी आखिरी समय में इनमें से किसी आईपीओ में पैसे लगाने का सोच रहे हैं, तो दोनों कंपनियों के सबस्क्रिप्शन डेटा, बिजनेस मॉडल, फंड यूज प्लान और रिस्क फैक्टर्स को समझना बहुत जरूरी है।

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प्रायरिटी जेवल्स आईपीओ का सबस्क्रिप्शन शानदार

प्रायरिटी जेवल्स लिमिटेड का यह आईपीओ कुल 91.50 करोड़ रुपये का है, जिसके लिए 190 रुपये से 200 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। यह पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों का है। सबस्क्रिप्शन आंकड़ों की बात करें तो आखिरी दिन दोपहर तक गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई की कैटेगरी में सबसे ज्यादा 118.67 गुना बोलियां मिली हैं। रिटेल कैटेगरी में यह आईपीओ 85.17 गुना सब्सक्राइब हुआ है, जबकि क्यूआईबी हिस्से में 8.90 गुना सबस्क्रिप्शन दर्ज किया गया है। साल 2008 में स्थापित प्रायरिटी जेवल्स सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनों की मैन्युफैक्चरिंग और होलसेल सप्लाई का बिजनेस करती है। कंपनी के पास बड़े और रिटेल ज्वेलर्स का मजबूत नेटवर्क है।

प्रायरिटी जेवल्स का फंड यूज और रिस्क फैक्टर्स

कंपनी आईपीओ से जुटाए जाने वाले 91.50 करोड़ रुपये में से लगभग 75 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल अपने वर्किंग कैपिटल लोन को चुकाने में करेगी, जबकि बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 539.03 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 17.65 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस कंपनी में कुछ बड़े रिस्क फैक्टर्स भी शामिल हैं। कंपनी का कस्टमर कंसंट्रेशन काफी ज्यादा है, जहां टॉप 10 ग्राहकों से 53.19% रेवेन्यू आता है। इसके अलावा सोने और हीरे की कीमतों में उतार-चढ़ाव, 3.27% का कम नेट प्रॉफिट मार्जिन और हालिया तिमाही नतीजों में आई गिरावट कंपनी के लिए बड़े रिस्क हैं।

ESDS सॉफ्टवेयर आईपीओ का गणित और बिजनेस

दूसरी तरफ ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का आईपीओ कुल 720 करोड़ रुपये का है। यह पूरा इश्यू भी फ्रेश शेयरों का है, जिसके लिए 408 रुपये से 429 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है। आखिरी दिन दोपहर तक एनआईआई हिस्से में बंपर 165.77 गुना सबस्क्रिप्शन मिला है। इसके अलावा क्यूआईबी कैटेगरी में 49.92 गुना और रिटेल हिस्से में 34.46 गुना बोलियां दर्ज हुई हैं। साल 2005 में शुरू हुई ईएसडीएस सॉफ्टवेयर क्लाउड सेवाओं, डेटा सेंटर और मैनेज्ड सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस देने वाली भारत की प्रमुख कंपनी है। कंपनी के पास ऐरोली, बेंगलुरु, मोहाली और नासिक में चार बड़े डेटा सेंटर मौजूद हैं और इसके पास वर्टिकल ऑटो-स्केलिंग टेक्नोलॉजी का पेटेंट भी है।

ESDS सॉफ्टवेयर का फंड यूज और रिस्क फैक्टर्स

ईएसडीएस सॉफ्टवेयर आईपीओ से मिलने वाले 720 करोड़ रुपये में से 576 करोड़ रुपये की बड़ी रकम अपने डेटा सेंटर्स के इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट्स को अपग्रेड करने पर खर्च करेगी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 472.21 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 120.82 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। रिस्क फैक्टर्स की बात करें तो कंपनी का टॉप 10 ग्राहकों पर 45.36% रेवेन्यू निर्भर है और 27.37% रेवेन्यू सरकारी प्रोजेक्ट्स से आता है। इसके अलावा 96% से ज्यादा करंट एसेट्स बैंकों के पास गिरवी हैं, क्रेडिट पीरियड लंबा है और डेटा सुरक्षा या साइबर अटैक का खतरा कंपनी के बिजनेस के लिए बड़ा रिस्क माना जाता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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