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Piramal Finance ने ₹2,100 करोड़ का QIP किया पूरा, अब ₹1,750 करोड़ के Warrants का प्लान

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड August 31, 2026, 09:45 IST

सारांश

आज सुबह मार्केट खुलने के बाद पीरामल फाइनेंस के शेयर ग्रीन में ट्रेड होते नजर आए। कंपनी के मुताबिक, QIP को घरेलू और इंटरनेशनल संस्थागत निवेशकों से मजबूत रिऐक्शन मिला है। इसमें कई बड़े म्यूचुअल फंड्स के साथ ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स जैसे ग्लोबल इन्वेस्टरों ने भी हिस्सा लिया।

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पीरामल फाइनेंस QIP

पीरामल फाइनेंस ने QIP से जुटाए 2100 करोड़ रुपये (Photo: Shutterstock)

पीरामल फाइनेंस ने अपना कैपिटल मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कुल करीब 3,850 करोड़ रुपये का कैपिटल जुटाने के प्रोग्राम का ऐलान किया है। इसमें 2,100 करोड़ रुपये का क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशन्स प्लेसमेंट यानी QIP सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जबकि करीब 1,750 करोड़ रुपये के प्रेफरेंशियल वारंट जारी करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका असर पीरामल फाइनेंस के शेयरों पर भी दिख रहा है। आज सुबह मार्केट खुलने के बाद पीरामल फाइनेंस के शेयर ग्रीन में ट्रेड होते नजर आए। कंपनी के मुताबिक, QIP को घरेलू और इंटरनेशनल संस्थागत निवेशकों से मजबूत रिऐक्शन मिला है। इसमें कई बड़े म्यूचुअल फंड्स के साथ ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स जैसे ग्लोबल इन्वेस्टरों ने भी हिस्सा लिया। यह भागीदारी पीरामल फाइनेंस के रिटेल-फोकस्ड और विविध फाइनेंशियल सर्विसेज के कारोबार में निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।

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2,100 करोड़ रुपये का QIP सफल

पीरामल फाइनेंस ने QIP के जरिए 99,52,606 इक्विटी शेयर 2,110 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए। इससे कंपनी ने करीब 2,100 करोड़ रुपये जुटाए। QIP 24 अगस्त को खुला था और 28 अगस्त 2026 को बंद हुआ। इस इश्यू के बाद कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल करीब 45.34 करोड़ रुपये से बढ़कर 47.33 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा 24 अगस्त को कंपनी के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप की एक यूनिट को करीब 1,750 करोड़ रुपये के प्रेफरेंशियल वारंट्स जारी करने को मंजूरी दी थी। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों और संबंधित वैधानिक एवं नियामकीय मंजूरियों की जरूरत होगी। इन दोनों लेनदेन के सफलतापूर्वक पूरे होने पर कंपनी में करीब 3,850 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इक्विटी कैपिटल आएगी।

पूंजी का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी के अनुसार, इस कैपिटल जुटाने का उद्देश्य बैलेंस शीट और कैपिटल बेस को मजबूत करना है। इससे कंपनी को अपने अगले चरण के रिटेल-लेड ग्रोथ को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा वित्तीय क्षमता मिलेगी। पीरामल फाइनेंस डाइवर्सिफाइड रिटेल और ग्रैनुलर होलसेल लेंडिंग में अनुशासित तरीके से विस्तार करने के साथ मजबूत कैपिटल बफर और प्रुडेंट रिस्क प्रोफाइल बनाए रखने पर जोर दे रही है।

कंपनी का कहना है कि उसका बिजनेस मॉडल ‘हाइ टेक+ हाइ टच’ रणनीति पर आधारित है। इसमें फिजिकल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ टेक्नोलॉजी, डेटा और एआई कैपेबिलिटीज का इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी के अनुसार इससे एग्जिक्यूशन, रिस्क मैनेजमेंट और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

60 लाख से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच

पीरामल फाइनेंस एक रिटेल-लेड अपर लेयर एनबीएफसी है और इसका कारोबार देशभर में फैला हुआ है। 30 जून 2026 तक कंपनी का AUM 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था और यह 26 राज्यों में 60 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा दे चुकी थी। कंपनी की फिजिकल रीच 13,000 से ज्यादा पिन कोड्स तक है।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

3,850 करोड़ रुपये का प्रस्तावित कैपिटल इन्फ्यूजन पीरामल फाइनेंस के ग्रोथ एंबिशन्स को मजबूत कर सकता है। ज्यादा पूंजी कंपनी को लेंडिंग बिजनेस बढ़ाने के साथ-साथ जोखिमों के मुकाबले बेहतर कैपिटल कुशन रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, पूंजी बढ़ने के बाद भी निवेशकों के लिए एसेट क्वॉलिटी, लोन ग्रोथ, प्रॉफिबिलिटी, बॉरोइंग कॉस्ट और क्रेडिट रिस्क जैसे संकेतकों पर नजर रखना जरूरी रहेगा। फिलहाल कंपनी ने इस पूंजी जुटाने को रिटेल-लेड-ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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