मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड November 14, 2025, 10:01 IST
सारांश
Pine Labs IPO Listing: पाइन लैब्स आईपीओ आज 14 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो गया है। इश्यू को रिटेल में 1.27 गुना और QIB में 3.97 गुना बोलियां मिलीं। कंपनी ने 221 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पैसे जुटाए थे।

फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स की आज शेयर बाजार में लिस्टिंग है।
Pine Labs IPO Listing: फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स की आज 9.5% के प्रीमियम पर शेयर बाजार में लिस्टिंग हो गई है। यह 221 रुपये इश्यू प्राइस के मुकाबले 242 रुपये पर लिस्ट हुआ है। 1998 में शुरू हुई यह कंपनी मर्चेंट कॉमर्स प्लेटफॉर्म में एक बड़ा नाम है, जो दुकानों पर प्वाइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनें, पेमेंट प्रोसेसिंग और व्यापारियों को फाइनेंस (लोन) जैसी सेवाएं देती है। आज बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी की 'ग्रोथ' का यह 'लैब' निवेशकों को लिस्टिंग पर कितना मुनाफा देता है।
पाइन लैब्स का यह आईपीओ 7 नवंबर को खुला था और 11 नवंबर को बंद हुआ था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए बाजार से 3,899.91 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का कॉम्बिनेशन था। इसमें 2,080.00 करोड़ रुपये के नए शेयर (फ्रेश इश्यू) जारी किए गए, जिसका पैसा कंपनी के पास जाएगा। वहीं, 1,819.91 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा निवेशकों द्वारा (ऑफर फॉर सेल) बेचे गए।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 221.00 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया था। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 67 शेयर रखे गए थे, जिसके लिए न्यूनतम 14,807 रुपये का निवेश जरूरी था। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को भी 1,25,000 शेयरों का आरक्षण दिया, जो उन्हें इश्यू प्राइस से 21.00 रुपये के डिस्काउंट पर ऑफर किए गए।
पाइन लैब्स के इस बड़े इश्यू को निवेशकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। 11 नवंबर को बंद होने तक, यह आईपीओ कुल 2.48 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई और उनका कोटा 3.97 गुना भरा। वहीं, रिटेल यानी छोटे निवेशकों का हिस्सा 1.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। हालांकि, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की तरफ से प्रतिक्रिया ठंडी रही और उनका कोटा सिर्फ 0.30 गुना (यानी 30 प्रतिशत) ही भर पाया।
पाइन लैब्स सिर्फ एक पीओएस मशीन कंपनी नहीं है, बल्कि यह व्यापारियों, कंज्यूमर ब्रांड्स और बैंकों को जोड़ने वाला एक पूरा इकोसिस्टम है। कंपनी स्मार्ट पीओएस डिवाइस देती है, जो क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, मोबाइल वॉलेट और 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) जैसी सभी पेमेंट एक्सेप्ट करती हैं। यह व्यापारियों को वर्किंग कैपिटल लोन और लॉयल्टी प्रोग्राम जैसी वैल्यू-एडेड सेवाएं भी देती है।
30 जून 2025 तक, कंपनी के साथ 9.88 लाख से ज्यादा व्यापारी, 716 कंज्यूमर ब्रांड और 177 बैंक और वित्तीय संस्थान जुड़े हुए थे। इसके बड़े ग्राहकों में अमेजन पे, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्लिपकार्ट, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी की असली ताकत इसका क्लाउड-आधारित स्केलेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म और इन बड़े संस्थानों के साथ गहरी साझेदारी है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो एक दिलचस्प मोड़ दिखता है। वित्त वर्ष 2024 (मार्च 31, 2024) और 2025 (मार्च 31, 2025) के बीच कंपनी का रेवेन्यू 28% बढ़ा है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने अपने घाटे को तेजी से कम किया है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी को 341.90 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो वित्त वर्ष 2025 में घटकर 145.49 करोड़ रुपये रह गया।
इससे भी बेहतर सिग्नल वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (30 जून 2025) में मिला, जब कंपनी घाटे से निकलकर 4.79 करोड़ रुपये के मुनाफे (PAT) में आ गई। हालांकि, इस मजबूत वित्तीय सुधार के बावजूद, आज लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में कंपनी का प्रदर्शन फीका है। आज सुबह 7:53 बजे तक, पाइन लैब्स का आखिरी ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) सिर्फ 5.5 रुपये चल रहा था। 221 रुपये के इश्यू प्राइस के हिसाब से, यह 2.49% के मामूली लाभ का संकेत दे रहा है। यानी, पाइन लैब्स के शेयर 226.5 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख
Ex-Dividend Date vs Record Date
What is the Nifty Construction Index? Constituents, Historical Performance, and Selection Criteria
Difference Between REITs and InvITs
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs