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  1. Paytm ने फर्स्ट गेम्स में अपनी हिस्सेदारी 55% से 82.6% तक बढ़ाई, क्या हैं इसके मायने, शेयरों में हलचल

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Paytm ने फर्स्ट गेम्स में अपनी हिस्सेदारी 55% से 82.6% तक बढ़ाई, क्या हैं इसके मायने, शेयरों में हलचल

Namita Shukla

2 min read | अपडेटेड April 17, 2026, 09:55 IST

सारांश

Paytm Shares: पेटीएम की सब्सिडियरी फर्स्ट गेम्स टेक्नॉलिजी प्राइवेट लिमिटेड (FGTPL) पहले ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग का काम करती थी, लेकिन 25 अगस्त 2025 से नए नियमों के तहत यह बिजनेस बंद कर दिया गया।

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पेटीएम शेयर

पेटीएम शेयरों में क्यों दिख रही तेजी?

Paytm Shares: पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन्स लिमिटेड ने फर्स्ट गेम्स टेक्नॉलिजी प्राइवेट लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। पेटीएम की सब्सिडियरी फर्स्ट गेम्स टेक्नॉलिजी प्राइवेट लिमिटेड (FGTPL) पहले ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग का काम करती थी, लेकिन 25 अगस्त 2025 से नए नियमों के तहत यह बिजनेस बंद कर दिया गया। दरअसल सट्टेबाजी पर लगाम कसने के इरादे से सरकार ने यह फैसला लिया। पेटीएम ने FGTPL को 197 करोड़ रुपये का लोन दिया था, जिसे अब उसने शेयरों (इक्विटी) में बदल दिया है। जिसके तहत पेटीएम को कंपनी के 19.67 करोड़ शेयर मिलेंगे और इसका असर पेटीएम की इस कंपनी में हिस्सेदारी पर पड़ रहा है।

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शेयरों पर असर

इसका असर आज पेटीएम के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है। पेटीएम के शेयरों में शुरुआती सेशन में .5% यानी कि करीब 10 रुपये के आस-पास की तेजी देखने को मिली। जिसके बाद कंपनी के शेयर 1,158 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड होते दिखे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में पेटीएम ने कहा कि FGTPL में पहले कंपनी की हिस्सेदारी 55% थी, जो अब बढ़कर 82.6% हो गई है।

कुछ जरूरी बातें

Paytm पहले ही इस निवेश को नुकसान मान चुका था इसलिए इस परिवर्तन का फाइनेंशियल इम्पैक्ट (प्रॉफिट/नुकसान) पर असर जीरो होगा।

लोन बिजनेस में Default Loss Guarantee (DLG) पेटीएम लोन्स खुद नहीं देता, बल्कि पार्टनर के जरिए देता है, यहां पार्टनर Piramal Finance Limited है।

क्या है DLG?

पेटीएम ने कहा है कि अगर कुछ कस्टमर्स लोन वापस नहीं करते, तो वह 90 करोड़ रुपये तक का नुकसान खुद उठाएगा। आसान भाषा में कहें तो पेटीएम बैंक/NBFC को भरोसा दे रहा है कि ‘अगर कस्टमर डिफॉल्ट करेगा, तो हम कुछ हिस्सा भर देंगे।’

क्या हो सकता है इसका असर?

इसका असर पेटीएम को समय के साथ 90 करोड़ रुपये तक का खर्च उठाना पड़ सकता है, लेकिन यह उनकी मौजूदा लोन डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति का हिस्सा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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