मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड April 27, 2026, 10:14 IST
सारांश
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के उल्लंघन के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस खबर के बाद आज सोमवार को पेटीएम के शेयरों में करीब 8 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखी गई। हालांकि, पेटीएम का कहना है कि इस फैसले का उसके मुख्य बिजनेस और फाइनेंशियल हालत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
शेयर सूची

आरबीआई के फैसले के बाद पेटीएम के शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
शेयर बाजार में आज हफ्ते के पहले दिन पेटीएम के निवेशकों के लिए खबर अच्छी नहीं रही। वन 97 कम्युनिकेशंस यानी पेटीएम के शेयर की कीमतों में आज करीब 8 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखी गई है। यह शेयर टूटकर 1,054 रुपये के करीब पहुंच गया है। इस गिरावट के पीछे की बड़ी वजह आरबीआई का वह फैसला है, जिसमें उन्होंने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया है। बाजार में इस खबर के आते ही निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर की कीमत धड़ाम से नीचे आ गई। हालांकि थोड़ी देर बाद यानी 10 बजे के करीब इसमें वापस से खरीदारी देखी गई और यह शेयर दिन के निचले लेवल से 4 फीसदी रिकवर हो गया।
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। आरबीआई का कहना है कि यह बैंक नियमों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा था और इसके कामकाज के तरीके जमाकर्ताओं के हितों के लिए ठीक नहीं थे। केंद्रीय बैंक ने पाया कि बैंक उन शर्तों को पूरा करने में फेल रहा है जो पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस के वक्त तय की गई थीं। इसके तुरंत बाद शनिवार यानी 25 अप्रैल को पेटीएम के बोर्ड ने बैंक को बंद करने यानी वाइंडिंग अप करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब आरबीआई की इजाजत के साथ बैंक को पूरी तरह बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इस पूरी खबर के बीच पेटीएम ने निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की है। नोएडा स्थित इस फिनटेक कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में साफ किया है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द होने से उनके बिजनेस पर कोई आर्थिक असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि बैंक एक अलग यूनिट के तौर पर काम करता है और इसमें पेटीएम के बोर्ड या मैनेजमेंट का कोई दखल नहीं है। पेटीएम ने पहले ही कह दिया था कि उनका पेमेंट्स बैंक के साथ कोई बड़ा बिजनेस अरेंजमेंट नहीं है। इसके अलावा कंपनी ने 31 मार्च 2024 को ही बैंक में किए गए अपने निवेश की वैल्यू को जीरो मान लिया था, इसलिए अब इस फैसले से कंपनी को कोई नया आर्थिक नुकसान नहीं होने वाला है।
पेटीएम ने यह भी साफ किया है कि जो लोग पेटीएम एप का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कंपनी की सभी सर्विस जैसे पेटीएम यूपीआई, पेटीएम क्यूआर कोड, साउंडबॉक्स और कार्ड मशीन पहले की तरह ही काम करती रहेंगी। पेटीएम गोल्ड और पेटीएम मनी जैसी सर्विस भी चालू रहेंगी क्योंकि ये सीधे तौर पर बैंक के साथ पार्टनरशिप में नहीं हैं। कंपनी का कहना है कि उनकी सभी सर्विस अब दूसरे बैंकों के साथ मिलकर चल रही हैं, इसलिए ग्राहकों के लिए ऑपरेशन में कोई रुकावट नहीं आएगी। कंपनी ने दोहराया है कि वह रेगुलेटरी नियमों का पूरा पालन कर रही है।
बाजार के जानकारों और ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने इस मामले पर अपनी राय दी है। उनका कहना है कि इस फैसले से पेटीएम के लिए भविष्य में नए रास्ते खुल सकते हैं। बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बाद अब पेटीएम नए रेगुलेटरी लाइसेंस जैसे एनबीएफसी या पीपीआई के लिए अप्लाई कर सकता है। इससे कंपनी को अपने पेमेंट प्रोडक्ट्स और क्रेडिट बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिलेगी। अब पेटीएम और पेमेंट्स बैंक के बीच सब कुछ साफ हो गया है, जिससे कंपनी के कोर बिजनेस को मजबूती मिल सकती है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि कंपनी अब एक नए सिरे से अपने ऑपरेशन को आगे बढ़ाएगी और नए मार्केट मौकों का फायदा उठाएगी।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख
What Is the Face Value of a Share?
What is Free Float Market Capitalisation? Meaning & Formula
What Is RBI MPC? Meaning, Members, Functions & Role
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs