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  1. Nifty Metal आज 4% से ज्यादा टूटा, 1 महीने में आ चुकी है 9% की गिरावट, क्या है वजह?

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Nifty Metal आज 4% से ज्यादा टूटा, 1 महीने में आ चुकी है 9% की गिरावट, क्या है वजह?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 23, 2026, 14:28 IST

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सारांश

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट Hindustan Copper और SAIL के शेयरों में है और ये करीब 7 फीसदी टूट गए हैं। इसके अलावा Jindal Steel में भी 6 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है। NMDC और Vedanta का शेयर भी 5 फीसदी से ज्यादा गिर गया है।

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Metal Stocks

Metal Stocks: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने मेटल शेयरों में बिकवाली को बढ़ा दिया है।

Nifty Metal: मेटल शेयरों में आज 23 मार्च को जमकर बिकवाली हो रही है। इसके चलते Nifty Metal इंडेक्स आज 4.65 फीसदी टूटकर 10882.55 के स्तर पर आ गया है। पिछले एक महीने में यह इंडेक्स करीब 9 फीसदी नीचे आ चुका है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध से तेल और ऊर्जा सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है, जिससे पूरे शेयर बाजार में डर का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक रिस्क वाले सेक्टर जैसे मेटल से पैसा निकालने लगते हैं, इसलिए ये शेयर तेजी से गिरते हैं।
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इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट Hindustan Copper और SAIL के शेयरों में है और ये करीब 7 फीसदी टूट गए हैं। इसके अलावा Jindal Steel में भी 6 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है। NMDC और Vedanta का शेयर भी 5 फीसदी से ज्यादा गिर गया है। Hindustan Zinc, Adani Enterprises, National Aluminium Co, Tata Steel और JSW Steel जैसे शेयरों में भी 4 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी देखी गई।

क्या है इस गिरावट की वजह

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने मेटल शेयरों में बिकवाली को बढ़ा दिया है। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया था, इसलिए अब निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं और पैसा दूसरे सेक्टर में डाल रहे हैं। यानी जो सेक्टर पहले चढ़ रहा था, उसमें अब थोड़ी ठंडक आना सामान्य बात है।

बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें मेटल कंपनियों के लिए बुरी खबर हैं। स्टील और एल्यूमिनियम बनाने में बहुत ज्यादा ऊर्जा लगती है। जब तेल और गैस महंगे होते हैं, तो कंपनियों का खर्च बढ़ जाता है और मुनाफा घट सकता है। इसी डर से भी निवेशक शेयर बेच रहे हैं।

इसके अलावा डॉलर मजबूत हो रहा है और ग्लोबल मांग कम होने का डर भी है। अगर दुनिया में युद्ध या तनाव बढ़ता है, तो फैक्ट्रियां कम प्रोडक्शन करती हैं और मेटल की मांग घट जाती है। इससे मेटल कंपनियों की कमाई पर असर पड़ता है।

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि में तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं है। जैसे ही तनाव कम होगा, मेटल सेक्टर फिर से रिकवर कर सकता है, क्योंकि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण की मांग लगातार बनी हुई है। लेकिन फिलहाल जब तक तेल की कीमत और रुपये की स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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