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  1. Nifty IT: Infosys, TCS समेत सभी शेयर 4% से ज्यादा लुढ़के, 6 महीने में 23% टूटा इंडेक्स, समझिए वजह

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Nifty IT: Infosys, TCS समेत सभी शेयर 4% से ज्यादा लुढ़के, 6 महीने में 23% टूटा इंडेक्स, समझिए वजह

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड May 12, 2026, 13:24 IST

सारांश

आज के कारोबार में सभी बड़ी IT कंपनियों में बिकवाली हो रही है। सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, TCS, HCL Tech, Persistent Systems और LTM जैसे शेयरों में है और ये सभी 4 फीसदी से ज्यादा टूट गए हैं। इसके अलावा Tech Mahindra, Coforge और Wipro का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है।

शेयर सूची

Nifty IT

Nifty IT: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों लगातार नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं।

Nifty IT: आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 12 मई को भारी बिकवाली हो रही है। इसके चलते Nifty IT इंडेक्स करीब 4 फीसदी तक लुढ़ककर 28,126.90 के स्तर पर आ गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे। पिछले 1 महीने में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 8 फीसदी टूट चुका है। वहीं पिछले 6 महीने में इसमें 23 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है।
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बता दें कि IT स्टॉक्स में गिरावट के पीछे कंपनियों की कमजोर कमाई, AI की वजह से आईटी सेवाओं की मांग घटने का डर और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता जैसे फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

आज के कारोबार में सभी बड़ी IT कंपनियों में बिकवाली हो रही है। सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, TCS, HCL Tech, Persistent Systems और LTM जैसे शेयरों में है और ये सभी 4 फीसदी से ज्यादा टूट गए हैं। इसके अलावा Tech Mahindra, Coforge और Wipro का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है।

क्या है इन शेयरों में कमजोरी की वजह?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों लगातार नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं, जिन्होंने IT शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है। OpenAI ने हाल ही में 4 अरब डॉलर से ज्यादा फंडिंग के साथ एक नई AI deployment कंपनी लॉन्च करने का ऐलान किया है, जो कंपनियों को AI बनाने और लागू करने में मदद करेगी। इससे यह डर बढ़ गया है कि जिन सेवाओं से भारतीय आईटी कंपनियां अभी कमाई करती हैं, उनकी मांग धीरे-धीरे कम हो सकती है।

इसके अलावा आज अमेरिकी CPI डेटा आने वाला है, जिससे यह संकेत मिलेगा कि Federal Reserve आगे ब्याज दरों पर क्या फैसला ले सकता है। अगर ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो मंदी का खतरा बढ़ता है और कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च घटा सकती हैं। इसका नुकसान भारतीय आईटी कंपनियों को होता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा दिया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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