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4 min read | अपडेटेड October 12, 2026, 11:10 IST
सारांश
HD Fire Protect IPO: कंपनी का प्रस्तावित IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसके तहत प्रमोटर हरिश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर और कुसुम हरिश धरमशी 1,73,00,800 शेयर तक बेचेंगे।

HD Fire Protect IPO: बिजनेस, कमाई, भविष्य की योजनाएं और जोखिम (Photo: Shutterstock)
प्राइमरी मार्केट में कल यानी कि 13 अक्टूबर से एक नए मेनबोर्ड आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो खुलने जा रहा है, कंपनी का बिजनेस कितना बड़ा है, आईपीओ लाने से पहले कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा है, चलिए इन सब पहलुओं पर एक नजर डालते हैं। HD Fire Protect Limited का IPO फिलहाल चर्चा में बना हुआ है। कंपनी आग से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सिस्टम बनाती है। इसका कारोबार भारत के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केटों में भी फैला है। कंपनी का कारोबार औद्योगिक इकाइयों, तेल एवं गैस, बिजली, डेटा सेंटर, अस्पतालों और कमर्शियल इमारतों जैसे सेक्टरों से जुड़ा है।
HD Fire Protect IPO 712.31 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। यह पूरा इश्यू 712.31 करोड़ रुपये के 2.63 करोड़ शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (ऑफर फॉर सेल) है। HD Fire Protect IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 13 अक्टूबर, 2026 को खुलेगा और 15 अक्टूबर, 2026 को बंद होगा। HD Fire Protect IPO के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर, 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। HD Fire Protect IPO NSE और BSE पर लिस्ट होगा और इसकी संभावित लिस्टिंग डेट 21 अक्टूबर, 2026 तय की गई है।
HD Fire Protect IPO के लिए इश्यू प्राइस बैंड 258 से 271 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 55 शेयर है। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी न्यूनतम निवेश राशि 14,905 रुपये (55 शेयर) है।
HD Fire Protect की शुरुआत 1990 में एक पार्टनरशिप फर्म के रूप में हुई थी। कंपनी को 1997 में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर शामिल किया गया। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में स्प्रिंकलर, डिल्यूज वॉल्व, फोम आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर नोजल, गैस सप्रेशन सिस्टम और कस्टमाइज्ड फायर प्रोटेक्शन सिस्टम शामिल हैं।
कंपनी की महाराष्ट्र के जलगांव और ठाणे में दो मैनुफैक्चरिंग सुविधाएं हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसने 2,066 ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई किए। कंपनी के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026 तक इसके प्रोडक्ट्स 90 से ज्यादा देशों में पहुंच चुके थे। सितंबर 2026 तक कंपनी के पास 21 UL लिस्टेड और 87 FM अप्रूव्ड प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन थे।
आरएचपी के मुताबिक कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2024 में करीब 369.86 करोड़ रुपये से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2025 में 428.43 करोड़ रुपये और फाइनेंशियल ईयर 2026 में 485.41 करोड़ रुपये हो गया। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ करीब 116.79 करोड़ रुपये रहा, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2025 में यह लगभग 109.72 करोड़ रुपये था।
ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, निवेश से पहले कैश फ्लो, मार्जिन, वर्किंग कैपिटल और वैल्यूएशन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कंपनी का प्रस्तावित IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसके तहत प्रमोटर हरिश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर और कुसुम हरिश धरमशी 1,73,00,800 शेयर तक बेचेंगे। कुल ऑफर में 2,62,84,500 शेयर तक शामिल हैं। क्योंकि यह फ्रेश इश्यू नहीं है, इसलिए IPO से मिलने वाली बिक्री की रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले प्रमोटरों को मिलेगी। यानी इस इश्यू के जरिए कंपनी के पास कारोबार विस्तार के लिए सीधे नई पूंजी नहीं आएगी।
कंपनी सऊदी अरब, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य इंटरनेशनल बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर काम कर रही है। सऊदी अरब में स्थानीय कारोबार और बाजार विस्तार के लिए कंपनी ने एक सब्सिडियरी भी बनाई है। ठाणे में नया वेयरहाउस नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई है। कंपनी रिसर्च, डेवलपमेंट और नए फायर प्रोटेक्शन उत्पादों पर भी ध्यान दे रही है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि IPO के बाद शेयर की कीमत घट सकती है। इंटरनेशनल कारोबार, प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों की मांग और वर्किंग कैपिटल से जुड़े जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
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