मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड February 01, 2026, 10:54 IST
सारांश
शेयर बाजार के स्पेशल संडे सेशन में कमोडिटी और मेटल स्टॉक्स में भारी तबाही देखी जा रही है। साल 2020 के बाद एमसीएक्स के शेयरों में यह सबसे बड़ी गिरावट है। हिंदुस्तान जिंक और हिंदुस्तान कॉपर जैसे दिग्गज शेयर 21 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए हैं। वैश्विक दबाव और अमेरिकी फेड रिजर्व में संभावित बदलाव ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है।
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MCX के शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
शेयर बाजार में आज रविवार को बजट 2026 के लिए आयोजित स्पेशल ट्रेडिंग सेशन निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम साबित नहीं हो रहा है। विशेष रूप से मेटल और कमोडिटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में ऐसी बड़ी गिरावट देखी जा रही है, जिसने 2020 के बाद के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के शेयरों में आज सुबह के कारोबार में 20% का लोअर सर्किट लग गया। मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनियों जैसे हिंदुस्तान जिंक और हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में भी 21% से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई है। बजट की मुख्य घोषणाओं से पहले ही मेटल सेक्टर के इस तरह धड़ाम होने से बाजार में हड़कंप मच गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के शेयरों में आज जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना हुआ है। NSE पर MCX का शेयर 537.20 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,148.80 रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। यह गिरावट इतनी तेज और बड़ी थी कि देखते ही देखते शेयर की कीमत 20% तक गिर गई। साल 2020 में आई वैश्विक गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब MCX के शेयरों में एक ही दिन में इतनी बड़ी टूट देखी गई है। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर घबराहट है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में आई भारी गिरावट का असर एक्सचेंज के कामकाज पर पड़ सकता है।
हिंदुस्तान जिंक का शेयर आज 151.60 रुपये की गिरावट के साथ 563.60 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा है, जो करीब 21.20% की गिरावट है। वहीं हिंदुस्तान कॉपर में भी 21.77% की भारी कमी देखी गई और यह 594.55 रुपये के पास पहुंच गया है। इसके अलावा नेशनल एल्युमिनियम कंपनी यानी नाल्को के शेयरों में भी सुबह के सेशन में 17% तक की कमजोरी दर्ज की गई है। बजट पेश होने से ठीक पहले मेटल कंपनियों के भाव इस तरह गिरना बाजार के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
मेटल सेक्टर की इस सामूहिक गिरावट ने पूरे इंडेक्स को नीचे खींच लिया है। निफ्टी मेटल इंडेक्स आज 3.7% से ज्यादा टूट गया है। यह लगातार दूसरा दिन है जब इस इंडेक्स में इतनी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी मेटल इंडेक्स में शामिल 15 में से 14 कंपनियां आज लाल निशान में कारोबार कर रही हैं।
इस महाविनाश के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे संकेत हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा केविन वारश को फेडरल रिजर्व का अगला प्रमुख बनाने की चर्चा ने कमोडिटी बाजार को हिलाकर रख दिया है। निवेशकों का मानना है कि केविन वारश एक सख्त नीति निर्माता हैं और वे महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरों को ऊंचा रख सकते हैं। इस खबर के बाद अमेरिकी डॉलर में जबरदस्त मजबूती आई है, जिसके चलते सोना, चांदी और तांबे जैसी धातुओं की कीमतों में वैश्विक लेवल पर भारी गिरावट आई है। चूंकि भारतीय मेटल कंपनियां सीधे तौर पर वैश्विक कीमतों से जुड़ी होती हैं, इसलिए घरेलू बाजार में भी उनकी जमकर पिटाई हो रही है।
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